🌹🌱🌾
●●●●●●
अलग अनजाने से सुगंध को,
सामने सबके बीच फैलाने में।
पर्दे के पीछे की कुछ बातें,
भड़ी महफ़िल में फिर लाने में।
मन के उलझे हुए राज को,
एकाएक ही कहीं पे बताने में।
कभी धड़कनों के हलचल को,
अपनेआप से ही आजमाने में।
मिट्टी का घरौंदा मिट्टी के पंछी,
दूर नजर से फिर जाने-आने में।
घबराहट सी तब होती है,
इस दिल को फिर समझाने मे।
बेहाल से हो जाते हैं तब,
अपने ही अक्श को बचाने मे।
कभी कोई छेड़ देता है,
इशारों ही इशारों मे जब यूँ....
शख्स परेशान से हो जाते हैं तब,
अपने ही नजर को अपने से ही छुपाने में।💕💞
....…...✍ रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️