महोब्बत का परिंदा हु किसी से बैर नही रखता
जहाँ नफरते बिखरी हो वहाँ मैं पैर नही रखता !!
मंगल मूरति, मारुति नंदन सकल अमंगल मूल निकंदन
पवन तनय, संतन हितकारी हृदय विराजत अवध बिहारी
मंगल मूरति, मारुति नंदन मात पिता, गुरु, गणपति, सारद शिवा समेत शंभु, शुक, नारद मंगल मूरति, मारुति नंदन चरण कमल बंदौ सब काहू देहु राम पद नेह निबाहू मंगल मूरति, मारुति नंदन बंदौ राम, लखन, बैदेही सुप्रभात, शुभ संध्या, शुभ रात्रि जयहनुमान
#🙏🏻हनुमान जी के भजन