#👭हैप्पी फ्रेंडशिप डे🤗🤝
लोग कहते हैं कि,
*क्यों सजाते हो दोस्तों की महफिल,*
क्यों करते हो बेकार का हल्ला-गुल्ला दोस्तों के साथ,
क्या ज़रूरत है इन दोस्तों की?
*क्या काम आते हैं ये दोस्त?*
मैंने कहा हुज़ूर!
चाय पियें तो,
*अदरक का स्वाद है दोस्त।*
कचौड़ी-समोसे की
*खट्टी-मीठी चटनी है दोस्त।*
ज़िन्दगी की रुकी सी गाड़ी को
*धक्का लगाते हैं ये दोस्त।*
धीमी सी चलती ज़िन्दगी में फिर से *हर्षोल्लास ले आते हैं ये दोस्त।*
बहुत सी बातें होती है हमारे मन की, जो हम किसी से नहीं कह पाते,
*उन्हीं बातों को सुनने आते हैं ये दोस्त।*
हमारे अन्दर ही अन्दर बैठी चिंताओं की घुटन को बस *कुछ पल साथ बैठकर ही शान्त कर देते हैं ये दोस्त।*
और मैं क्या कहूँ कि क्या है ये दोस्त,
तपती गरमी में जब फ्रिज का ठंडा पानी भी संतुष्टि ना दे सके तो *मटकी के पानी के दो मीठे घूँट है ये दोस्त।*
*HAPPY FRIENDSHIP DAY*