neelam singhal
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8 hours ago
दूसरों से श्रेष्ठ बनने की दौड़ मन को बेचैन और थका देती है, लेकिन स्वयं को श्रेष्ठ बनाने की साधना आत्मा को शांति और सुकून देती है,,, तुलना में हमेशा संघर्ष है, पर आत्म-विकास में संतोष और प्रकाश है,,, जब इंसान खुद को बेहतर बनाने में लग जाता है, तब जीवन प्रतिस्पर्धा नहीं, एक सुंदर साधना बन जाता है...!! Զเधॆ कृष्ण.....💫 . 🙏🏻 _Զเधे_Զเधे _🙏🏻 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓