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🌿 Haath dekho, jeevan samjho – MBA Pandit Ji
जैसे मिट्टी के बने हुए पदार्थ बनते और बिगड़ते रहते हैं, परन्तु मिट्टी में कोई अदल-बदल नहीं होती - वैसे ही शरीर का तो बनना-बिगड़ना होता ही रहता है; परन्तु आत्मा पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/४/१९ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/4/19 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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मृत प्राणीके लिये आत्मीयजनोंको भूलकर भी रोना नहीं चाहिये। अपितु उसकी सद्गतिके लिये भगवत्स्मरणपूर्वक यथाशक्ति और्ध्वदैहिक क्रिया करनी चाहिये। रोने से जो आँसू आदि निकलते हैं वे ही उस प्राणीको खाने पड़ते हैं- गरुडपुराण/प्रेतखण्ड/१५/५८ कपालक्रियाके अनन्तर ही जोरसे रोनेका शास्त्रने विधान किया है, उससे मृत प्राणीको सुख मिलता है। गरुड़पुराण/सारोद्धार/१०/५६ गरुड़-पुराण/प्रेतखण्ड/15/58 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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शव के कान, नाक आदि सात छिद्रों में सोने के टुकड़ों को छोड़कर श्मशान ले जाना चाहिये। क्रमशः मुख में एक, नाक में दो, दोनों आँखों में एक-एक तथा दोनों कानों में एक-एक सोने का टुकड़ा डालना चाहिये- गरुड़-पुराण/प्रेतखण्ड/१५/९ यदि सुवर्ण न हो तो इसी क्रम से घी की बूँद डाले। (निर्णयसिन्धु) गरुड़-पुराण/प्रेतखण्ड/15/9 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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पाँच पाण्डवों के द्वारा द्रौपदी के गर्भ से पाँच पुत्र उत्पन्न हुए। इनमेंसे युधिष्ठिर के पुत्र का नाम था प्रतिविन्ध्य, भीमसेन का पुत्र था श्रुतसेन, अर्जुन का श्रुतकीर्ति, नकुल का शतानीक और सहदेव का श्रुतकर्मा। इनके सिवा युधिष्ठिर के पौरवी नाम की पत्नी से देवक और भीमसेन के हिडिम्बा से घटोत्कच और काली से सर्वगत नाम के पुत्र हुए। सहदेव के पर्वतकुमारी विजया से सुहोत्र और नकुल के करेणुमती से निरमित्र हुआ। अर्जुन द्वारा नागकन्या उलूपी के गर्भ से इरावान् और मणिपूर नरेश की कन्या से बभ्रुवाहन का जन्म हुआ। बभ्रुवाहन अपने नाना का ही पुत्र माना गया। क्योंकि पहले से ही यह बात तय हो चुकी थी। अर्जुन की सुभद्रा नाम की पत्नी से अभिमन्यु का जन्म हुआ। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/२२/२८-३३ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/22/28-33 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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नारायण के नाभि कमल से ब्रह्मा हुए। ब्रह्मा के पुत्र हुए अत्रि। अत्री के नेत्रों से चंद्रमा का जन्म हुआ। यहीं से चंद्रवंश की शुरुवात हुई। इसी चंद्रवंश में पुरुरवा हुए। आगे ययाति हुए। इसी वंश में पुरु हुए और आगे दुष्यंत हुए और दुष्यंत के भरत हुए। भरत के पुत्र भारद्वाज ऋषि हुए। आगे इनके वंश में मुद्गल राजा हुए उनके जुड़वां सन्तान हुई। पुत्र दिवोदस और पुत्री अहल्या। अहल्या का विवाह गौतम ऋषि से हुआ। (यही रामायण वाली अहल्या थी) गौतम का शतानंद हुआ। शतानंद का पुत्र स्त्यधृति इसका पुत्र शरद्वान हुआ। एक बार उर्वशी को देख कर शरद्वान का वीर्य मूंज के झाड़ पर गिर पड़ा, उससे एक शुभ लक्षण वाले पुत्र और पुत्री का जन्म हुआ। महाराज शांतनु की उस पर दृष्टि पड़ गयी, उन्होंने दयावश दोनों को उठा लिया। उनमें जो पुत्र था, उसका नाम कृपाचार्य हुआ और कन्या का नाम कृपी हुआ। यही कृपी द्रोणाचार्य की पत्नी हुई। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/१४-२१ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/14-21 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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लोक-परलोक दोनों के ही भोग असत् हैं, ऐसा समझकर न तो उनका चिन्तन करना चाहिये और न भोग ही। समझना चाहिये कि उनके चिन्तन से ही जन्म-मृत्युरूप संसार की प्राप्ति होती है और उनके भोग से तो आत्मनाश ही हो जाता है। वास्तव में इनके रहस्य को जानकर इनसे अलग रहने वाला ही आत्मज्ञानी है'। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/१९/२० श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/19/20 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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जब मनुष्य किसी भी प्राणी और किसी भी वस्तु के साथ राग-द्वेष का भाव नहीं रखता तब वह समदर्शी हो जाता है, तथा उसके लिये सभी दिशाएँ सुखमयी बन जाती हैं। विषयोंकी तृष्णा ही दुःखों का उद्गम स्थान है। मंदबुद्धि लोग बड़ी कठिनाई से इसका त्याग कर सकते हैं। शरीर बूढ़ा हो जाता है, पर तृष्णा नित्य नवीन ही होती रहती है। अतः जो अपना कल्याण चाहता है, उसे शीघ्र से शीघ्र इस तृष्णा (भोग-वासना) का त्याग कर देना चाहिये। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/१९/१५-१६ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/19/15-16 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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पृथ्वी में जितने भी धान्य (चावल, जौ आदि), सुवर्ण, पशु और स्त्रियाँ हैं-वे सब-के-सब मिलकर भी उस पुरुष के मन को सन्तुष्ट नहीं कर सकते जो कामनाओं के प्रहार से जर्जर हो रहा है। विषयोंके भोगने से भोगवासना कभी शान्त नहीं हो सकती। बल्कि जैसे घी की आहुति डालने पर आग और भड़क उठती है, वैसे ही भोगवासनाएँ भी भोगोंसे प्रबल हो जाती हैं। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/१९/१३-१४ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/19/13-14 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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उत्तम पुत्र तो वह है जो पिता के मन की बात बिना कहे ही कर दे। कहने पर श्रद्धा के साथ आज्ञा पालन करने वाले पुत्र को मध्यम कहते हैं। जो आज्ञा प्राप्त होने पर अश्रद्धा से उसका पालन करे, वह अधम पुत्र है और जो किसी प्रकार भी पिता की आज्ञा का पालन नहीं करता, उसको तो पुत्र कहना ही भूल है। वह तो पिता का मल-मूत्र ही है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/९/१८/४४ श्रीमद्भागवत-महापुराण/9/18/44 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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Holi 2026 kab hai? Is video mein hum batayenge: होली 2026 कब है? | होलिका दहन 2 मार्च 🔥 रंगवाली होली 3 मार्च 🌈 | पूजा मुहूर्त पूरी जानकारी • 🔥 Holika Dahan kab hai? • 🪔 Holika Pujan ka sahi muhurat kya hai? • 🌈 Rangwali Holi (Fag) kis din kheli jayegi? • 📅 2 March ya 3 March? Confusion ka pura samadhan होली 2026 की सही तारीख क्या है? | होलिका दहन और फाग कब है? 2 या 3 मार्च? जानिए होलिका दहन, पूजन और रंग वाली होली की पूरी जानकारी होलिका दहन 2026 कब होगा? रंगवाली होली किस दिन है? होली 2026: दहन, पूजन और रंग खेलने की सही तिथि और मुहूर्त Holi ka varnan humein Bhavishya Purana aur Narada Purana jaise granthon mein milta hai. Is video ko pura dekhiye taaki aap sahi tithi aur muhurat ke anusaar Holi manayein. 👉 Channel ko subscribe karein for authentic Sanatan knowledge. 🙏 MBA Pandit Ji #Holi2026 #HolikaDahan2026 #HoliKabHai #RangwaliHoli #HolikaPujan #HoliDate #Fag2026 #SanatanDharm #MBAPanditJi #HoliMuhurat #HinduFestival #MBAPanditJi #PuranikYatra
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