#📚कविता-कहानी संग्रह #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें कब तक?*
कब तक होता रहेगा पेपर रद्द,
कब तक सहे बच्चे मानसिक *द्वंद्व*।
कुछ *लोगों* की नकलबाज़ी से,
कुछ *लोगों* की सौदेबाज़ी से,
*बच्चों* की मेहनत पर बन *आई*।
इतनी भी मत करो *बेईमानी*,
शर्म से मर ही जाए ईमानदारी।
कभी रीट, कभी एस आई, कभी नीट का,
हर बार *मज़ाक* बना शिक्षा का।
हर हाथ *में* रहने दो कलम की पतवार,
मत करो इनको इतना भी मजबूर,
थाम ले वो हिंसा की तलवार।
कब आखिर कब रुकेगा यह सिलसिला,
कब आखिर कब होगा सही फैसला।
आखिर कब तक?
*पूजा जोशी*
12 May 2026