#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🔯वास्तु दोष उपाय #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय
🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-30.07.2026🌄
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ गुरुवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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✴️आपकी कुंडली✴️आपका भविष्य✴️
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____________आज विशेष___________
श्रावण मास और रुद्राक्ष का शिवजी से विशेष
संबंध रुद्राक्ष परिचय एवं धारण विधि
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_________दैनिक पंचांग विवरण________
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आज दिनांक.......................30.7.2026
कलियुग संवत्.............................5128
विक्रम संवत्.................. .............2083
शक संवत्.................................. 1948
संवत्सर.....................................श्री रौद्र
अयन........................................दक्षिण
गोल........................................... उत्तर
ऋतु............................................ वर्षा
मास......................................... श्रावण
पक्ष........................................... कृष्ण
तिथि.... प्रतिपदा. रात्रि. 9.31 तक / द्वितीया
वार.......................................... गुरुवार नक्षत्र..... श्रवण. अपरा. 5.43 तक / धनिष्ठा
चंद्र राशि............... मकर. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग.आयुष्मान्. रात्रि.12.04* तक/सौभाग्य
करण...................बालव. प्रातः 8.50 तक
करण...... कौलव. रात्रि. 9.31 तक / तैत्तिल
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
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-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय....................प्रातः 05.58.39 पर
सूर्यास्त....................सायं. 07.16.51 पर
दिनमान-घं.मि.से....................13.18.12
रात्रिमान-घं.मि.से. .................. 10.42.16
चंद्रास्त..................... 06.30.05 AM पर
चंद्रोदय.....................07.55.56 PM पर
राहुकाल.......अपरा. 2.18 से 3.57(अशुभ)
यमघंट...........प्रातः 5.59 से 7.38(त्याज्य)
गुलिक.. प्रातः 9.18 से 10.58(शुभे त्याज्य)
अभिजित....... मध्या.12.11 से 1.04(शुभ)
पंचक........................................ नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास)............ आज नहीं है
दिशाशूल............................ दक्षिण दिशा
दोष परिहार.......दही का सेवन कर यात्रा करें
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___________आज का दिन___________
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व्रत विशेष...................................नहीं है
अन्य व्रत.................................... नहीं है
पर्व विशेष.................................. नहीं है
काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष........... अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस
दिन विशेष..विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस
खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है
खगोलीय................................... नहीं है
नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)... ..............................नहीं है
पंचक........................................ नहीं है
सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है
अमृत सि.योग............................. .नहीं है
सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
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दिनांक........................... 31.07.2026
तिथि........... श्रावण कृष्णा द्वितीया शुक्रवार
व्रत विशेष...........................फल द्वितीया
अन्य व्रत.................. अशून्यशयन् व्रतारंभ
पर्व विशेष.................... ... हिंडोला प्रारंभ
काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष.................... .विश्व रेंजर दिवस
दिन विशेष........... मुंशी प्रेमचंद जन्म दिवस
खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है
खगोलीय................................... नहीं है
नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)... ..............................नहीं है
पंचक..................... प्रातः 6.38 पर प्रारंभ
सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है
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*विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट*
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
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दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट
लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
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गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
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शुभ.................प्रातः 5.59 से 7.38 तक
चंचल.......... पूर्वा. 10.58 से 12.38 तक
लाभ........... अपरा. 12.38 से 2.18 तक
अमृत............ अपरा. 2.18 से 3.07 तक
शुभ................ सायं. 5.37 से 7.17 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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अमृत.........सायं-रात्रि 7.17 से 8.37 तक
चंचल.............. रात्रि. 8.37 से 9.57 तक
लाभ..रात्रि.12.38 AM से 1.58 AM तक
शुभ....रात्रि. 7.19 AM से 4.39 AM तक
अमृत...रात्रि 4.39 AM से 5.59 AM तक
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(विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13.
कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
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आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे....
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समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर
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11.13 AM तक.... श्रवण .....3........खे
05.43 PM तक.....श्रवण......4....... खो 12.l 1 AM तक.... धनिष्ठा.....1........गा
उपरांत रात्रि तक.....धनिष्ठा.....2........गी
_______राशि मकर - पाया ताम्र________
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
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श्रावण मास और रुद्राक्ष का शिवजी से विशेष
संबंध रुद्राक्ष परिचय एवं धारण विधि
सावन के महीने में (सावन का महीना 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है) भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। 25 जुलाई मंगलवार के दिन देवशयनी एकादशी थी। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु निद्रा लोक में चले जाएंगे और फिर 20 नवंबर से देवोत्थान एकादशी के दिन जागेंगे। ऐसे में इस दौरान सृष्टि का सारा कार्यभार भगवान शिव के कंधों पर होता है।
तो आइये अब हम विस्तार में जानते हैं रुद्राक्ष और सनातन धर्म में इसका महत्व। साथ ही यह भी जानेंगे कि रुद्राक्ष कैसे धारण करें और इसे धारण करने से हमारे जीवन में क्या बदलाव आते हैं।
रुद्राक्ष उत्पत्ति की पौराणिक कथा
रुद्राक्ष उत्पत्ति से जुड़ी एक कथा शिव महापुराण में वर्णित है। शिव महापुराण की इस कथानुसार भगवान् शिव ने एक बार एक हजार वर्षों तक समाधि लगाई। इस समाधि से जब वो वापस बाहरी जगत के संपर्क में आए तो जग कल्याण के लिए उनके नेत्रों से अश्रु धारा बही और आँसू की यह बूंदें जब पृथ्वी पर गिरीं तो इनसे रुद्राक्ष वृक्षों की उत्पत्ति हुई और भक्तों के हित में यह वृक्ष पूरी धरती पर फैल गए। इन वृक्षों पर जो फल लगे उन्हें ही रुद्राक्ष कहा गया। रुद्राक्ष को पापनाशक, रोगनाशक और सिद्धिदायक माना गया है। शरीर के विभिन्न अंगों में अलग-अलग तरह के रुद्राक्ष धारण करने से लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं।
रुद्राक्ष को लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं
हिंदू मान्यताओं और हमारे पुराणों के अनुसार रुद्राक्ष की कृपा से व्यक्ति को जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जबकि विज्ञान का मानना है कि रुद्राक्ष से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, पैरामैग्नेटिक जैसी तरंगे उत्सर्जित होती हैं जो कि मनुष्य जीवन के लिए किसी वरदान से काम नहीं हैं। अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को धार्मिक, आध्यात्मिक और चिकित्सीय तीनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं।
विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष और उनका महत्व
रुद्राक्ष एक मुखी से चौदह मुखी तक होते हैं और हर रुद्राक्ष का अलग महत्व और अलग धारण विधि है। रुद्राक्ष धारण करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि रुद्राक्ष असली है या नहीं, क्योंकि रुद्राक्ष कहीं से भी खंडित न हो, इस पर कीड़ा न लगा हो, तभी रुद्राक्ष से आपको लाभ प्राप्त होगा। मनवांछित फल को पाने के लिए रुद्राक्ष को धारण करना बहुत शुभ माना गया है।
रुद्राक्ष को पहनने के बाद व्यक्ति को जीवन और मरण का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए भी इसे धारण किया जाता है। इसके चिकित्सीय गुण तनाव, उच्च रक्तचाप और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।
एक मुखी रुद्राक्ष
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, उस रुद्राक्ष को एक मुखी रुद्राक्ष कहा जाता है जिसमें एक आँख हो। यह रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतीक स्वरूप माना जाता है। ज्योतिष में एक मुखी रुद्राक्ष का स्वामी सूर्य ग्रह है इसलिए इसे आत्म चेतना को जाग्रत करने का कारक भी माना जाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से लौकिक और पारलौकिक अनुभव को प्राप्त किया जा सकता है।
इस रुद्राक्ष के प्रभाव से व्यक्ति के अंदर आत्मबल का भी निर्माण होता है। इसके साथ ही इसे धारण करने से आप के अंदर नेतृत्वकारी क्षमताओं का विकास होता है। सूर्य के समान आप में तेज की वृद्धि होती है और आप हर स्थिति में अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सक्षम होते हैं।
एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि –
रुद्राक्ष को पहनने से पूर्व इस पर गंगाजल या कच्चे दूध का छिड़काव करें।
इसके बाद धूप, अगरबत्ती जलाकर भगवान शिव की आराधना करें।
उन्हें सफ़ेद पुष्प अर्पित करें।
इसके बाद रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ ह्रीं नमः:’ का 108 बार जाप करना चाहिए।
आप सूर्य देव के बीज मंत्र ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’ का 108 बार जाप करके भी इसे धारण कर सकते हैं।
पूजा-अर्चना करने के बाद रविवार को प्रातः काल में या कृतिका, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है।
दो मुखी रुद्राक्ष
दांपत्य जीवन में सामंजस्य बिठाने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यह रुद्राक्ष भगवान शिव के अर्द्ध-नारीश्वर रूप का प्रतीक है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दो मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह चंद्र है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्र कमजोर है उन्हें दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं द्वारा यदि इस रुद्राक्ष की आराधना की जाए तो उन्हें इससे लाभ मिलता है। यह रुद्राक्ष बायीं आँख से जुड़े रोगों के साथ-साथ फेफड़े, हृदय और दिमाग से संबंधित बीमारियों को मिटाने में भी लाभकारी साबित होता है।
दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि-
दो मुखी रुद्राक्ष को सफ़ेद या काले धागे में पिरोकर अथवा सोने या चाँदी की चेन में पिरोकर धारण करना चाहिए।
धारण करने से पूर्व रुद्राक्ष को गंगाजल या दूध से शुद्ध करें।
शिव-पार्वती जी की धूप अगरबत्ती जलाकर पूजा करें और उन्हें सफ़ेद पुष्प अर्पित करें।
इसके बाद चंद्र के बीज मंत्र ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः’ का 108 बार जाप करें।
आप रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ नम:’ का 108 बार जाप करके भी इसे धारण कर सकते हैं।
इसके उपरांत हस्त, रोहिणी, श्रवण नक्षत्र में या सोमवार के दिन दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करें।
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तीन मुखी रुद्राक्ष
तीन मुखी रुद्राक्ष को भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहनना चाहिए। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह को तीन मुखी रुद्राक्ष का स्वामी माना गया है। तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से कुंडली से मंगल दोष दूर हो जाता है। इस रुद्राक्ष को विद्या प्राप्ति के लिए भी धारण किया जाता है। इसे धारण करने से तन और मन शुद्ध होता है।
तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि-
तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें।
इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने धूप-अगरबत्ती जलाकर उनकी पूजा-अर्चना करें।
इसके बाद हनुमान जी को लाल पुष्प अर्पित करें और मंगल देव के बीज मंत्र ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ का जाप करें।
आप रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ क्लीं नमः’ का 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं।
इस विधि को करने के बाद मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा नक्षत्र में अथवा मंगलवार को प्रातः काल में इस रुद्राक्ष को धारण करें।
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चार मुखी रुद्राक्ष
चार मुखी रुद्राक्ष का संबंध त्रिदेवों में से एक भगवान ब्रह्मा जी से माना जाता है। इस चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को भगवान ब्रह्मा की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। चार मुखी रुद्राक्ष पर बुध ग्रह का आधिपत्य माना जाता है। चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को खुद में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। यह रुद्राक्ष किडनी और थायराइड से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी पहना जाता है।
चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि-
चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व इसे कच्चे दूध या गंगाजल से शुद्ध कर लें।
इसके बाद भगवान् विष्णु की धूप-दीप जलाकर आराधना करें और उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें।
इसके बाद रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ ह्रीं नमः:’ का 108 बार जाप करें।
आप बुध ग्रह के बीज मंत्र ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ का कम-से-कम 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं।
इस क्रिया को करने के बाद बुधवार के दिन अथवा आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती नक्षत्र में चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करें।
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पाँच मुखी रुद्राक्ष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देव गुरु बृहस्पति को पांच मुखी रुद्राक्ष का अधिपति माना गया है। पाँच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से जातक को मानसिक शांति का अनुभव होता है और इससे स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं। इस रुद्राक्ष को धारण करने से मनुष्य की आयु में भी वृद्धि होती है। माना जाता है कि जो भी जातक पाँच मुखी रुद्राक्ष धारण करता है उसे भगवान् शिव के पाँच रूपों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस रुद्राक्ष को धारण करके व्यक्ति किसी भी तरह की दुर्घटना से बच जाता है।
पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि-
पाँच मुखी रुद्राक्ष को सोने या चाँदी में मढ़वाकर या बिना मढ़वाए भी धारण कर सकते हैं।
इस रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करना चाहिए इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए।
तत्पश्चात ‘ॐ ह्रीं नमः:’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
आप गुरु बृहस्पति के बीज मंत्र ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः’ का 108 बार जाप करके भी रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं।
इस विधान को करने के बाद गुरुवार के दिन पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करें।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को आप ऐसी योजनाओं को अमली जामा पहनाने की स्थिति में होंगे, जो कई लोगों को प्रभावित करेगी। बिना किसी को बताए आज आप अकेले वक्त बिताने घर से बाहर जा सकते हैं। लेकिन आप अकेले तो होंगे लेकिन शांत नहीं आपके दिल में आज के दिन कई चिंताएं हैं होंगी। आज आप महसूस करेंगे कि जीवनसाथी के साथ की एहमियत कितनी हे।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज न्हआपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। पारिवारिक उत्तरदायित्व में वृद्धि होगी, जो आपको मानसिक तनाव दे सकती हैॉंं। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज कुछ ळदबी हुई समस्याएँ फिर से उभरकर आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे लम्हे गुज़ारें। आपका प्रिय को आपसे भरोसे और वादे की ज़रूरत है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियाँ और तथ्य मुहैया कराएंगे। लंबे अरसे के बाद जीवनसाथी के साथ काफ़ी वक़्त गुज़ारने का मौक़ा मिल सकता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज ।। अपने जीवन-साथी के साथ पारिवारिक समस्याओं को साझा करें। एक-दूसरे को फिर से भली-भांति जानने के लिए थोड़ा और वक़्त एक-दूसरे के साथ बिताएँ और ख़ुद की स्नेही जोड़े की छवि को मज़बूत करें। आपके बच्चे भी घर में ख़ुशी और सुकून के माहौल को महसूस कर सकेंगे। इससे आपको एक-दूसरे के साथ व्यवहार में ज़्यादा खुलापन और आज़ादी मिलेगी। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। घर वालों के साथ समय बिताना ख़ुशनुमा अनुभव रहेगा। आज आपका प्रेमी अपने मनोभावों को आपके सामने खुलकर नहीं रख पाएगा जिसकी वजह से आपको खिन्नता होगी। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौक़ा मिलेगा। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। जीवनसाथी के किसी अचानक काम की वजह से आपकी योजनाएँ बिगड़ सकती हैं। लेकिन फिर आपको महसूस होगा कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। घर से जुड़ी योजनाओं पर विचार करने की ज़रूरत है। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग करना उपयोगी रहेगा। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नज़रअन्दाज़ करें। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। लेखक और मीडियाकर्मी बड़ी ख्याति प्राप्त कर सकते हैं। अपने जिगरी यारों के साथ आज आप खाली समय का आनंद लेने का विचार बना सकते हैं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप ऊर्जा से भरे होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। आपके पास आज पैसा भी पर्याप्त मात्रा में होगा और इसके साथ ही मन में शांति भी होगी। अगर आप परिवार के सदस्यों के साथ समय नहीं बिताएंगे, तो आप घर पर समस्याओं की उम्मीद कर सकते हैं। आपका बेपनाह प्यार आपके प्रिय के लिए बेहद क़ीमती है। दूसरे आपसे काफ़ी ज़्यादा समय की मांग कर सकते हैं। उनसे किसी भी तरह का वादा करने से पहले यह देख लें कि आपका काम उससे प्रभावित न हो और साथ ही वे आपकी उदारता और सुहृदयता का ग़लत फ़ायदा न उठाएँ। अगर आप लंबे समय से अपने जीवन में किसी रोचक चीज़ के होने का इंतज़ार कर रहे हैं, तो निश्चय ही आपको उसके संकेत दिखाई देने लगेंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज मज़बूती और निडरता का गुण आपकी मानसिक क्षमताओं में वृद्धि करेगा। किसी भी तरह के हालात को क़ाबू में रखने के लिए इस रफ़्तार को बरक़रार रखिए। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। अपनी बातों पर क़ाबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े-बुज़ुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। याद रखें कि समझदार कामों के ज़रिए ही हम जीवन को अर्थ देते हैं। उन्हें महसूस करने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। प्यार एक ऐसा जज़्बा है जिसे न सिर्फ़ महसूस किया जाना चाहिए, बल्कि अपने प्रिय के साथ बांटना भी चाहिए। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज उन भावनाओं को पहचानें, जो आपको प्रेरित करती हैं। डर, शंका और लालच जैसी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ें, क्योंकि ये विचार उन चीज़ों को आकर्षित करते हैं, जो आप नहीं चाहते हैं। निवेश के लिए अच्छा दिन है, लेकिन उचित सलाह से ही निवेश करें। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहेंगे, बशर्ते इसके लिए आप दूसरों से मदद लें तो। अपने जरुरी कामों को निपटाकर आज आप अपने लिए समय तो अवश्य निकालेंगे लेकिन इस समय का उपयोग आप अपने हिसाब से नहीं कर पाएंगे।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। घर में कुछ बदलाव लाने के लिए पहले बाक़ी लोगों की राय भली-भांति जान लें। अपनी बातों को सही साबित करने के लिए आज के दिन आप अपने संगी से झगड़ सकते हैं। हालांकि आपका साथी समझदारी दिखाते हुए आपको शांत कर देगा। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। छात्र-छात्राओं को आज अपने काम को कल पर नहीं टालना चाहिए, आपको जब भी खाली समय मिले अपने काम को पूरा कर लें। ऐसा करना आपके लिए हितकारी है। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा करके आप हल्का महसूस करते हैं, लेकिन कई बार आप अपने अहम को आगे रखकर घर वालों को जरुरी बातें नहीं बताते। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करके परेशानी और भी बढ़ेगी कम नहीं होगी। सावधान रहें, क्योंकि कोई आपकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर सकता है। व्यवसाय में किसी धोखेबाज़ी से बचने के लिए अपने आँख-कान खुले रखें। कई कामों को छोड़कर आप आज अपने पसंदीदा कामों को करने का मन बनाएंगे लेकिन काम की अधिकता के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएँगे। रिश्तेदारों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में परेशानी पैदा कर सकता है।
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✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️
☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️
श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज)
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