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#राधे राधे
निभृत निकुंज निवास,
मान लीला विस्तारिनि।
प्रियतम के अनुराग,
राग बस बिपिन बिहारिन।।
यौवन मद उनमत्त,
कामक्रीडा अनुरक्ता।
प्रेम लक्षणा भक्ति,
श्याम तन मन आशक्ता।।
सती शिरोमणि प्रणत प्रिय,
अखिल बिश्व सर्बेश्वरी।
मम अंतर हृद में प्रबिश,
देवें सुख सब कृपा करी।।
।।राधे राधे राधे राधे राधे राधे।।
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