sn vyas
2K views • 8 days ago
#🎶जय श्री राम🚩 #🙏रामायण🕉
गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में प्रभु श्री राम जी के नाम को असीम शक्तियों का स्त्रोत बताया है।
यह चौपाई हमें यह सिखाती है कि ईश्वर का नाम हर प्रकार के दुखों, कष्टों और विपत्तियों का नाश करने वाला सबसे बड़ा उपाय है।
जब मनुष्य चारों तरफ से समस्याओं से घिर जाता है और उसे कोई रास्ता नजर नहीं आता, तब केवल ईश्वर का स्मरण और उनका पवित्र नाम ही उसे आंतरिक संबल, मानसिक शांति और नई उम्मीद प्रदान करता है।
जब कोई भी व्यक्ति अत्यंत दुखी, पीड़ित या भारी संकट में होकर पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का नाम जपता है, तो उसके सभी बड़े-बड़े संकट दूर हो जाते हैं और वह जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करके सुखी हो जाता है।
चौपाई
जपहिं नामु जन आरत भारी।
मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥
राम भगत जग चारि प्रकारा।
सुकृती चारिउ अनघ उदारा॥
भावार्थ-
(संकट से घबराए हुए) आर्त भक्त नाम जप करते हैं, तो उनके बड़े भारी बुरे-बुरे संकट मिट जाते हैं और वे सुखी हो जाते हैं। जगत् में चार प्रकार के (1-अर्थार्थी - धनादि की चाह से भजनेवाले, 2-आर्त - संकट की निवृत्ति के लिए भजनेवाले, 3-जिज्ञासु - भगवान को जानने की इच्छा से भजनेवाले, 4-ज्ञानी - भगवान को तत्त्व से जानकर स्वाभाविक ही प्रेम से भजनेवाले) रामभक्त हैं और चारों ही पुण्यात्मा, पापरहित और उदार हैं।
91 shares

