।। ॐ ।।
पुण्यो गन्धः पृथिव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ।
जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु॥
पृथ्वी में पवित्र गन्ध और अग्नि में तेज हूँ। सम्पूर्ण जीवों में उनका जीवन हूँ और तपस्वियों में उनका तप हूँ। #यथार्थ गीता#🧘सदगुरु जी🙏#🙏🏻आध्यात्मिकता😇#❤️जीवन की सीख