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Jan-Kranti hindi news bulletin
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Jan-Kranti hindi news bulletin
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'फिल्मकार ऋत्विक घटक पर महत्वपूर्ण चर्चा और दो पुस्तकों का विमोचन जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ का हुआ विमोचन मुंबई,महाराष्ट्र ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 13 अप्रैल 2026, )। ऋत्विक घटक (1925 –1976) बांग्ला सिनेमा के उन महान फिल्मकारों में हैं जिन्होंने बंगाल विभाजन की पीड़ा, विस्थापन, शरणार्थी जीवन और सामाजिक विघटन को अपनी फिल्मों में गहरी संवेदना और वैचारिक तीक्ष्णता के साथ चित्रित किया। उनका सिनेमा यथार्थवाद, मेलोड्रामा, ब्रेख्तियन शैली, मिथकीय प्रतीक और अभिव्यक्तिवादी ध्वनि के अनोखे संयोजन के लिए जाना जाता है। उन्होंने केवल आठ फीचर फिल्में बनाईं, पर उनकी विभाजन त्रयी विशेष रूप से चर्चित रही। जनवादी लेखक संघ एवं स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कल इंदिरा गाँधी हास्पिटल में स्थित विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड में आयोजित कार्यक्रम में जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ का विमोचन हुआ। इसी अवसर पर जाहिद खान द्वारा अनुवादित कृष्ण चंदर का उर्दू नाटक ‘दरवाजा खोल दो’ (हिंदी अनुवाद) का भी विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता पुलक चक्रवर्ती ने बताया कि, ऋत्विक घटक मार्क्सवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे। उन्होंने 1948 में भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA) से जुड़कर अपनी सांस्कृतिक यात्रा शुरू की, जो उस समय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआय) का सांस्कृतिक मोर्चा था। विभाजन, अकाल और सामाजिक अन्याय ने उन्हें मार्क्सवाद की ओर आकर्षित किया। वे आईपीटीए के सक्रिय सदस्य रहे, नाटक लिखे-निर्देशित किए और 1951 में पार्टी के लिए ‘ऑन द कल्चरल फ्रंट’ नामक महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किया, जिसमें उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की सांस्कृतिक नीति पर जोर दिया कि कला को जनता की पीड़ा और आकांक्षाओं को व्यक्त करना चाहिए। हालांकि उनका जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था — वे सच्चे अर्थों में क्रांतिकारी कलाकार थे। मार्क्सवाद उनकी फिल्मों की रीढ़ बना रहा — उनकी रचनाएँ पूंजीवाद की विनाशकारी प्रवृत्तियों, वर्ग संघर्ष, विभाजन की त्रासदी और बौद्धिक संकट के खिलाफ निरंतर विद्रोह का रूप लेती रहीं। घटक ने कला के माध्यम से मानवता और सामाजिक न्याय के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता निभाई। उनकी प्रसिद्ध फिल्म मेघे ढाका तारा शरणार्थी परिवार की त्रासदी के माध्यम से स्त्री-त्याग और शोषण की मार्मिक कथा कहती है और उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति मानी जाती है। कोमल गांधार थिएटर आंदोलन और सांस्कृतिक पुनर्मिलन की आकांक्षा को राजनीतिक विभाजन के संदर्भ में प्रस्तुत करती है, जबकि सुवर्णरेखा विस्थापन, जाति-वर्ग और नैतिक संकट की दार्शनिक पड़ताल करती है। अजान्त्रिक में मनुष्य और मशीन के संबंध को प्रतीकात्मक ढंग से दिखाया गया है। बांग्लादेश में बनी तितास एक्टी नदीर नाम एक लुप्त होती नदी-सभ्यता की महाकाव्यात्मक कथा है, जबकि जुक्ति, तक्को आर गप्पो राजनीतिक बहस और बौद्धिक संकट पर आधारित अर्ध-आत्मकथात्मक फिल्म है। उनकी प्रारंभिक फिल्म नागरिक और बाड़ी थेके पालिए भी उल्लेखनीय हैं। कार्यक्रम में अनारकली ऑफ आरा और कागज-2 जैसी सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे पर आधारित फिल्में, और रात बाकी है व शी नामक क्राइम-ड्रामा सीरीज़ बना चुके फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने कहा, “ऋत्विक घटक का सिनेमा सबसे ज़्यादा ओरिजिनल सिनेमा है। उन्होंने सिनेमा का पूरा व्याकरण खड़ा किया है। उनका कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था, इसलिए जब उन्हें लगा कि वह इस संगठन के साथ बहुत दूर तक नहीं जा सकते, तो उन्होंने संगठन छोड़ दिया।” अविनाश दास ने एक फिल्म डायरेक्टर की विवशताओं का जिक्र करते हुए बताया कि फिल्म बनाने में कितनी मशक्कत, चिरौरी और तानों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी के हवाले से कहा कि “डायरेक्टर का जन्म अपमानित होने के लिए होता है।” ऐसे में ऋत्विक घटक द्वारा अपनी शर्तों पर सिनेमा बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मीरा रोड के स्वर संगम फाउंडेशन की तुलना कलकत्ता के उस सृजनात्मक माहौल से की, जिसमें ऋत्विक घटक और मृणाल सेन एक-दूसरे को सहयोग देते थे। मुंबई विश्व विद्यालय के हिन्दी विभाग के भूतपूर्व प्रोफेसर डॉ.हूबनाथ पांडे ने ऋत्विक घटक की फिल्मों को समझने के अपने शोध संस्मरण साझा किए और बताया कि बंगाली न समझने के बावजूद उन्होंने विजुअल्स के सहारे घटक की फिल्मों को देखा। उन्होंने ‘खुद्दार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन के सीन का उदाहरण देकर परसानीफिकेशन की घटक की अनोखी अवधारणा पर प्रकाश डाला। डॉ. पांडेय ने हर महीने कम से कम एक फिल्म दिखाने की पेशकश की और कहा कि हमें फिल्में देखना सीखना होगा। उन्होंने फिल्म सोसाइटी की स्थापना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “बी. शांताराम की फिल्म सोसाइटी बंद हो चुकी है। इसकी शुरुआत मीरा रोड से की जा सकती है। मेरे पास दस हजार फिल्मों का संकलन है।” पुस्तक के संपादक जाहिद खान ने बताया कि हिंदी पट्टी में ऋत्विक घटक को मुख्यतः ‘मधुमती’ और ‘मुसाफिर’ जैसी फिल्मों के स्क्रिप्ट लेखन के लिए जाना जाता है, जबकि उनका नाम मृणाल सेन और सत्यजीत राय के साथ क्लासिकल डायरेक्टर के रूप में लिया जाता है। उन्होंने ऋत्विक घटक को मूल रूप से नाटककार बताया, जो आईपीटीए से जुड़े रहे और बाद में सिनेमा की ओर मुड़े क्योंकि सिनेमा के पास अधिक दर्शक थे। जाहिद खान ने कहा कि घटक कला के माध्यम से मानवता और मानवीय मूल्यों को क्षरण से बचाने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने श्रोताओं से अपील की कि ऋत्विक घटक के पूरे व्यक्तित्व और कृतित्व को समझने के लिए यह पुस्तक अवश्य पढ़ें। जलेस के केन्द्रीय कमिटी सदस्य संजय भिसे ने कहा कि, ऋत्विक घटक का महत्व इस बात में है कि उन्होंने सिनेमा को मात्र मनोरंजन नहीं माना, बल्कि उसे इतिहास, राजनीति और मानवीय संवेदना का माध्यम बनाया। उनकी फिल्मों में विभाजन की त्रासदी निजी जीवन की कहानियों से जुड़कर व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ ग्रहण करती है। उन्होंने सिनेमा की भाषा को नए ढंग से गढ़ते हुए दर्द को विद्रोह और कविता में रूपांतरित किया, जिससे उनका सिनेमा आज भी गहरे प्रभाव के साथ याद किया जाता है। मराठी फिल्म उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने अपने बच्चों के नाम ऋत्विक घटक से प्रभावित होकर ऋत्विक रखा है। कलकत्ता से विशेष रूप से आए जयनारायण प्रसाद ने सत्यजीत राय, मृणाल सेन और ऋत्विक घटक के बीच के संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेघे ढाका तारा’ फिल्म का विशेष उल्लेख किया और कहा कि विभाजन की पीड़ा और शरणार्थियों की समस्या को इस फिल्म में अद्भुत रूप से प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में रंगमंच और सिनेमा अभिनेता अजय रोहिल्ला ने ऋत्विक घटक के सिनेमा की स्ट्रांग विजुअल सेंस की तारीफ की। सिने पत्रकार हरि मृदुल ने बताया कि घटक बड़े कथाकार भी थे और उनकी कहानियों का अनुवाद ‘संभावना प्रकाशन’ से आया है। सिने जगत से जुड़े फरीद खान ने भी ‘मेघ ढके तारा’ का उल्लेख करते हुए ऋत्विक घटक को यथार्थवादी सिनेमा का महत्वपूर्ण हस्ताक्षर बताया। हृदयेश मयंक, चेयरमैन, स्वर संगम फाउंडेशन एवं अध्यक्ष, विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड ने बताया कि प्रो. हूबनाथ पांडेय के प्रस्ताव पर स्वर संगम फाउंडेशन शीघ्र ही कमेटी की बैठक बुलाकर फिल्म सोसाइटी संबंधी विचार करेगी। कार्यक्रम का संचालन रमन मिश्र ने किया। हरिप्रसाद राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस समृद्ध करने वाला अनुभव बताया। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📚कविता-कहानी संग्रह #🆕 ताजा अपडेट ##india_jankranti_news, #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content
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स्नेह का ज़ब बन्धन टूट जाये , अपने पराये भेद ज़ब मिट जाये, उतरता है तब स्वं वह ह्रदय में , खिलता हुआ फुल स्वं हो जाये , स्नेह का....... 🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी स्नेह का ज़ब बन्धन टूट जाये , अपने पराये भेद ज़ब मिट जाये, उतरता है तब स्वं वह ह्रदय में , खिलता हुआ फुल स्वं हो जाये , स्नेह का....... ईश्वर हमसे दूर नहीं पास पास है , नज़दीक जैसे पैर तले घास है , उपमा ही नहीं दी जा सकती है , शब्द भेद रहित जैसे सन्यास है , स्नेह का..... हो नहीं पाता है होना मुश्किल है , राहें काँटों डगर की मुक़्क़मल है, कोई कोई चलते सुनसान डगर पे , ईशा मीरा कबीर विजय शामिल है, स्नेह का....... मूसा नानक ओशो की बात और है, बाबा बिजय बत्स ही यहाँ ठौर है , देख सको तो देख लो आँखों से, ठहराव नहीं सब जगह दौर - दौर है, स्नेह का..... प्रमोद को मिला है ठिकाना यहीं से , विनती है आ जाओ जल्दी कहीं से, जबतक गद्दीनशीन शरण में आओ, मिले कुछ नहीं पछताओगे वहीं से, 👆उपरोक्त पद प्रकाशन हेतु प्रेषित प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📚कविता-कहानी संग्रह ##Begusarai_jankranti_News ##suvichar
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ईरान - इज़राइल -संयुक्त राज्य अमेरिका महायुद्ध की रिपोर्ट होर्मूज को घेराबंदी का प्लान है जिसमें कई देश अमेरिका का साथ देने का वचन दे रहे हैँ समुद्र शील करेगा अमेरिका जनक्रांति कार्यालय से केन्द्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट शांति वार्ता में हाथा पाई की नौबत भी आ गयी जे डी वेन्स को बिना समझौता छोड़कर वापस आना पड़ा होर्मूज पर ज्योहीं नाकेबंदी अमेरिका करेगा जिसका कराड़ा जबाब से ईरान पीछे नहीं रहेगा इंडिया जनक्रांति न्यूज डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 13 अप्रैल 2026)। ईरान अपनी समप्रभूता की रक्षा क़े लिये कृत संकल्पित है जिसके कारण अमेरिका औऱ ईरान की बातचीत की मध्यस्था क़े बाबजूद सफलीभुत नहीं हो सका। ईरान अपनी शर्तो क़े आगे झुकने को तैयार नहीं है औऱ अमेरिका उसकी शर्तो को मानने क़े लिये तैयार नहीं है।अमेरिका राष्ट्रपति ट्रम्प का ताज़ा व्यान क़े अनुसार यदि ईरान नहीं झुकेगा तो हम किसी भी कार्रबाई करने को मजबूर हैँ । ट्रम्प ने कहा हम हार्मोज खोल देंगें चाहे इसका जो भी परिणाम हो लगता है खाड़ी देश फिर धधकेगा ईरान ने कहा us का नियत औऱ नियति में फर्क है एक तरफ होर्मूज खोलने की जिद औऱ औऱ युद्ध नहीं करने की कोई गारंटी नहीं थी। ईरान ने कहा हमले का जबाब हम हमले से देते रहेंगें, फ्रीज़ संपत्ति औऱ प्रतिबन्ध पर नहीं बात बनी ईरान का दाबा है, अमेरिका यूरिनियम चोरी क़े लिये आया था जो सफलीभुत नहीं हुआ अमेरिका का बिमान बहरीन पहुँच चुका है ट्रम्प ने ईरान को बेंजूयाला याद दिलाया है। ईरान ने कहा जंग शांति समझौता एक ही बैठक में होना संभव नहीं है यदि ऐसा हुआ तो एक वर्ल्ड वार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है शांति वार्ता बिफल होने पर होर्मूज को घेराबंदी का प्लान है जिसमें कई देश अमेरिका का साथ देने का वचन दे रहे हैँ समुद्र शील करेगा अमेरिका किसी भी ईरानी जहाज की अनुमति नहीं है। ईरान को पुरी तरह तबाह कर देंगे ये ट्रम्प का दाबा है, ईरान अमेरिका का वार्ता बिफल मुनीर पुरी तरह फेल नज़र आ रहे हैँ। मुनीर ने मुजताबा को धोखा दिया है खाड़ी में तबाही का दुसरा राउंड चालू हो गया h ट्रम्प होर्मूज में दोनों तरफ से नकाबन्दी करेंगे होर्मूज में टोलबाजी विश्व युद्ध करायेगी। लेबनान में आजतक ६००० लोग घायल हैँ तुर्कीये ने भरकाया अब इज़राइल छोड़ेगा नहीं नेतनयाहू ने नया टारगेट सेट कर लिया है इज़राइल इंसानियत क़े नाम पर कलंक है यह आम नागरिकों,, बच्चे औऱ हॉस्पिटल को निशाना बनाता रहा है दुनियाभर में हाहाकार तेल का संकट हो गया बिकराल, nato देश अमेरिका को होर्मूज खोलने में मदद करेगा ऐसा व्यान ट्रम्प दे रहे हैँ। धोखेबाज निकला पाकिस्तान नहीं छोड़ेगा ईरान, होर्मूज मुद्दे पर कभी भी युद्ध हो सकता है २१घंटे तक चली शांति वार्ता नतीजा सिफर रहा। ट्रम्प को सही समय का इंतज़ार है रूस औऱ चीन ने उलझा दिया है us ईरान क़े खिलाफ हमले को तैयार है us ईरान को धमकी पर धमकी दे रहे हैँ होर्मूज स्ट्रेट में कोई बदलाव नहीं होगा होर्मूज की सुरक्षा क़े लिये ईरान कृत संकलपित है। शांति वार्ता में हाथा पाई की नौबत भी आ गयी जे डी वेन्स को बिना समझौता छोड़कर वापस आना पड़ा होर्मूज पर ज्योहीं नाकेबंदी अमेरिका करेगा जिसका कराड़ा जबाब से ईरान पीछे नहीं रहेगा ट्रम्प सुपर पॉवर होने क़े बाद भी असहाय नजर आ रहे हैँ औऱ अनाप शनाप बोल रहे हैँ लगता है ईरान को गुप्त रूप से चीन औऱ रूस का साथ मिल रहा है सीज़ फायर होने क़े बाद भी इज़राइल ने ईरान पर हमला किया इसका क्या मतलब है ? एक तरफ शांति वार्ता तो दुसरी तरफ लगातार हमले क्या ये शांति वार्ता क़े स्वरूप हैँ ? ईरान का ऐसा कहना है ईरान ने होर्मूज क़े रास्ते समुद्र में बारूदी सुरेंगे बिछा रखी है जो सैकरों फ़ीट समुद्र क़े अन्दर है उसको भेदकर किसी भी जहाज को होर्मूज से निकलना मुश्किल है बिना टोल टैक्स दीये कोई भी जहाज इधर से उधर नहीं जा सकता है जिसको भेद पाना अमेरिका क़े लिये आसान नहीं है एक तो अमेरिका को युद्ध क़े लिये लम्बी रास्ता औऱ दुगुना तिगुना खर्च से दबा जा रहा है क्योंकि लगभग अमेरिका क़े १७वेश को ईरान नष्ट कर चुका है अब आगे आगे देखना है यह मामला किस करवट बैठता है। 👆उपरोक्त महायुद्ध रिपोर्ट प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##india_jankranti_news, ##Eran -israil - America yudh
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20 घंटे पहले
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प्राईवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन जिला इकाई समस्तीपुर के द्वारा किया गया प्रेस वार्ता आयोजित जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट अभिभावकों द्वारा सस्ती सोशल मीडिया का प्रयोग कर गलत बयान बाजी कर निजी विद्यालयों के छवि को धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है : एसोसिएशन समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 अप्रैल 2026 )। प्राईवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन जिला इकाई समस्तीपुर के द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद समायल अहमद के आवाहन पर आदर्श बल विद्यालय कोरबध्धा समस्तीपुर के प्रांगण में जिला अध्यक्ष सदन कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। जिसमें वर्तमान में कुछ सोशल मीडिया के द्वारा कुछ अभिभावकों को दिग्भ्रमित कर निजी विद्यालयों के संबंध में गलत प्रचार प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस संबंध में सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष उक्त वक्तव्य का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि हम लोगों के द्वारा पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जाता है एवं अभिभावक के मांग पर विद्यालय के द्वारा किताब कॉपी एवं अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्री सुविधा अनुकूल उपलब्ध कराया जाता है। वैसे विद्यालय जो हमारे संगठन से नहीं जुड़े हुए हैं तथा कारपोरेट जगत द्वारा विद्यालय संचालित किया जाता है। उनके द्वारा री- एडमिशन शुल्क आदि लिया जाता होगा ।साथ ही वैसे अभिभावक जिनके यहां विद्यालय का मोटा शुल्क बकाया हो जाता है वहीं अभिभावक सस्ती सोशल मीडिया का प्रयोग कर गलत बयान बाजी कर निजी विद्यालयों के छवि को धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है ।जबकि हम निजी विद्यालय सरकारी गाइडलाइन का अक्षरसह पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर शिक्षित समाज का निर्माण करते हुए सरकार के उद्देश्य को पूर्ण करने में सहयोग करते हैं। बैठक को जिला सचिव के.के. सिंह, कोषाध्यक्ष डॉक्टर जेके शर्मा, मीडिया प्रभारी ब्रज किशोर कुमार, शिवाजी नगर प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार झा, दलसिंहसराय प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद साह, संयुक्त जिला सचिव नवीन कुमार झा, कृष्ण मोहन राय, शंकर शाह, रजनीश कुमार विवेक कुमार, दिनेश प्रसाद शाह, छोटे कुमार, अमरजीत कुमार, राजकुमारी देवी एवं सानू कुमार आदि लोगों ने अपना विचार व्यक्त किया तथा मीडिया में हो रहे निजी विद्यालय के प्रति वायरस समाचार का निंदा करते हुए इसका खंडन किया। अंत में विद्यालय के निदेशक दिनेश प्रसाद शाह के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की गई। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##education #moj_content
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23 घंटे पहले
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भाकपा माले की ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक संपन्न, लिया गया संगठनात्मक व आंदोलनात्मक निर्णय जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट महंगाई, बेरोजगारी, किसान- मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गांव-गांव चलाया जायेगा अभियान समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 अप्रैल 2026)। भाकपा माले ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक रविवार को नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक पर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान तेज करने तथा जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने समेत 15 अप्रैल को राज्य सम्मेलन के डेलीगेट चुनाव में समस्तीपुर शहर मालगोदाम चौक स्थित जिला कार्यालय में निर्वाचक मंडल के सदस्यों से वोटिंग कराने, कल्याणपुर के वीरसिंगपुर में 18-19 अप्रैल को आहूत जिला सम्मेलन, 16-17-18 मई दरभंगा में आहूत राज्य सम्मेलन की सफलता को लेकर कोष संग्रह करने, पंचायत, लोकल कमिटी एवं शाखा की बैठक करने, सम्मेलन का प्रचार-प्रसार एवं पर्चा वितरण करने आदि का निर्णय लिया गया। बैठक में विचार व्यक्त करते हुए सदस्यों ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान- मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को संगठित किया जाएगा और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रखंड कमिटी ने सभी पंचायतों में शाखा कमिटी सक्रिय करने, नए सदस्यों को जोड़ने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने का भी निर्णय लिया। साथ ही निकट भविष्य में प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। बैठक में प्रखंड कमिटी के सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, प्रभात रंजन गुप्ता, आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, मो० एजाज, रंजू कुमारी, जीतेंद्र सहनी, ललन दास आदि उपस्थित थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news ##Bihar politics
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1 दिन पहले
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कुकुरमुत्ते की तरह बिहार में खुल रहे निजी स्कूल नेपाल की तरह बिहार में भी अंकुश लगाने की सरकार से मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट पड़ोसी देश नेपाल में बनी सरकार ने निजी विद्यालयों को बंद कर दुनिया में मिसाल कायम किया है: भाग्य नारायण चौधरी मोतिहारी,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 12 अप्रैल, 2026)। कुकुरमुत्ते की तरह बिहार में खुल रहे निजी स्कूल व कोचिंग सेंटर पर अंकुश लगाने की सरकार से मांग भाग्य नारायण चौधरी, सेवा निवृत कार्यालय अधीक्षक पूर्वी चम्पारण समाहरणालय, मोतिहारी सह पूर्व राज्याध्यक्ष बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, गोपगुट, बिहार, पटना सह मुख्य सलाहकार बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, गोपगुट, बिहार, पटना सह मुख्य संरक्षक पूर्वी चम्पारण, जिला महासंघ गोप सम्मानित अध्यक्ष गुट, मोतिहारीसह बिहार अनु० कर्मचारी संघ, पूर्वी चम्पारण सह सचिव नगर निगम कर्मचारी महासंघ, पूर्वी चम्पारण, सह जिला कमिटी सदस्य भाकपा माले, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सह Mediator जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी ने माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, पटना, मंत्री, शिक्षा विभाग, पटना, मुख्य सचिव, बिहार, पटना के साथ ही प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, पटना से पत्र सं. 46/26 तिथि 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से मांग करते हुऐ कहाँ है की बिहार में कुकुरमुत्ते की तरह निजी स्कूलों को खोल कर छात्रों, अभिभावकों को मनमानी पूर्वक लूटने वाले स्कूलों को नेपाल की तरह बंद करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में यह भी निम्न लिखित तथ्यों को प्रस्तुत किया है- 1. कि मन माने तौर पर प्रवेश शुल्क, मासिक शुल्क, वाहन शुल्क, किताब कॉपी, पोशाक एंव अन्य शुल्क, पुन:नामांकन शुल्क वसूले जाते हैं! 2. कि सरकार द्वारा निर्धारित 25% गरीब, कमजोर छात्रों के नाम पर खाना पूर्ति करने की साजिस में स्कूलों के शिक्षक अन्य कर्मचारी के बच्चो के नाम पंजी कृत कर उनके लिए प्राप्त अनुदान का फर्जीवाडा किया जाता है! 3. कि समय समय पर अन्य विशेष शुल्क वसूले जाते हैं! सर्व विदित है कि हाल ही में पड़ोसी देश नेपाल में बनी सरकार ने निजी विद्यालयों को बंद कर दुनिया में मिसाल कायम किया है! साथ ही यह किया गया है कि समान शिक्षा नीति के तहत सरकार के मंत्री, संतरी से लेकर आम खास के बच्चे एक साथ एक ही तरह के विद्यालयों में पढ़ेंगे! जनहित, बिहार के आम जनता के हित में सादर अनुरोध किया है कि बिहार के सभी लुट के शोषक निजी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेने की कृपा की जाय ! मिलेगी! इस कार्य से पूरे सूबे बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश दुनिया में श्रेयस्कर संवाद जाएगा और बड़ी ख्याति मिल सकती हैं। पत्र की प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारी को सकारात्मक प्रतिवेदन भेजने का अनुरोध किया हैं। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##education ##india_jankranti_news,
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2 दिन पहले
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हाई स्कूल में सीखी गई सबसे महत्वपूर्ण सीख – जीवन बदल देने वाला अनुभव : हाई स्कूल ने मुझे जिम्मेदारी का एहसास कराया। समय पर स्कूल जाना, होमवर्क पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना — ये सभी चीजें जीवन में अनुशासन लाने में मदद करती हैं। इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 11 अप्रैल 2026)। हाई स्कूल का समय हर छात्र के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। यही वह समय होता है जब हम केवल किताबों से ही नहीं, बल्कि जीवन जीने के तरीके भी सीखते हैं। मैंने भी हाई स्कूल में कई चीजें सीखी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सीख थी — समय का महत्व और आत्मविश्वास की ताकत। हाई स्कूल में पढ़ाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। पहले जहाँ पढ़ाई आसान लगती थी, वहीं हाई स्कूल में हर विषय चुनौतीपूर्ण बन जाता है। शुरुआत में मुझे भी पढ़ाई को लेकर कठिनाई महसूस हुई। कई बार अच्छे अंक नहीं मिले, जिससे आत्मविश्वास कम होने लगा। लेकिन इसी दौरान मेरे एक शिक्षक ने मुझे समझाया कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। मैंने धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या बदलनी शुरू की। समय पर पढ़ाई करना, लक्ष्य तय करना और नियमित अभ्यास करना शुरू किया। कुछ ही महीनों में मुझे फर्क दिखने लगा। पढ़ाई आसान लगने लगी और परीक्षा में अच्छे अंक आने लगे। तब मुझे समझ आया कि मेहनत और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हाई स्कूल में मैंने टीमवर्क का महत्व भी सीखा। समूह में पढ़ाई करने से कठिन विषय भी आसान लगने लगते थे। दोस्त एक-दूसरे की मदद करते थे और पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता था। इससे यह भी समझ आया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहयोग बहुत जरूरी है। इसके अलावा हाई स्कूल ने मुझे जिम्मेदारी का एहसास कराया। समय पर स्कूल जाना, होमवर्क पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना — ये सभी चीजें जीवन में अनुशासन लाने में मदद करती हैं। यही अनुशासन आगे चलकर करियर और जीवन में सफलता दिलाता है। अंत में, हाई स्कूल से मैंने यही सीखा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी है। हाई स्कूल का वह समय आज भी मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीखों में शामिल है, जिसने मुझे आगे बढ़ने और हर चुनौती का सामना करने की ताकत दी। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##education ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content #🆕 ताजा अपडेट