sn vyas
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1 days ago
#🙏गीता ज्ञान🛕 गीता प्रसार -: "अज्ञान का साँप, ज्ञान की रस्सी" :- अँधेरे में एक रस्सी पड़ी है, लेकिन अज्ञान के कारण वह साँप दिखाई देती है । डर, घबराहट, भागना सब शुरू हो जाता है। लेकिन जैसे ही प्रकाश आता है, पता चलता है । "अरे, यह तो सिर्फ रस्सी है!" अब थोड़ा सा गौर करते हैं। SHUNY MANTHAN क्या साँप कभी वास्तव में था ? नहीं क्या उसे हटाने के लिए कुछ करना पड़ा ? नहीं बस ज्ञान आया, और भ्रम खत्म। इसी तरह: यह संसार "साँप" की तरह है केवल प्रतीति है और तुम्हारा असली स्वरूप (आत्मा) उस "रस्सी" की तरह है जो सदा सत्य है। |