HinduFestivals

Pradeep Singh
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15 hours ago
💔🔥 “जिसे अर्जुन सबसे बड़ा भक्त समझते थे… वही भगवान को सबसे ज़्यादा कष्ट देने वाला निकला!” 😳⚔️ “कभी-कभी भगवान के सबसे करीब होने का घमंड… इंसान को सबसे दूर कर देता है!” 🕉️👑 “भक्ति में नाम बड़ा नहीं होता… त्याग और प्रेम बड़ा होता है!” =========>>>>>> प्रभु श्रीकृष्ण के सबसे बड़े भक्त एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को भगवान श्रीकृष्ण ने समझ लिया। अर्जुन का अहंकार तोड़ने के लिए एक दिन भगवान उन्हें अपने साथ घुमाने ले गए। भ्रमण करते समय उन दोनों की मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उस ब्राह्मण का व्यवहार थोड़ा विचित्र था। वह सूखी घास खा रहा था और उसकी कमर से एक तलवार लटक रही थी। अर्जुन हैरान हो गया। उसने उस ब्राह्मण से पूछा, “आप तो अहिंसा के पुजारी हैं। जीव हिंसा न हो, इसलिए सूखी घास खाकर अपना गुजारा करते हैं। लेकिन फिर हिंसा का यह साधन तलवार आपके साथ क्यों है?” यह प्रश्न सुन कर ब्राह्मण ने जवाब दिया, “मैं कुछ लोगों को दंड देना चाहता हूँ।” अर्जुन ने उत्सुक होकर फिर प्रश्न किया, “हे महाभाग! आपके शत्रु कौन हैं?” ब्राह्मण ने उत्तर दिया, “मैं चार लोगों को ढूंढ रहा हूँ, जिन्होंने मेरे भगवान को परेशान किया है, ताकि उन्हें उनके कर्मों का दंड दे सकूं।” अर्जुन ने फिर पूछा, “वे चार लोग कौन हैं?” ब्राह्मण ने कहा, “सबसे पहले तो मुझे नारद की तलाश है। नारद मेरे प्रभु को विश्राम नहीं करने देते, हमेशा भजन-कीर्तन करके उन्हें जगाए रखते हैं। उसके बाद मैं द्रौपदी से भी अत्यंत नाराज हूँ। उसने मेरे प्रभु को ठीक उसी समय पुकार लिया, जब वह भोजन करने बैठे थे। उन्हें उसी समय भोजन छोड़कर उठना पड़ा, ताकि पांडवों को महर्षि दुर्वासा ऋषि के श्राप से बचा सकें। इतना ही नहीं, द्रौपदी ने मेरे आराध्य को जूठा भोजन खिलवा दिया।” “आपका तीसरा शत्रु कौन है?” अर्जुन ने पूछा। ब्राह्मण ने उत्तर दिया, “वह है हस्तक्षेप प्रह्लाद। उस दुष्ट के कारण मेरे भगवान को गरम तेल के कड़ाहे में प्रवेश करना पड़ा, हाथी के पैरों तले कुचलना पड़ा और अंत में खंभे से प्रकट होने के लिए विवश होना पड़ा।” “और मेरा चौथा शत्रु है अर्जुन। उसका दुस्साहस तो देखिए, उसने तो मेरे भगवान को अपना सारथी ही बना डाला। उसे भगवान की असुविधा का थोड़ा भी ध्यान नहीं रहा। इससे कितना कष्ट हुआ होगा मेरे आराध्य भगवान श्रीकृष्ण को!” यह सब बताते-बताते उस गरीब ब्राह्मण की आँखों से आँसू बहने लगे। उस गरीब ब्राह्मण की ऐसी निस्वार्थ भक्ति देखकर अर्जुन का सारा अहंकार पानी की तरह बह गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगते हुए कहा, “मेरी आँखें खुल गई प्रभु, इस जगत में न जाने आपके कैसे-कैसे अद्भुत भक्त हैं। मैं तो उनके आगे कुछ भी नहीं हूँ।” =====>>> 🙏✨ #ShriKrishna #Bhakti #KrishnaBhakt #SanatanDharma #Hinduism #Spirituality #Motivation #LifeLessons #Karma #ViralStory 🌼🕉️ कभी-कभी सबसे बड़ा भक्त वही होता है… जिसे दुनिया पहचान भी नहीं पाती। अहंकार टूटते ही अर्जुन को समझ आया कि सच्ची भक्ति दिखावे से नहीं, भगवान के दर्द को अपना दर्द मानने से होती है। 💔 “भगवान के सबसे करीब होने का घमंड… कहीं आपको उनसे दूर तो नहीं कर रहा?” ❓ क्या सच्ची भक्ति में अधिकार बड़ा होता है या समर्पण? 📊🙏 क्या अर्जुन का अहंकार टूटना जरूरी था? 🔹 हाँ, तभी सच्ची भक्ति समझ आई 🌸 🔹 नहीं, अर्जुन पहले से महान थे ⚔️ 🔹 सच्चा भक्त वही जो निस्वार्थ हो 🕉️ 🔹 भगवान सबकी भक्ति अलग तरह से स्वीकारते हैं 💖 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #hindu
Pradeep Singh
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12 days ago
🔥 जब नारद जी ने उस औरत को थप्पड़ मारा, तो सीधा भगवान विष्णु के गाल लाल हो गए! 😱 क्या आप जानते हैं भगवान ने थप्पड़ क्यों खाया? कहानी के अंत में जो हुआ वो आपकी सोच बदल देगा! 🙏✨ ​=========>>>>>> विष्णु अर्पण ​कुछ पण्डितों ने एक औरत को कहा- घर में तू विष्णुजी की फोटो रख ले और रोटी खाने से पहले उनके आगे रोटी की थाली रख कर कहना है- 'विष्णु अर्पण' अगर पानी पीना है तो पहले विष्णुजी के आगे रख कर कहना है- 'विष्णु अर्पण' ​उस औरत की आदत हो गई कि जो भी काम करती पहले मन में यह यह कहती की 'विष्णु अर्पण' फिर वह काम - करती थी। आदत इतनी पक्की हो गई कि एकदिन घर का कूड़ा इक्कठा किया और फेंकते हुए कहा- 'विष्णु अर्पण'। वहीं पास से नारद मुनि जा रहे थे। उन्होंने जब यह सुना तो उस औरत को थप्पड़ मारकर कहा- विष्णुजी को कूड़ा अर्पण कर रही विष्णुजी के प्रेम में रंगी औरत थप्पड़ पड़ते ही बोली- 'विष्णु अर्पण'। अब तो नारदजी ने दूसरे गाल पर थप्पड़ मारते हुए कहा कि थप्पड़ भी 'विष्णु अर्पण' कह रही है। लेकिन वह औरत यही कहती रही 'विष्णु अर्पण' । ​नारद मुनि क्रोध करते हुए विष्णु पूरी में चले गए, वहाँ देखते है कि विष्णुजी के दोनों गालों पर उँगलियों के निशान बने हुए हैं, पूछने लगे- 'भगवान यह क्या हो गया। आप के चेहरे पर यह निशान कैसे पड़े?' ​विष्णुजी बोले- 'नारद थप्पड़ मारो भी तुम और पूछो भी तुम।' नारदजी बोले- 'प्रभु मैं आपको थप्पड़ कैसे मार सकता हूँ?' ​विष्णुजी बोले- 'नारद जिस औरत ने कूड़ा फेंकते हुए यह कहा था- 'विष्णु अर्पण' और तुमने उसे थप्पड़ मारा तो वह थप्पड़ उसने मुझे अर्पण कर दिया था।' ये उसी अर्पित थप्पड़ के निशान हैं जो आपने उसे मारे थे। ​जय जय श्री राधे कृष्ण ​=====>>> ​#VishnuArpan #LordVishnu #BhaktiShakti #Spirituality #NaradMuni #DivineLove #Karma #HinduMythology #SanatanDharma #Faith ​🙏💖✨ ​जब भक्ति निस्वार्थ और अटूट हो, तो भक्त का हर दर्द भगवान खुद सहते हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि हम जो कुछ भी समर्पित करते हैं, भगवान उसे प्रेमवश स्वीकार कर लेते हैं—चाहे वो खुशी हो या गम। ​"जब थप्पड़ पड़ा तो औरत ने फिर से 'विष्णु अर्पण' क्यों कहा? क्या आप भी हर परिस्थिति में भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं?" ​🗳️✨👇 ​आज का सवाल: नारद जी ने उस औरत को थप्पड़ क्यों मारा था? A) उसे सताने के लिए 😡 B) कूड़ा अर्पण करने पर क्रोधित होकर 🗑️ C) भगवान की परीक्षा लेने के लिए 🧐 #hindu #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Vasudhaiva Satsang
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21 days ago
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🙏ॐ गणेशाय नमः🙏 जय भारत, जय सनातन🌻 ⚜••━━ ॥ सुविचार ॥ ━━••⚜ आपके श्रोताओं की संख्या मायने नहीं रखती। महत्वपूर्ण यह है कि आपके श्रोता सुन रहे हों। Rabindranath Tagore Jayanti: 07May (Thu) Vat Savitri Vrat: 16May (Sat) Shani Jayant: 16May (Sat) Follow/Subscribe & share if you like it. #HinduFestivals #ganesha #bappa #Ganesh #Ganapati @TheNewsExclusive #HinduFestivals #hindu #ganesha #bappa #ganesh
Vikas Lohia
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22 days ago
बड़ा मंगल बुढ़वा मंगल 5 मई यानी आज से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल की शुरुआत हो रही है. ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है. इन मंगलवारों को बड़ा मंगल या कुछ क्षेत्रों में बुढ़वा मंगल कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं | #hindu #BadaMangal #hanuman #reels
Vikas Lohia
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28 days ago
खाटू श्याम जी राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल हैं, जिन्हें कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। महाभारत के योद्धा भीम के पौत्र बर्बरीक ही 'हारे का सहारा' खाटू श्याम बाबा के रूप में पूजे जाते हैं | #hindu #khatushyam #reels