sn vyas
643 views
6 days ago
#जय श्री कृष्ण मैया! मोहि दाऊ बहुत खिझायौ। मोसौं कहत मोल को लीनौ, तू जसुमति कब जायौ॥ कहैं सबै ग्वाल बाल बलभद्रहि, हँसि-हँसि मुख लपटायौ। तू तो अति ही साँवरो कान्हा, दाऊ बहुत गोरायौ॥ चुटकी दै-दै ग्वाल नचावत, हँसत सबै मुसकायौ। सूरदास प्रभु की यह लीला, सुनत सकल सुख पायौ॥ जब स्वयं नटखट कान्हा भी मैया से अपने बड़े भैया बलराम जी की शिकायत करने पहुँच गए! यह केवल एक बाल-लीला नहीं, बल्कि भाई-बहन और परिवार के प्रेम, स्नेह और मासूम शरारतों का अद्भुत चित्रण है। जो भी इस लीला को सुनता है, उसका हृदय प्रेम और भक्ति से भर जाता है। जय श्रीकृष्ण। .