Rani Chavan
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1 days ago
धडकने अनकही पार्ट 20 जैसे ही दोपहर के 1:30 बजे अदिती अपना टिफिन लेके कॅन्टीन में आई.. एक खाली टेबल था उसके पास वाली कुर्सी खिची और उसमे बैठी.. अदिति ने लंच बॉक्स खोला. घर के बने आलू-गोभी और रोटी. सिंपल खाना था उसके टिफिन में.. टिफिन खोलते ही पिहू कीं याद आई.. 'पिहू ने टिफिन खाया होगा ना..' मन में ही सोचने लगी.. और अब वो मिस को कॉल मिलाने ही वाली थी तभी.. कॅन्टीन का माहौल बदल गया... हँसी की आवाज़ें अदिती के कान में गुंजी... तभी उसने नजर उठाके सामने देखा.. तो सामनेसे ऊँची हील की टक-टक... बजाते हुये.. चार-पाँच लड़कियाँ कॅन्टीन के अंदर घुसीं. ब्रांडेड ड्रेस, मेकअप, परफ्यूम की खुशबू. शनाया, नैना, रिया... सब हाई क्लास.. उनके महंगे कपड़ों के सामने अदिति की साधा ड्रेस और पुराने सैंडल बहुत फीके लग रहे थे. बाल भी बिना सेट किये चोटी बनाई थी.. शनाया ने अदिति को देखा और धीरे से बोली, "ए हाय नैना, देखा? ये है शौर्य सर की नई सेक्रेटरी." नैना ने ऊपर से नीचे तक अदिति को स्कैन किया... और अगले ही पल उसके होंठों पर तिरछी हँसी आई... "ओह्ह... तो यही है वो?" नैना ने ज़ोर से कहा, ताकि अदिति सुन ले. "इसकी क्लास देखी? कपड़े देख कितने पुराने हैं... और बाल देख, कभी पार्लर भी गई होगी या नहीं?" दूसरी लड़की खिलखिला कर हँस पड़ी. "लगता है डिस्काउंट सेल से उठाकर लाई है खुद को." अदिति ने सिर झुका लिया डर के मारे उसके हाथ पैर काँपने लगे. 'यही सब सच है... मैं गरीब हूँ... मेरे पास कुछ नहीं है..' डर के मारे वो सिकुड़कर दूसरी टेबल, कोने वाली कुर्सी पर बैठ गई... लेकीनं उन लडकियोंकी बाते सुनकर उसका गला भर आया टिफिन खोलकर भी रोटी तोड़ नहीं पा रही थी वो... नैना फिर बोली, "पता नहीं शौर्य सर ने इसमें ऐसा क्या देखा जो इसे अपनी पर्सनल सेक्रेटरी बना लिया... शनाया तुम्हे पता इसका तो इंटरव्यू भी नहीं हुआ.." "अरे नैना, ज्यादा सोच मत." शनाया ने वाइन का घूँट लिया. "आजकल के मर्दों को क्या चाहिए होता है पता है ना तुझे? जिस चीज़ की ज़रूरत है, वो मिलने के बाद खूबसूरती और टैलेंट कोई नहीं देखता... समझी?" शनायाने अदिती कीं तरफ तुच्छता से देखते हुये कहा और फिर जोर से हंस पडी.. https://pratilipi.app.link/ZS30mZXoz3b स्टोरी लिंक 👆 #✍🏽 माझ्या लेखणीतून #✍मराठी साहित्य #💫माझी कला #🌹प्रेमरंग #📚मराठी रोमांचक कथा🧐