इस लेख में, अमृता पटवर्धन, हेड ऑफ एजुकेशन, टाटा ट्रस्ट्स कहती हैं, “‘जिस भविष्य की हम चाहत रखते हैं’ उसकी शुरुआत घर और क्लासरूम से होती है। यह तब शुरू होती है जब हम सिर्फ़ विकास और मुकाबले की सोच से आगे बढ़कर शिक्षा को एक ऐसी ताकत मानें, जो समाज और दुनिया को बेहतर दिशा दे सकती है—वो दुनिया जिसे हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़कर जाएंगे।”
यह लेखनोबेल प्राइज डायलॉग 2025 सीरीज़ का हिस्सा है, जो टाटा ट्रस्ट्स के साथ एक विशेष साझेदारी में हो रहा है। इस संवाद में नोबेल पुरस्कार विजेता और दुनिया भर के विचारक एक साथ आए, ताकि #TheFutureWeWant पर चर्चा की जा सके—और यह समझा जा सके कि जिज्ञासा और जागरूकता हमें कल्पना से भी आगे बढ़ने की क्षमता देती है।
और जानने के लिए: https://www.tatatrusts.org/insights/opinions/why-the-future-we-want-demands-a-radical-rethink-of-education-today
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