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*सुप्रभातम*
*ज्ञानं देहि स्मृतिं विद्दां शक्तिं देहि मम प्रभो। बुद्धिं देहि मति देहि विवेकं देहि मे प्रभो॥*
उक्त श्लोक *विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए प्रार्थना* का श्लोक है। अक्सर विद्यार्थी पढ़ाई शुरू करने से पहले इसका पाठ करते हैं।
शब्दार्थ:
1. *ज्ञानं देहि* – हे प्रभु, मुझे ज्ञान दीजिए
2. *स्मृतिं देहि* – स्मरण शक्ति दीजिए, जो पढ़ा है वो याद रहे
3. *विद्दां* – विद्या, शास्त्रों का ज्ञान
4. *शक्तिं देहि* – कार्य करने की शक्ति, सामर्थ्य दीजिए
5. *बुद्धिं देहि* – तर्क करने वाली बुद्धि दीजिए
6. *मति देहि* – सद्बुद्धि, सही निर्णय लेने की क्षमता दीजिए
7. *विवेकं देहि* – नित्य-अनित्य, धर्म-अधर्म को समझने का विवेक दीजिए
8. *मे प्रभो* – हे प्रभु, मुझ पर कृपा करें
सरल अर्थ:
हे प्रभु! मुझे ज्ञान दो, स्मरण शक्ति दो, विद्या दो और शक्ति दो।
हे प्रभु! मुझे बुद्धि दो, सद्बुद्धि दो और विवेक दो ताकि मैं सत्य-असत्य, उचित-अनुचित को समझ सकूँ।
भाव:
यह श्लोक केवल बौद्धिक ज्ञान नहीं माँगता, बल्कि उस ज्ञान को धारण करने की शक्ति, उसे याद रखने की स्मृति, और सही-गलत समझने का विवेक भी माँगता है। इसे सरस्वती, गणेश या इष्टदेव के सामने पढ़ा जाता है।
जय सियाराम !
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#जय बजरंगबली #🌞सुप्रभात सन्देश