#सत_भक्ति_संदेश
कबीर वेश अतीत का, अधिक करै अपराध।
बाहिर दीशै साधु गति, अंतर बड़ा असाध।।
कबीर साहेब जी कहते है की उसका वेश भूसा सन्यासी जैसा है किन्तु वह बड़ा अपराधी है। बाहर से वह साधु जैसा करता है परन्तु अंदर से वह अत्यंत दुष्ट है।
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕