|| जय हनुमान ज्ञान गुण सागर ||
ॐ
छठां बड़ा मंगल
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर राम
छठां बड़ा मंगल मंत्र
ॐ हनुमते रूद्रात्मकाय हूं फट् स्वाहा ॥
हनुमान जी की आरती
आरती कीजे हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कलाकी ॥
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके ॥
अंजनी पुत्र महाबलदायी । संतन के प्रभु सदा सहाय ॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिय सुधि लाए ॥
आरती कीजे हनुमान लला की।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई ॥
लंका जारी असुर संहारे । सिया रामजी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे । आनि संजीवन प्राण उबारे ॥
पवन तनय संकट हरना। मंगल मूरति रूप ।।
दुष्ट दलन रघुनाथ कलाकी ॥
बड़ा मंगल का महत्व
बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से सभी संकट दूर होते हैं, बजरंगबली की कृपा से शक्ति, साहस, स्वास्थ्य, सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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#छठां बड़ा मंगल