अविज्ञेयमनालक्ष्यमध्यानगतमव्ययम्
अनाधिनिधनं चैव यद्रूपं तस्य ते नमः।
नमो नमः कारणकारणाय
नमो नमः पापविमोचनाय।
नमो नमस्ते दितिजार्दनाय
नमो नमो रोगविमोचनाय।
नमो नमः सर्ववरप्रदाय
नमो नमः सर्वसुखप्रदाय।
नमो नमः सर्वधनप्रदाय
नमो नमः सर्वमतिप्रदाय ।।
अर्थ:-हे सूर्य भगवान् जो अविज्ञेय,अलक्ष्य,अचिंत्य, अव्यय,अनादि और अनंत हैं, आपके उस स्वरूप को प्रणाम है। प्रभो! आप कारण के भी कारण हैं, आपको बारम्बार नमस्कार है। पापों से मुक्त करने वाले आपको प्रणाम है, प्रणाम है। आप दैत्यों को पीड़ा देने वाले और रोगों से छुटकारा दिलाने वाले हैं। आपको अनेकानेक नमस्कार है।आप सबको वर, सुख,धन और उत्तम बुद्धि प्रदान करने वाले हैं। आपको बारम्बार नमस्कार है।'
|| जय श्री सूर्य देव प्रणाम ||
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #☀ जय सूर्यदेव #🌞सुप्रभात सन्देश #शुभ रविवार