बिनोद कुमार शर्मा
653 views • 18 days ago
*🌸मा दुर्गा और वीर हनुमान की कथा🌸*
*एक समय की बात है, जब असुरों का अत्याचार बढ़ गया था। धरती पर अधर्म फैलने लगा था, तब देवताओं ने मां दुर्गा को पुकारा। मां दुर्गा ने अपने सिंह पर सवार होकर असुरों का संहार करना शुरू किया। लेकिन असुरों की सेना बहुत बड़ी थी, और वे बार-बार नए रूप में लौट आते थे।*
*मां दुर्गा ने सोचा – “इन अधर्मियों का नाश अकेले मुझसे नहीं होगा, अब धर्म के रक्षक श्री हनुमान जी को बुलाना होगा।”*
*हनुमान जी उसी समय हिमालय के पास तपस्या में लीन थे। मां दुर्गा प्रकट हुईं और बोलीं —*
*> “पवनपुत्र, धर्म संकट में है, चलो मेरे साथ — अधर्म का अंत करना है।”*
हनुमान जी ने विनम्र होकर कहा —
*> “हे मातेश्वरी! आपकी आज्ञा मेरे लिए ही धर्म है।”*
*दोनों शक्ति और भक्ति का संगम बनकर युद्धभूमि में उतरे।*
*मां दुर्गा के त्रिशूल और हनुमान जी के गदा के प्रहार से पूरा असुर लोक कांप उठा।*
*जहां मां दुर्गा ने शक्ति से राक्षसों को हराया, वहीं हनुमान जी ने भक्ति और बल से असुरों को धराशायी कर दिया।*
*अंत में अधर्म का अंत हुआ और धर्म की विजय हुई।*
*मां दुर्गा ने कहा —*
*> “हनुमान, तुममें न केवल बल है बल्कि मेरी शक्ति का भी अंश है। जो तुम्हारी भक्ति करेगा, उसे मैं सदा आशीर्वाद दूंगी।”*
*हनुमान जी ने कहा —*
*> “मां, आपकी कृपा के बिना मेरा कोई अस्तित्व नहीं। आप ही शक्ति हैं, मैं आपका सेवक।”*
*तभी आकाशवाणी हुई —*
*> “जहां मां दुर्गा की पूजा होगी, वहां हनुमान जी की उपस्थिति अवश्य रहेगी।”*
*🌸ॐ हं हनुमते नमः,ॐ दुं दुर्गाय नमः🌸* #किस्से-कहानी
16 shares

