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गो धन गज धन बाजि धन और रतन धन खान। जब आवत संतोष धन सब धन धूरि समान॥ इंसान के पास चाहे गायें हों, हाथी हों, घोड़े हों या कीमती रत्नों की खान हो, लेकिन जब मन में संतोष रूपी धन आता है, तो बाकी सारे वैभव धूल के समान लगने लगते हैं। जय सियाराम 🙏 #💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏भक्ति 🌺 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️

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1 दिन पहले