Ajay Sharma
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17 hours ago
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भारत के महान रत्न जयंती :-23 दिसम्बर, 1902 पुण्यतिथि 29 मई, 1987 चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा वंचितों-शोषितों एवं ग्रामीण भारत की सशक्त आवाज पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि ।। 🙏🙏 1*. पूरा नाम चौधरी चरण सिंह 2*. जन्म 23 दिसम्बर, 1902 3*. जन्म भूमि नूरपुर ग्राम, मेरठ, उत्तर प्रदेश, 4*. मृत्यु 29 मई, 1987 5*. अभिभावक चौधरी मीर सिंह 6*. पत्नी गायत्री देवी 7*. नागरिकता भारतीय 8*. प्रसिद्धि किसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, भारत के प्रधानमंत्री 9*. पार्टी काँग्रेस और लोक दल 10*. कार्य काल 28 जुलाई, 1979-14 जनवरी, 1980 11*. शिक्षा विज्ञान स्नातक, कला स्नातकोत्तर और विधि 12. विद्यालय सरकारी उच्च विद्यालय, मेरठ 13*. भाषा हिन्दी, अंग्रेज़ी और उर्दू 14*. पुरस्कार-उपाधि भारत रत्न, 2024 15*. विशेष योगदान आप किसानों के नेता माने जाते रहे हैं। उनके द्वारा तैयार किया गया जमींदारी उन्मूलन विधेयक राज्य के कल्याणकारी सिद्धांत पर आधारित था। एक जुलाई 1952 को यूपी में उनके बदौलत जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को अधिकार मिला। उन्होंने लेखापाल के पद का सृजन भी किया। किसानों के हित में उन्होंने 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित कराया। वो 3 अप्रैल 1967 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 17 अप्रैल 1968 को उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। मध्यावधि चुनाव में उन्होंने अच्छी सफलता मिली और दुबारा 17 फ़रवरी 1970 के वे मुख्यमंत्री बने। उसके बाद वो केन्द्र सरकार में गृहमंत्री बने तो उन्होंने मंडल और अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की। 1979 में वित्त मंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक [नाबार्ड] की स्थापना की। इनके पुरखे महाराजा नाहर सिंह ने 1887 की प्रथम क्रान्ति में विशेष योगदान दिया था। महाराजा नाहर सिंह वल्लभगढ़ के निवासी थे, जो कि वर्तमान में हरियाणा में आता है। महाराजा नाहर सिंह को दिल्ली के चाँदनी चौक में ब्रिटिश हुकूमत ने फ़ाँसी पर चढ़ा दिया था। तब अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ क्रान्ति की ज्वाला को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महाराजा नाहर सिंह के समर्थक और चौधरी चरण सिंह के दादा जी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले के पूर्ववर्ती क्षेत्र में निष्क्रमण कर गए। 15*. रचनाएँ - 'अबॉलिशन ऑफ़ ज़मीदारी', 'भारत की भयावह आर्थिक स्थिति, इसके कारण और निदान', 'लिजेण्ड प्रोपराइटरशिप' और 'इंडियास पॉवर्टी एण्ड इट्स सोल्यूशंस' 16*. अन्य जानकारी चौधरी चरण सिंह भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री थे। चरण सिंह किसानों की आवाज़ बुलन्द करने वाले प्रखर नेता माने जाते थे। चौधरी चरण सिंह का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक रहा। यह समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस (ओ) के सहयोग से देश के प्रधानमंत्री बने। इन्हें 'काँग्रेस इं' और सी. पी. आई. ने बाहर से समर्थन दिया, लेकिन वे इनकी सरकार में सम्मिलित नहीं हुए। इसके अतिरिक्त चौधरी चरण सिंह भारत के गृहमंत्री (कार्यकाल 24 मार्च 1977 1 जुलाई 1978), उपप्रधानमंत्री (कार्यकाल - 24 मार्च 1977 - 28 जुलाई 1979) और दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने चौधरी चरण सिंह को (मरणोपरांत) 'भारत रत्न' से सम्मानित किया। 'किसान घाट' भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का समाधि स्थल है, जो दिल्ली में राजघाट के निकट ही स्थित है। 🙏🙏 #चौधरी चरण सिंह जी #किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर कोटि कोटि प्रणाम जय जवान जय किसान #चौधरी चरण सिंह जन्मदिवस #चौधरी चरण सिंह जी जयंती #चौधरी चरण सिंह पुण्यतिथि💐