ShareChat
click to see wallet page

पाँच पाण्डवों के द्वारा द्रौपदी के गर्भ से पाँच पुत्र उत्पन्न हुए। इनमेंसे युधिष्ठिर के पुत्र का नाम था प्रतिविन्ध्य, भीमसेन का पुत्र था श्रुतसेन, अर्जुन का श्रुतकीर्ति, नकुल का शतानीक और सहदेव का श्रुतकर्मा। इनके सिवा युधिष्ठिर के पौरवी नाम की पत्नी से देवक और भीमसेन के हिडिम्बा से घटोत्कच और काली से सर्वगत नाम के पुत्र हुए। सहदेव के पर्वतकुमारी विजया से सुहोत्र और नकुल के करेणुमती से निरमित्र हुआ। अर्जुन द्वारा नागकन्या उलूपी के गर्भ से इरावान् और मणिपूर नरेश की कन्या से बभ्रुवाहन का जन्म हुआ। बभ्रुवाहन अपने नाना का ही पुत्र माना गया। क्योंकि पहले से ही यह बात तय हो चुकी थी। अर्जुन की सुभद्रा नाम की पत्नी से अभिमन्यु का जन्म हुआ। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/२२/२८-३३ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/22/28-33 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra

248 ने देखा
22 घंटे पहले