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भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है,यह जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।यह वंदन की धरती है, यह अभिनन्दन की धरती है,यह अर्पण की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है।इसकी नदी-नदी हमारे लिए गंगा है,इसका कंकड़-कंकड़ हमारे लिए शंकर है।हम जिएंगे तो इस भारत के लिए,और मरेंगे तो इस भारत के लिए।और मरने के बाद भी गंगाजल में बहती हुईहमारी अस्थियों को कोई कान लगाकर सुनेगा,तो एक ही आवाज आएगी-भारत माता की जय !🙏🌹🌿❤️❤️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️

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1 दिन पहले