ShareChat
click to see wallet page

पक्षों के आदि अर्थात कृष्णपक्ष में षष्ठी से लेकर पुण्यमयी अमावस्या तक दस दिन गङ्गाजी इस पृथ्वी पर निवास करती हैं। शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से लेकर दस दिन तक वे स्वंय ही पाताल में निवास करती हैं। फिर शुक्लपक्ष की एकादशी से कृष्णपक्ष की पञ्चमी तक जो दस दिन होते हैं, उनमें गङ्गाजी सदा स्वर्ग में रहती हैं। इसलिए इन्हें 'त्रिपथगा' कहते हैं। नारदपुराण।उत्तरभाग।३८।१३ नारद-पुराण/उत्तर-भाग/38/13 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #naradpuran #naradapuran #naradpurankatha #MBAPanditJi #PuranikYatra

1K ने देखा
23 दिन पहले