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D.Kant
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D.Kant
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1 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगलवार को नगर में विभिन्न स्थानों पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर,वर्मा होन्डा एजेंसी और रस्तोगी बंधुओ द्वारा गांधीपार्क में बड़े मंगलवार पर भब्य भंडारे का आयोजन किया गया। सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मन्दिर समिति की सचिव डा वीरांगना कान्त ने बताया आज दोपहर 12 बजे से शिवांगी श्रीवास्तव के सौजन्य से अपने पति विशाल कुमार के जन्मदिन पर मन्दिर प्रांगण में विशाल भंडारे व शाम आरती से पूर्व हनुमान चालीसा व बूंदी गुड़ चना प्रसाद दिया गया।सॉफ्ट पटेल एकेडमी की एक्सिक्यूटिव निर्देशक गीता श्रीवास्तव ने बूंदी प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूजन संतोष पाण्डेय,राम गोपाल मिश्रा रानी पाण्डेय,विवेक पाण्डेय ,केतकी सिंह शैलेन्द्र कुमार और अरुणेंद्र कान्त उपस्थित रहे। गांधी पार्क में बनारसी रस्तोगी के नेतृत्व में भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजन रस्तोगी,रवि रस्तोगी एवं समस्त रस्तोगी परिवार उपस्थित रहा। # बहराइच से धर्मेन्द्र कान्त की रिपोर्ट# रस्तोगी परिवार उपस्थित रहा। वर्मा होन्डा एजेंसी पर 12 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया।
D.Kant
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9 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# #नगर नानपारा के बदले मिजाज# घने काले बादलों ने छाया अंधेरा। सुरक्षा के दृष्टिगत विद्युत ब्यवस्था ठप्प होने से स्थित हुई डरावनी। तेज हवा से हो चुके है कि हादसे। क्षेत्रवासियों ने ली शरण ।कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थान पर लिया आसरा। अब हो रही है झमाझम बारिश।मौसम हुआ सुहाना.. # नानपारा से डी कान्त की रिपोर्ट#
D.Kant
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11 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# नानपारा तहसील दिवस में महिला ने लगाया जमीन कब्जे का आरोप बहराइच के नानपारा में शनिवार को आयोजित तहसील दिवस के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने अचानक पहुंचकर जोर-जोर से चिल्लाने लगी। महिला ने अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मदाह की चेतावनी भी दी। महिला का आरोप है कि उसकी जमीन को अवैध तरीके से बेच दिया गया है। उसने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। मौके पर मौजूद महिला पुलिस ने मामले को शांत कराने के सारे प्रयास विफल रहे। जिलाधिकारी ने महिला को मामले की जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसील दिवस में इस घटना के बाद कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। #बहराइच से डी कान्त की रिपोर्ट #
D.Kant
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14 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# # तीन दिनों के अन्दर शिक्षक दम्पति की मौत से क्षेत्र में सनसनी# उत्तर प्रदेश के शिक्षक दंपत्ति की संदिग्ध मौत से सनसनी, 3 दिन में पति-पत्नी की मौत से उठे कई सवाल... लखनऊ/बहराइच/श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश में एक शिक्षक दंपत्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सनसनी फैला दी है। बहराइच और श्रावस्ती में तैनात इस दंपत्ति की मौत महज तीन दिनों के भीतर होने से मामला और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और इसे पारिवारिक विवाद व दहेज उत्पीड़न के एंगल से भी देखा जा रहा है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, जितेंद्र गोयल (पति), जो बहराइच में तैनात थे, और उनकी पत्नी पिंकी सिंघल उर्फ पूजा, जो श्रावस्ती में कार्यरत थीं, मूल रूप से आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र के रहने वाले थे। दोनों की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। पहले पत्नी की मौत बताया जा रहा है कि 22 अप्रैल 2026 को पत्नी पिंकी की आगरा स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। फिर पति की भी मौत पत्नी की मौत के महज तीन दिन बाद, 23/24 अप्रैल की रात पति जितेंद्र गोयल का शव लखनऊ के एक होटल में मिला। बताया जा रहा है कि उन्होंने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस दूसरी घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। दहेज का आरोप और केस दर्ज पत्नी की मौत के बाद मायके पक्ष ने जितेंद्र गोयल, उनकी मां और पिता के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही पिंकी को प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा वहीं, जितेंद्र के परिवार का कहना है कि दहेज के आरोपों और दर्ज एफआईआर के दबाव में आकर जितेंद्र मानसिक तनाव में थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस जांच जारी पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। गृह कलह, मानसिक तनाव और दहेज उत्पीड़न समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। बड़ा सवाल लगातार दो मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह महज पारिवारिक विवाद का मामला है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है ? सच्चाई का खुलासा अब पुलिस जांच के बाद ही कर पाती है अथवा अन्य कई मामलों की तरह शिक्षको के मौत का मामला अबूझ पहेली बन कर रह जाता है। #बहराइच से डी कान्त की रिपोर्ट#
D.Kant
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14 days ago
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ 🌹🌹*जय श्री राम* 🌹🌹 *जिंदगी के किसी भी मोड़ पर आप वही करना जो आपका दिल आपसे कहे।* *क्योंकि जो दिमाग कहता है* *वो ‪"मज़बूरी"‬ होती है।* *और.....* *जो दिल कहता है वो ‪"मंजूरी‬" होती है।* *सुप्रभातम.........* *आपका दिन मंगलमय हो*
D.Kant
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18 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# # चौपहिया वाहन रोक कर नकदी व जेवर की लूट# नानपारा चौपहिया वाहन के आगे लकड़ी का लट्ठा फेंक नगदी व जेवरात लुटे। शुक्रवार देर शाम लगभग शाम सात बजे मल्हीपुर के रामपुर से थाना खैरीघाट के रायगंज वापस जा रहे थे ।नानपारा इलाके के ककरी मार्ग स्थित अली बहादर भट्ठे के पास भुठ्ठे के खेत मे छिपे बदमाशों ने गाड़ी पर लकड़ी का लट्ठा फेंक दिया जैसे ही चालक नरेंद्र ने गाड़ी रोकी बदमाशों ने गाड़ी मे सवार 27 वर्षीय दिलीप कुमार 28 आरती देवी , 40 वर्षीय तिलकराम 60 वर्ष जगरना, 23 वर्ष बसंती पर हमला कर 16 हजार की नगदी , मंगलसूत्र बालियां लूट ली। सूचना पर पहुचीं डायल 112 ने घायलों को सीएचसी नानपारा भर्ती कराया। जहां उनका इलाज चल रहा है। #बहराइच से डी कान्त की रिपोर्ट#
D.Kant
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28 days ago
#बहराइच ब्रेकिंग# *सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, नानपारा का कक्षा 10 में* *शत-प्रतिशत परिणाम, विद्यार्थियों ने रचा सफलता का इतिहास* नानपारा। सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल नानपारा, ने इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज कर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। विद्यालय के सभी विद्यार्थियों का अच्छा अंक प्राप्त करना न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत भी है। इस सफलता के शिखर पर विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा वंशिका कुशवाहा ने 94.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान अर्जित किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। वहीं नैतिक शर्मा ने 93% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा अभिनव श्रीवास्तव ने 90.8% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान पर अपना स्थान सुनिश्चित किया। इन सभी विद्यार्थियों की उपलब्धि उनके परिश्रम, लगन और अनुशासन का सजीव उदाहरण है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शानदार अंक प्राप्त किए। अनेक विद्यार्थियों ने उच्च प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। यह परिणाम विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था, नियमित मार्गदर्शन और सुदृढ़ शैक्षणिक वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत परिणाम विद्यार्थियों की अथक मेहनत, शिक्षकों के समर्पित प्रयास तथा अभिभावकों के सतत सहयोग का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा यह विश्वास व्यक्त किया कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को छूती रहेगी और शिक्षा के क्षेत्र में अपने श्रेष्ठ मानकों को बनाए रखेगी। #बहराइच से डी कान्त की रिपोर्ट #
D.Kant
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1 months ago
#🌞 Good Morning🌞 *वरुथिनी एकादशी महत्व एवं कथा🪷* *(13 अप्रैल 2026, सोमवार)* एकादशी तिथि सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। शास्त्रों में वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वैशाख माह और एकादशी तिथि दोनों ही भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए भी इस एकादशी का और भी महत्व बढ़ जाता है। इस बार यह पुण्यदायी एकादशी कल 13 अप्रैल सोमवार को है। इस दिन साधक जीवन में सुख और शांति के लिए भगवान विष्णु के संग मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि एकादशी के दिन ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। *वरुथिनी एकादशी व्रत का महत्व* पदम पुराण के अनुसार वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य सब पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है। मान्यता है कि जितना पुण्य कन्यादान और अनेक वर्षों तक तप करने पर मिलता है, उतना ही पुण्य वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से मिलता है। मनुष्य वरूथनी एकादशी का व्रत करके साधक विद्यादान का फल भी प्राप्त कर लेता है। यह एकादशी सौभाग्य देने वाली, सब पापों को नष्ट करने वाली तथा अंत में मोक्ष देने वाली है एवं दरिद्रता का नाश करने वाली और कष्टों से मुक्ति दिलाने वाली भी मानी गई है। *वरुथिनी एकादशी व्रत कथा~* प्राचीन काल में नर्मदा नदी के तट पर मान्धाता नामक राजा राज्य करते थे। वह अत्यंत दानशील तथा तपस्वी थे। एक दिन जब वह जंगल में तपस्या कर रहे थे, तभी न जाने कहाँ से एक जंगली भालू आया और राजा का पैर चबाने लगा। राजा पूर्ववत अपनी तपस्या में लीन रहे। कुछ देर बाद पैर चबाते-चबाते भालू राजा को घसीटकर पास के जंगल में ले गया। राजा बहुत घबराया, मगर तापस धर्म अनुकूल उसने क्रोध और हिंसा न करके भगवान विष्णु से प्रार्थना की, करुण भाव से भगवान विष्णु को पुकारा। उसकी पुकार सुनकर भगवान श्रीहरि विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने चक्र से भालू को मार डाला। राजा का पैर भालू पहले ही खा चुका था। इससे राजा बहुत ही शोकाकुल हुए। उन्हें दुःखी देखकर भगवान विष्णु बोले: हे वत्स! शोक मत करो। तुम मथुरा जाओ और वरूथिनी एकादशी का व्रत रखकर मेरी वराह अवतार मूर्ति की पूजा करो। उसके प्रभाव से पुन: सुदृढ़ अंगों वाले हो जाओगे। इस भालू ने तुम्हें जो काटा है, यह तुम्हारे पूर्व जन्म का अपराध था। भगवान की आज्ञा मानकर राजा मान्धाता ने मथुरा जाकर श्रद्धापूर्वक वरूथिनी एकादशी का व्रत किया। इसके प्रभाव से राजा शीघ्र ही पुन: सुंदर और संपूर्ण अंगों वाला हो गया। इसी एकादशी के प्रभाव से राजा मान्धाता स्वर्ग गये थे। जो भी व्यक्ति भय से पीड़ित है उसे वरूथिनी एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए। इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होकर मोक्ष मिलता है। *पूजाविधि~* इस दिन शंख, चक्र, कमल, गदा एवं पीताम्बरधारी भगवान विष्णु की रोली, मोली, पीले चन्दन,अक्षत, पीले पुष्प, ऋतुफल, मिष्ठान आदि अर्पित कर धूप-दीप से आरती उतारकर दीप दान करना चाहिए और साथ ही यथाशक्ति श्री विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहना चाहिए। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत फलदायी है। भक्तों को परनिंदा, छल-कपट,लालच,द्धेष की भावनाओं से दूर रहकर,श्री नारायण को ध्यान में रखते हुए भक्तिभाव से उनका भजन करना चाहिए। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद स्वयं भोजन करें। *एकादशी व्रत का पारण-:* एकादशी का पारण अगले दिन 14 अप्रैल, मंगलवार को सूर्योदय के पश्चात किया जाएगा। *व्रत के सामान्य नियम-:* • एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु की पूजा उपासना की जाती है। • एकादशी व्रत में किसी भी तरह का अन्न (अनाज) इत्यादि नहीं खाया जाता। • एकादशी व्रत में चावल व चावल से बनी वस्तुओं का सेवन पूरी तरह वर्जित है। • एकादशी व्रत के दिन तुलसीदल, फल, फलों का रस, दूध, दही, छाछ इत्यादि का भगवान को भोग लगाकर, वह प्रसाद रूप में ग्रहण किया जा सकता है। • एकादशी व्रत के दिन भगवान के मंत्रों का जप/ नाम जप/ रामचरितमानस/ गीता व विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ इत्यादि करना काफी श्रेयस्कर होता है।
D.Kant
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1 months ago
#बहराइच ब्रेकिंग# ## विनम्र श्रद्धांजलि ## प्रीति मित्तल पत्नी तुषार अग्रवाल जो भारतीय स्टेट बैंक कुड़वा में कार्यरत थीं का दिनांक 30 मार्च 2026 को सुबह 9:30 बजे जब वह ड्यूटी के लिए कार संख्या UP32MQ1854 से जा रही थी, उसी समय कुर्मीनपुरवा बाईपास चौराहे पर आर. एस. यादव की स्लीपर बस संख्या BR2PC4088 बेतहाशा स्पीड से आते हुए उसकी कार पर टक्कर मार दी,जिसमें वह भयंकर रूप से घायल हो गई थीं ! उनका मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ में इलाज चल रहा था, कल अपरान्ह उनका निधन हो गया ! #बहराइच से डी कान्त की रिपोर्ट#