क्राइम

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1 days ago
https://livedastak.com/crime-law/pema-khandu-cbi-investigation-legal-rules/ #crime
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1 days ago
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#viral #crime #mathura #viralvideo #monday मथुरा में एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने दावा किया है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
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2 days ago
https://livedastak.com/crime-law/whatsapp-scam-2026-legal-guide-india/ #crime
Jan-Kranti hindi news bulletin
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2 days ago
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निगरानी द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तार रिश्वत की राशि लेते हुऐ पेशकार की आंशिक जीवन वृत जनक्रांति कार्यालय से सूत्रों की रिपोर्ट सीओ और कर्मचारी के साथ डीसीएल आर को मिला सरकारी भूमि का अवैधानिक तरीके से दाखिल - खारिज करवाना कहा तक न्यायोचित है, संदेह के घेरे में मुंगेर/बेगूसराय, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क मुकेश कुमार एक बहुत ही गरीब घराना से रहा है इसका पिता आइस क्रीम बेचा करता था मुकेश बहुत मेधाबी था। मुकेश कुमार पचम्बा क़े निबासी नहीं वरण बाघी वार्ड नम्बर ११ क़े बासी हैँ। इस नौकरी में आने से पूर्व यह रेलवे की नौकरी में भी था। उसके उपरांत यह cgl द्वारा इंस्पेक्टर पद पर भी था। तदुपरान्त यह बी पी एस द्वारा असिस्टेंट हुआ यह होनहार बिद्यार्थी था परन्तु पैसे की ललक ने इसे घुस खोर बना दिया। यह निगरानी क़े हत्थे चढ़ गया। लेकिन ऊपर बाले की मेहरवानी या निगरानी बिभाग की मेहराबानी ही कहा जाये की इसे रंगें हाथों तो पकड़ा गया है, लेकिन होना ये था। निगरानी बिभाग द्वारा नोटों को केमिकल लगाया जाता है हाथ धुलवाया जाता है जिससे पुख्ता सबूत होता है वह नहीं किया गया है जिससे इसे बच निकलने की पुरी सम्भाबना है यह निगरानी बिभाग की मेहरबानी है या ऊपरी दबाब समझा जा सकता है। सबसे खूबी की बात है सरकारी जमीन को निजी बताकर फैसला साहेबपुर कमाल सी ओ द्वारा किया जाना औऱ डी सी एल आर बलिया द्वारा स्वीकृति देना कहाँ तक न्याय अनुकूल है इसमें तो सी ओ साहेबपुर कमाल क़े कर्मचारी औऱ सी ओ प्रथम दृष्टि में ही संदेह क़े दायरे में हैँ दुसरी ओर डी सी एल आर बलिया क़े कर्मचारी औऱ पदाधिकारी भी संदेह क़े दायरे में हैँ तब तीसरे नम्बर पर आयुक्त मुंगेर का कार्यालय आता है नियम क़े अनुसार ना सिर्फ मुकेश कुमार बल्कि संबंधित कर्मचारी औऱ पदाधिकारी पर भी एफ आई आर औऱ गिरफ्तारी औऱ आय से अधिक संपत्ति की जाँच होना चाहिये ये पुरा रैकेट इससे सम्बंधित है इसको क्यों छोड़ा जा रहा है। नीतीश जी की राज में घूसखोरी चरम चोटी पर रहा है सिर्फ शुशासन का दाबा वो करते रहे हैँ क्या क्या ना खेला उनके समय में होता रहा है ये किसी से छिपी हुई बात नहीं है ये राजस्व बिभाग क़े चार्ज में आने क़े बाद माननीय मंत्री विजय सिन्हा द्वारा किया गया जीरो टॉलरेन्स का सिर्फ नमूना है यदि वास्तविक में झांका जाये तो सभी भ्रष्ट ही मिलेंगे। मुकेश कुमार की संपत्ति सिर्फ मकान तक ही सीमित है सो बात नहीं बल्कि वे कई भूखंड क़े मालिक भी हैँ। एक संपत्ति का टुकड़ा बेगूसराय में डॉ राजेश हॉस्पिटल क़े बगल में भी है जिसे महंगें दामों में खरीदा गया है लेकिन रजिस्ट्री ऑफिस में दबाव डाल कर कम क़ीमत दर्शाया गया है ऐसे कई भूखंड का पता चल सकता है जो मुकेश कुमार द्वारा खरीदा गया है इस जाँच में बड़े बड़े पदाधिकारीयों को क्यों बख्शा जा रहा है। जबकि सभी क़े सभी समान रूप से दोषी नजर आ रहे हैँ सरकारी जमीन को किस बुनियाद पर प्राइवेट बनाया गया यह सोचनीय प्रश्न है यह तो बानगी है बिहार सरकार क़े कार्यों का ऐसे बहुतेरे मामले होंगें जो संज्ञान में आया ही नहीं है या जानबूझकर अनदेखी की जाती है भ्रष्टाचार तो जड़ जड़ में समाया हुआ है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से सूत्रों से प्राप्त सूचना प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Begusarai_jankranti_News #crime
Spectra Explain
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9 days ago
Would You Keep This Money… Or Lose Everything? Part 1 #movie #crime #👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ 😞 #viralvideo #hindistories #moneytrap #darktruth #greed #mystery #shortstory #indiaviral #twistending #emotionalstory #shorts #mysterystory #darkstory #greed #moneytrap #hindistory #crimevideo #twiststory #viralshorts #moraldilemma
Jan-Kranti hindi news bulletin
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11 days ago
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अबैध विदेशी शराब की बिक्री पर पुलिस प्रशासन नहीं लगा पा रहा है लगाम हो रहा है पुलिस की मिलीभगत से होम डिलीवरी जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट अवैध विदेशी शराब की होम डिलीवरी, पुलिस पर उठ रहे है सवाल समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 27 मार्च 2026)। समस्तीपुर में अवैध विदेशी शराब की बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही है। हैरानी की बात यह है कि अब अवैध शराब की खुलेआम होम डिलीवरी की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मालूम है की बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद समस्तीपुर में अवैध विदेशी शराब का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शहर और ग्रामीण इलाकों में मोबाइल फोन के जरिए ऑर्डर लिया जा रहा है और फिर शराब की होम डिलीवरी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में शराब तस्कर बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे तो इस अवैध कारोबार पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है। (जनता की प्रतिक्रिया): "यहां खुलेआम शराब की डिलीवरी हो रही है, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसा लगता है कि बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं है।" बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर शराब की सप्लाई रात के समय की जा रही है, जिससे पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इस अवैध कारोबार से युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है और अपराध बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक अवैध शराब का यह कारोबार चलता रहेगा और पुलिस प्रशासन कब इस पर प्रभावी कार्रवाई करेगा। फिलहाल, आम जनता प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रही है। सनास्तीपुर प्रधान कार्यालय से जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन की कार्यालय रिपोर्ट प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content ##Samastipur news #crime
Jan-Kranti hindi news bulletin
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12 days ago
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बढ़ रहा समस्तीपुर में अपराध, कई कांडों का वर्षों से नहीं हुआ खुलासा जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को दे रहे हैं अंजाम समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 26 मार्च 2026)। जिले में इन दिनों अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हत्या, लूट, चोरी, अपहरण और गोलीबारी की घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बड़े आपराधिक मामलों का वर्षों बीत जाने के बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। बढ़ते अपराध से लोगों में दहशत समस्तीपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। देर शाम के बाद लोग घरों से निकलने में हिचकिचाने लगे हैं। व्यापारी वर्ग भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। लगातार हो रही घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों से लंबित कई बड़े मामले जिले में ऐसे कई चर्चित मामले हैं जिनका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। हत्या और लूट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल अपराधी आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। कई पीड़ित परिवार वर्षों से न्याय की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस सक्रिय होती है, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। पुलिस गश्ती व्यवस्था पर उठ रहे सवाल लोगों का आरोप है कि शहर और ग्रामीण इलाकों में नियमित पुलिस गश्ती नहीं हो रही है। कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम दिखाई देती है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपराध पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि— नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए लंबित मामलों की विशेष जांच टीम बनाई जाए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस चौकी स्थापित की जाए पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी जिले में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। समस्तीपुर के नागरिक अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं ताकि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत हो और लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content ##Samastipur news #crime