Ajay Sharma
6.7K views
18 hours ago
AI indicator
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक बाबू वीर कुंवर सिंह जी के विजयोत्सव (23 अप्रैल) पर शत्-शत् नमन। 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को हराकर जगदीशपुर में विजय पताका फहराई थी। वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव के मुख्य बिंदु: - ऐतिहासिक विजय: 23 अप्रैल 1858 को उन्होंने कैप्टन ले ग्रैंड के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त दी थी। अदम्य साहस: 80 वर्ष की वृद्धावस्था में भी वे युद्ध के मैदान में डटे रहे और बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। समर्पण: लड़ते समय बांह में गोली लगने पर उन्होंने अपनी तलवार से अपनी ही बांह काटकर गंगा मैया को समर्पित कर दी थी। बिहार का गौरव: वे शाहाबाद (बिहार) के जगदीशपुर के जमींदार थे और 1857 की क्रांति के प्रमुख नायक थे। 🙏🙏 #बाबू वीर कुंवर सिंह जी