फॉलो करें
Irfan shaikh
@krishnna629
2,728
पोस्ट
4,325
फॉलोअर्स
Irfan shaikh
1.5K ने देखा
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय (1876–1938) बांग्ला साहित्य के सबसे लोकप्रिय और कालजयी उपन्यासकारों में से एक हैं। उन्हें 'अपराजेय कथाशिल्पी' के नाम से भी जाना जाता है। उनके साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने समाज के उन वर्गों (विशेषकर महिलाओं और वंचितों) को अपनी रचनाओं का केंद्र बनाया, जिन्हें अक्सर अनदेखा किया जाता था। यहाँ उनके जीवन और साहित्य से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं: 1. प्रमुख रचनाएँ (Major Works) उनकी कहानियाँ और उपन्यास आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने दशकों पहले थे। उनकी कई रचनाओं पर सफल फिल्में भी बनी हैं: देवदास: उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति, जिस पर कई भाषाओं में फिल्में बनीं। श्रीकांत: इसे उनकी सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक माना जाता है (चार भागों में)। चरित्रहीन: समाज की रूढ़ियों पर प्रहार करने वाला उपन्यास। परिणीता: एक सुंदर प्रेम कहानी। पाथेर दाबी: क्रांतिकारी विचारों से ओत-प्रोत होने के कारण ब्रिटिश सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। बड़ी दीदी: उनकी पहली प्रकाशित रचना। 2. लेखन की विशेषताएँ नारी चित्रण: शरत बाबू ने महिलाओं के अंतर्मन की पीड़ा, उनके त्याग और उनके विद्रोह को बहुत गहराई से चित्रित किया। यथार्थवाद: उनके उपन्यासों में कल्पना से ज्यादा यथार्थ (Reality) झलकता है। उन्होंने समाज की कुरीतियों और जातिवाद पर तीखे प्रहार किए। सरल भाषा: उनकी भाषा इतनी सरल और हृदयस्पर्शी थी कि पाठक खुद को कहानी का हिस्सा महसूस करने लगता था। 3. जीवन दर्शन शरत चंद्र का अपना जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने काफी समय म्यांमार (बर्मा) में बिताया, जहाँ के अनुभवों ने उनके लेखन को एक नई दृष्टि दी। वे मानव स्वभाव के पारखी थे और उन्होंने हमेशा यह माना कि "पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।" रोचक तथ्य वे केवल एक लेखक ही नहीं, बल्कि एक कुशल संगीतज्ञ (गायक और बांसुरी वादक) भी थे। रवींद्रनाथ टैगोर के बाद वे दूसरे ऐसे बांग्ला लेखक थे, जिनकी लोकप्रियता पूरे भारत में फैली। उनकी जीवनी प्रसिद्ध लेखक विष्णु प्रभाकर ने 'आवारा मसीहा' नाम से लिखी है, जो साहित्य की एक अनमोल धरोहर मानी जाती है। #hindi khabar #🆕 ताजा अपडेट #🗞breaking news🗞 #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #aaj ki taaja khabar
Irfan shaikh
842 ने देखा
युवराज सिंह भारत के एक महान क्रिकेट खिलाड़ी हैं। वह मुख्य रूप से एक बाएँ हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज और एक बाएँ हाथ के धीमी गति के गेंदबाज थे। उन्हें 2007 ICC विश्व ट्वेंटी20 और 2011 ICC क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्यों में से एक के रूप में जाना जाता है। 2011 विश्व कप में, उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया था। वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले भारतीय और कुल मिलाकर दूसरे खिलाड़ी हैं (उन्होंने यह उपलब्धि 2007 टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ हासिल की थी)। क्या आप उनके बारे में कोई विशिष्ट जानकारी जानना चाहेंगे, जैसे: उनके रिकॉर्ड? उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर? उनकी आत्मकथा? #hindi khabar #🗞breaking news🗞 #🆕 ताजा अपडेट #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #aaj ki taaja khabar
Irfan shaikh
609 ने देखा
सनातन धर्म से जुड़ी खास बातें नमस्ते! सनातन धर्म (जिसे अक्सर हिंदू धर्म भी कहा जाता है) दुनिया के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है और इसकी कई खास और महत्वपूर्ण बातें हैं। यहाँ सनातन धर्म से जुड़ी कुछ प्रमुख और खास बातें दी गई हैं: 🕉️ मुख्य सिद्धांत और मान्यताएँ अनादि और शाश्वत: "सनातन" का अर्थ है शाश्वत, जिसका न कोई आदि है और न ही कोई अंत। इसे किसी मनुष्य द्वारा स्थापित नहीं माना जाता, बल्कि इसे अनादि काल से चली आ रही जीवन पद्धति माना जाता है। ब्रह्म (परम सत्य): यह माना जाता है कि एक ही परम सत्य है जिसे ब्रह्म कहा जाता है। यह निराकार और साकार दोनों रूपों में अभिव्यक्त होता है। सभी देवी-देवता इसी एक ब्रह्म के विभिन्न रूप या अभिव्यक्तियाँ हैं। कर्म का सिद्धांत: यह मान्यता है कि व्यक्ति के कर्म (कार्य) ही उसका भविष्य तय करते हैं। अच्छे कर्म (सत्कर्म) शुभ परिणाम लाते हैं, जबकि बुरे कर्म (दुष्कर्म) दुःख और कष्ट का कारण बनते हैं। पुनर्जन्म और मोक्ष: आत्मा को अमर माना जाता है, जो कर्मों के आधार पर एक शरीर छोड़कर दूसरा शरीर धारण करती है (पुनर्जन्म)। इस जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाना ही मोक्ष (परम लक्ष्य) कहलाता है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष (पुरुषार्थ): मनुष्य जीवन के चार मुख्य लक्ष्य माने गए हैं: धर्म: नैतिक और धार्मिक कर्तव्य। अर्थ: धन और समृद्धि। काम: इच्छाओं और आनंद की पूर्ति। मोक्ष: जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। 📜 प्रमुख ग्रंथ और स्रोत वेद: सनातन धर्म के सबसे प्राचीन और आधारभूत ग्रंथ। ये चार हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, और अथर्ववेद। उपनिषद्: वेदों का दार्शनिक भाग, जो ब्रह्म, आत्मा और मोक्ष के गूढ़ ज्ञान को समझाता है। भगवद गीता: यह महाभारत का एक हिस्सा है और इसे सनातन धर्म का सार माना जाता है। यह कर्म, भक्ति, और ज्ञान योग का उपदेश देती है। रामायण और महाभारत: ये दो महान महाकाव्य हैं, जो धर्म, न्याय और नैतिकता के आदर्शों को कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। पुराण: इनमें देवी-देवताओं की कथाएँ, सृष्टि का वर्णन और धार्मिक विधान दिए गए हैं। 🙏 विविधता और सहिष्णुता अनेकता में एकता: सनातन धर्म में देवताओं की पूजा के कई रूप हैं (जैसे शिव, विष्णु, शक्ति आदि), लेकिन सभी को एक ही परम शक्ति का रूप माना जाता है। यह विविधता को स्वीकार करता है। पूजा की स्वतंत्रता: हर व्यक्ति को अपनी रुचि और समझ के अनुसार पूजा-पाठ, भजन, ध्यान, या योग का मार्ग चुनने की स्वतंत्रता है। सहिष्णुता: इसमें सभी धर्मों के प्रति आदर और सम्मान का भाव सिखाया गया है। यह दुनिया के किसी भी व्यक्ति को अपने धार्मिक मार्ग पर चलने से नहीं रोकता। अगर आप किसी विशिष्ट पहलू, जैसे देवी-देवता, त्यौहार, या दर्शनशास्त्र के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया पूछें! #🗞breaking news🗞 #🆕 ताजा अपडेट #hindi khabar #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #aaj ki taaja khabar
Irfan shaikh
1K ने देखा
टंट्या मामा भील जी टंट्या मामा भील जी भारतीय इतिहास के एक महान जननायक और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें प्यार से टंट्या मामा भी कहा जाता है। वास्तविक नाम: उनका वास्तविक नाम तांतिया था। समुदाय: वह स्वदेशी आदिवासी समुदाय की भील जनजाति के सदस्य थे। जन्म: उनका जन्म 1840 के आसपास तत्कालीन मध्य प्रांत (अब मध्य प्रदेश) के पूर्वी निमाड़ (खंडवा) की पंधाना तहसील के बड़ादा (बरदा) गाँव में हुआ था। पहचान: उन्हें अक्सर "भारत का रॉबिनहुड" कहा जाता है, क्योंकि वे अंग्रेजी सरकार की संपत्ति और उनके समर्थक अमीरों को लूटकर उस धन को गरीबों और जरूरतमंदों में बाँट देते थे। क्रांतिकारी गतिविधियाँ: उन्होंने 1878 और 1889 के बीच ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। वह गुरिल्ला युद्ध में निपुण थे और 12 वर्षों तक अंग्रेजों को चकमा देते रहे। लोकप्रियता: आम जनता, खासकर आदिवासी और गरीब लोग, उन्हें एक रक्षक और मसीहा मानती थी, इसलिए उन्हें सम्मान और स्नेह से 'मामा' कहकर पुकारा जाता था। बलिदान: उन्हें 4 दिसंबर 1889 को ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर जबलपुर जेल में फाँसी दे दी गई थी। उनका बलिदान दिवस हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है। कर्मस्थली: उनकी कर्मस्थली इंदौर के पास पातालपानी में थी, जहाँ आज भी उनकी समाधि स्थापित है। वह आदिवासी स्वाभिमान और ब्रिटिश अत्याचार के खिलाफ संघर्ष के एक महान प्रतीक माने जाते हैं। आप टंट्या मामा भील के बारे में और क्या जानना चाहेंगे? जैसे उनकी वीरता की कहानियाँ या उनकी युद्ध कला? #aaj ki taaja khabar #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #hindi khabar #🗞breaking news🗞 #🆕 ताजा अपडेट
Irfan shaikh
492 ने देखा
भारतीय नौसेना दिवस भारतीय नौसेना दिवस (Indian Navy Day) हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना द्वारा 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' की सफलता को चिह्नित करने और नौसेना के वीर जवानों के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। 4 दिसंबर 1971 को, भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर हमला कर उनके चार जहाजों को डुबो दिया था, जिसमें पीएनएस खैबर भी शामिल था। यह दिवस नौसेना की उपलब्धियों और देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद करने का अवसर होता है। क्या आप भारतीय नौसेना दिवस के इतिहास या इस वर्ष के समारोहों के बारे में और जानना चाहेंगे? #aaj ki taaja khabar #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #hindi khabar #🗞breaking news🗞 #🆕 ताजा अपडेट
See other profiles for amazing content