हिन्दू धर्म

Pradeep Singh
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3 दिन पहले
👁️‍🗨️ आखिर मंदिर के पुजारी अपनी आँखों पर पट्टी क्यों बाँधते हैं? क्या है उस 'सॉफ्ट चीज' का सच जिसे छूते ही काँप उठते हैं हाथ! ​👉 भगवान का वो अंग जो आज भी धड़क रहा है... जानिए उस रहस्यमयी 'लकड़ी' के लट्ठे का खौफनाक और चमत्कारी सच! ​=========>>>>>> "जगन्नाथजी का रहस्य" ​जगन्नाथ मन्दिर से जुडी एक बेहद रहस्यमय कहानी प्रचलित है, जिसके अनुसार मन्दिर में मौजूद भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर स्वयं ब्रह्मा विराजमान है। ब्रह्मा कृष्ण के नश्वर शरीर में विराजमान थे और कृष्ण की मृत्यु हुई तब पाण्डवों ने उनके शरीर का दाह-संस्कार कर दिया लेकिन कृष्ण का दिल (पिण्ड) जलता ही रहा। भगवान के आदेशानुसार पिण्ड को पाण्डवों ने जल में प्रवाहित कर दिया। उस पिण्ड ने लट्ठे का रूप ले लिया। राजा इन्द्रद्युम्न, जो कि भगवान जगन्नाथ के भक्त थे, को यह लट्ठा मिला और उन्होंने इसे जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर स्थापित कर दिया। उस दिन से लेकर आज तक वह लट्ठा भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के अन्दर है। हर 12 वर्ष के अन्तराल के बाद जगन्नाथ की मूर्ति बदलती है लेकिन यह लट्ठा उसी मे रहता है। इस लकड़ी के लट्ठे को आज तक किसी ने नहीं देखा। मन्दिर के पुजारी जो इस मूर्ति को बदलते है, उनका कहना है कि उनकी आँखों पर पट्टी बाँध दी जाती है और हाथ पर कपड़ा ढक दिया जाता है। इसलिए वे न तो लट्ठे को देख पाए और न ही छू कर महसूस कर पाए है। पुजारियों के अनुसार वह लट्ठा इतना सॉफ्ट होता है मानो कोई खरगोश उनके हाथों में हो। पुजारियों का ऐसा मानना है कि अगर कोई व्यक्ति इस मूर्ति के भीतर छिपे ब्रह्मा को देख लेगा तो उसकी मृत्यु हो जाएगी। इसी वजह से जिस दिन जगन्नाथ की मूर्ति बदली जाती है, उड़ीसा सरकार द्वारा पूरे शहर की बिजली बाधित कर दी जाती है। आज तक एक रहस्य ही है कि क्या वाकई भगवान जगन्नाथ की मूर्ति मे ब्रह्मा का वास है। ​जय जय श्रीजगन्नाथ भगवान् =====>>> ​#JagannathPuri #JagannathMystery #SpiritualFacts #AmazingFacts #HinduMythology TrendingNow ViralPost OdishaTourism SanatanDharma PradiptGyan ​📜 सदियों पुराना एक ऐसा सच जो आज के आधुनिक विज्ञान को भी सोचने पर मजबूर कर देता है। भगवान का दिल आज भी धड़क रहा है, जिसे देखने की कोशिश करने वाले की मौत निश्चित है। जानिए पुरी के इस सबसे बड़े और खौफनाक रहस्य के पीछे का पूरा सच! ​🤫 जिसके दर्शन मात्र से इंसान की मौत हो सकती है, क्या उस अलौकिक शक्ति को देखना सही है? आपके विचार में क्या विज्ञान कभी इस 'धड़कते हुए दिल' का रहस्य सुलझा पाएगा? अपने विचार नीचे कमेंट में जरूर बताएं। ​ #hindu #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Pradeep Singh
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4 दिन पहले
मंदिर में 'खुली' आँखों से क्या देखते हैं? 🤫 जब वो 'निहारते' हैं, तो आपकी कौन सी चीज़ 'बड़ी' हो जाती है? 👀 कुछ लोग 'अंदर' जाकर भी 'बाहर' ही रह जाते हैं... जानिए क्यों! ​=========>>>>>> दर्शन कैसे करें ? ​हम लोगों को दर्शन करना नहीं आता ! हम मन्दिर में जाकर कहते हैं-'वाह ! बड़ी अच्छी मार्बल की मूर्ति है, सोने-चाँदी की मूर्ति है, काष की मूर्ति है।' वहाँ जाकर भगवान् का दर्शन करना चाहिए न की जड़-वस्तुओं का। सस्ते में जो नहीं देखना चाहिए, वो तो देखते चले जाते हैं। दूसरों के गुणदोष और भगवान् के सामने प्रेमपूर्वक दर्शन करके दृष्टि को कृतार्थ करना चाहिए तो वहाँ आँख मूंद के खड़े हो जाते हैं। यथा दुर्भाव है ! कितनी सुन्दर झाँकी है, फिर भी आँख मुंदकर खड़े हैं। आँख मुंदकर खड़े हैं तो वो भी किसी निष्काम भाव से प्रार्थना करने नहीं वल्कि-'है भगवन ! वहाँ से चलकर हम यहाँ तक आए हैं। हमें अमुक-अमुक वस्तुओं की आवश्यकता है, आप ये दे दीजिये, ये दे दीजिये।' बस पूरी लिस्ट बाँचर सुनाई, फिर प्रणाम किया और चले आए। फिर दुबारा मुड़कर देखा ही नहीं। ये दर्शन दत्तचित्त नहीं है। निहारो, ठाकुरजी को निहारो। चरण से लेकर मुख पर्यन्त और मुख से लेकर चरण पर्यन्त। बार बार छवि को निहारो। जरूरी नहीं की १०-२० मन्दिरों में जाए, एक जगह दर्शन करो लेकिन निहारो और जब प्रेमपूर्वक ठाकुरजी को आप निहारने लग जायेंगे तो मन्दिरों में ही नहीं आपके घर के ठाकुरजी में ही आपको विविध अनुभूतियाँ होने लगेंगी। कभी लगेगा हमारे ठाकुरजी आज थोड़े गंभीर हैं, कभी लगेगा आज थोड़े अगमने से हैं, कभी लगेगा नजर से नजर तो मिलती है लेकिन ये शरमा रहे हैं। और फिर तन्मयता बढ़ेगी तो वे बातचीत भी करने लगेंगे। ​राधे राधे =========>>>>>> ​🔥 #pradiptgyan ✨ #krishnadarshan 🙏 #radheradhe 🌻 #spiritualgrowth 🎯 #morningmotivation Trending: #reelsindia #love Viral: #shortvideo #explorepage ​🥰 मंदिर में आँखें बंद करने वालों के लिए एक ज़रूरी सबक! 🙏 अगर आप भी मंदिर जाकर सिर्फ अपनी 'लिस्ट' सुनते हैं, तो आप बहुत कुछ 'मिस' कर रहे हैं। सच्चा दर्शन क्या है और उसे कैसे पाएँ, यह कहानी खोल देगी आपकी आँखें। प्रेम से बोलिए, राधे राधे! ​👀 क्या आप भी मंदिर में वही 'एक' गलती करते हैं? हम सब मंदिर जाते हैं, लेकिन क्या हम सच में 'देखते' हैं? अगली बार जब आप दर्शन करने जाएँ, तो आँखें बंद न करें, बल्कि यह करें—और देखिए चमत्कार! ​🗳️ क्या आपने कभी ठाकुरजी से बात की है? 👍 हाँ, बहुत बार! 😐 नहीं, कभी नहीं। #hindu #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Pradeep Singh
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8 दिन पहले
🔥 “जिसे तुम अपना फैसला समझ रहे हो… शायद तुम सिर्फ माध्यम हो!” ⚔️😶 🕉️ “कभी-कभी हाथ हमारे चलते हैं… लेकिन युद्ध ऊपर वाला लड़वा रहा होता है!” 🚩 👁️ “अर्जुन रो रहे थे अपनों के लिए… कृष्ण मुस्कुरा रहे थे नियति के लिए!” 😢✨ =========>>>>>> “मनुष्य कर्ता नहीं, माध्यम भर है” श्रीकृष्ण कहते हैं, ‘जिस व्यक्ति का कार्य समाप्त हो चुका हो, उसे जाना ही पड़ता है। मोह के वशीभूत हो नियति का विरोध करना अधर्म है।’ कुरुक्षेत्र में अपने समक्ष पितामह भीष्म, गुरु द्रोण, कृप और दुर्योधन आदि समस्त बंधु-बांधवों को देख कर मोहग्रस्त हुए अर्जुन ने हाथ से गांडीव छोड़ दिया और कहा, ‘हे कृष्ण! मैं इन लोगों से कैसे युद्ध कर सकता हूँ? शास्त्र कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कुल-धर्म का विनाश करता है, वह सदैव नरक में वास करता है। कुल का नाश होने पर सनातन कुल परम्परा नष्ट होती है और इस तरह शेष कुल भी अधर्म में प्रवृत्त हो जाता है। माना कि ये लोग लोभ के वश में आ कर हमारा अधिकार छीन रहे हैं, पर हम तो लोभी नहीं हैं। हम इनका वध कैसे कर सकते हैं? मैं यह युद्ध या सकता हूँ? मैं यह युद्ध नहीं कर सकता माधव! मैं पितामह भीष्म और गुरु द्रोण जैसे पूज्य व्यक्तियों पर बाण कैसे चलाऊंगा? भले दुर्योधन आदि मुझे निहत्थे को मार दें, पर मैं युद्ध नहीं करूंगा।’ कृष्ण मुस्कुराए। वे अर्जुन के मोह को समझ रहे थे, क्योंकि यह मोह केवल अर्जुन के हृदय में नहीं उपजा था, बल्कि यह मोह समस्त मानव जगत के हृदय में बसता है। कृष्ण ने कहा- ‘हे अर्जुन! व्यक्ति को अपना कर्तव्य वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर तय करना चाहिए। इस युद्धभूमि के बाहर तुम पाण्डुपुत्र अर्जुन हो, पर युद्धभूमि में तुम केवल और केवल एक सैनिक मात्र हो। यहाँ तुम्हारा एक ही कर्तव्य है युद्ध! तुम्हारा युद्ध छोड़ना अपने कर्तव्य की अवहेलना है, जिससे बड़ा अधर्म संसार भर में कोई नहीं। महत्वपूर्ण यह नहीं कि सामने कौन खड़ा है, महत्वपूर्ण बस यह है कि तुम योद्धा हो और तुम्हें अपना धर्म निभाना है। युद्धक्षेत्र में खड़ा व्यक्ति यदि सहिष्णु हो जाए तो वह अपने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति तीनों के लिए घातक होता है।’ अर्जुन ने कहा, ‘हे केशव! यह कार्य मैं ही क्यों करूँ? मेरा कर्तव्य इतना कठोर क्यों है कि वह मुझसे मेरे परिजनों का वध कराना चाहता है?’ श्रीकृष्ण बोले, ‘हे अर्जुन! तुम इन्हें नहीं मारोगे तो क्या ये नहीं मरेंगे? पार्थ! मृत्यु जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। जिस व्यक्ति का कार्य समाप्त हो चुका हो, उसे जाना ही पड़ता है। यही नियति है, और मोह के वशीभूत हो नियति का विरोध करना अधर्म होता है। मनुष्य कर्ता नहीं, माध्यम भर होता है। जिस तरह तुम्हारी उंगलियों का आदेश पाकर तुम्हारे बाण कार्य करते हैं, उसी तरह परमात्मा का आदेश पा कर तुम कार्य करते हो। इसलिए अपना धर्म निभाओ पार्थ।’ =====>>> ⚔️🕉️ #BhagavadGita #ShreeKrishna #MotivationalStory #SanatanDharma #HinduWisdom #LifeLessons #SpiritualAwakening #KarmaTruth #Mahabharat #ViralStory 🕉️ कभी-कभी जीवन में हम जिन फैसलों से डरते हैं, वही हमारे धर्म और नियति का रास्ता बन जाते हैं। ⚔️ श्रीकृष्ण का यह संदेश सिर्फ अर्जुन के लिए नहीं… हर उस इंसान के लिए है जो मोह और कर्तव्य के बीच फँसा हुआ है। 😶 “अगर सब पहले से तय है… तो फिर इंसान सिर्फ माध्यम है या जिम्मेदार भी?” आपके अनुसार कठिन समय में दिल की सुननी चाहिए ❤️ या कर्तव्य की? ⚔️ 📊🕉️ Poll Time ❓अगर आप अर्जुन की जगह होते तो क्या करते? ⚔️ धर्म के लिए युद्ध करता 😢 अपनों के लिए युद्ध छोड़ देता 🧘 श्रीकृष्ण की बात मानता 🤔 अभी भी निर्णय नहीं ले पाता #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #hindu
ज्योतिर्मठ शंकराचार्य जी
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8 दिन पहले
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Pradeep Singh
15.7K ने देखा
11 दिन पहले
​🔥 जब ठाकुर जी ने राधा रानी से उनके पैर धोने को कहा, तो राधा जी ने जो जवाब दिया उसे सुनकर कृष्ण भी दंग रह गए! क्या आप जानते हैं राधा रानी ने मना क्यों किया? 🦶💖✨ ​=========>>>>>> प्रेमभाव ​एक बार ठाकुर जी और राधा रानी रास के बाद निधिवन से वापिस आ रहे थे। आते आते अचानक ठाकुर जी की नजर राधा रानी के चरणों पर पड़ी, राधा रानी के चरणों में बृज रज लगी थी। यमुना किनारे पंहुच कर ठाकुर जी ने राधा रानी से कहा किशोरी जी आपके चरणों में बृज रज लगी है आप यमुना जल में अपने चरण धो लीजिए तो राधा रानी ने साफ मना कर दिया। बार बार ठाकुर जी चरण धोने को कहते और राधा रानी मना कर देती। जब ठाकुर जी ने इसका कारण पूछा तो राधा रानी ने बहुत सुंदर जवाब दिया कि जो एक बार मेरे चरणों से लग जाए मैं उसे कभी दूर नहीं करती। ​प्रेम से बोलो राधे राधे ​=====>>> ​#RadhaKrishna #VrindawanDiaries #BhaktiSagar #RadheRadhe #SpiritualStory #VrajRaj #KrishnaLove #Devotional #TrendingPost #SanatanDharma ​✨🌸🙏 ​ब्रज की धूल का महत्व और राधा रानी के अनन्य प्रेम की यह सुंदर झांकी आपके हृदय को छू लेगी। कान्हा के प्रेम में डूबी किशोरी जी का यह उत्तर निस्वार्थ समर्पण की पराकाष्ठा है। ​"एक बार चरणों से लग जाने पर राधा रानी कभी साथ नहीं छोड़तीं... क्या आप भी आज राधा रानी के चरणों में अपनी हाजिरी लगाना चाहेंगे? कमेंट में 'राधे राधे' लिखकर बताएं कि आपको यह प्रसंग कैसा लगा?" ​🗳️✨👇 ​आज का सवाल: राधा रानी ने अपने चरणों की धूल धोने से मना क्यों किया? A) धूल सुंदर लग रही थी 🌸 B) वो यमुना किनारे नहीं जाना चाहती थीं 🌊 C) जो एक बार चरणों से लग जाए उसे वो दूर नहीं करतीं ❤️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #hindu
Pradeep Singh
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19 दिन पहले
========>>>>>> श्रीकृष्ण मयूर पंख क्यों धारण करते हैं ? वनवास के दौरान माँ सीता को पानी की प्यास लगी। श्री राम जी नी चारों ओर देखा। तभी वहां एक मयूर ने आ कर श्री रामजी से कहा कि अभी थोड़ी दूर पर संभावना। श्री ॥ किंतु मार्ग ने पूछ वों मूर्त ? ह मयूर ने उत्तर दिया श्री मैं उमती में अपना बहु क्यों ? तब मयूर ने उत्तर दिया कि मैं उड़ता हुआ आऊंगा और आप चलते हुए आएंगे। इसलिए उस के सहारे आप जलाशय तक पहुँच आओगे। मयूर के पंखा, एक विशेष ऋतु में ही बिखरते हैं। अगर वह अपनी इच्छा विरुद्ध पंखों को बिखेरेगा तो उसकी मृत्यु हो जाती है। वही हुआ। अंत में जब मयूर अन्तिम सांस है की जो जगत की प्यास बुझाते है ऐसे प्रभु की प्यास बुझाने का उसे सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान श्री राम ने मयूर से कहा की- मेरे लिए तुमने जो मयूर पंख बिखेरेकर, ऋणानुबंध चढ़ाया है, मैं उस ऋण को अगले जन्म ने जरूर चुकाऊंगा। फिर अगले जन्म में, भगवान राम ने कृष्ण का अवतार लिया और अपने सिर पर मोरपंख। =====>>> #🪶Krishna #🙏Bhakti #👑Morpankh #✨SpiritualIndia #📿Hinduism #🔥ViralPost #🌸Devotion #💯SanatanTruth #📈TrendingNow #❤️Faith 🙏 कभी-कभी छोटी सी कुर्बानी… भगवान के सबसे बड़े आशीर्वाद में बदल जाती है। 🪶 मोरपंख सिर्फ सजावट नहीं… एक अधूरी कहानी का पूरा सम्मान है। 🔥 “जो खोया था… वही सबसे बड़ा बन गया?” क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान भी किसी का ऋण चुकाते हैं? 🤔 👉 सीख: सच्ची निस्वार्थ सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती… भगवान उसे कई गुना बढ़ाकर लौटाते हैं। 📊 Poll👇 क्या आप निस्वार्थ सेवा में विश्वास रखते हैं? 🙏 हाँ, यही सच्ची भक्ति है 🤔 कभी-कभी ❌ नहीं, सब स्वार्थ है 💭 सोचने वाली बात है #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #hindu
Pradeep Singh
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20 दिन पहले
👉 जिसने दुनिया को बचाने के लिए “जहर” पी लिया… सोचो उसका दर्द कितना गहरा होगा! 🥶🔥 👉 कभी किसी ने अपने गले में आग रखी है… और फिर भी मुस्कुराया है? 😳🔱 👉 ये कहानी सिर्फ भक्ति नहीं… सहनशक्ति की हद दिखाती है! 💧🕉️ =========>>>>>> भगवान शिव का जलाभिषेक पौराणिक कथानुसार जब सागर मंथन हुआ था तो सर्वप्रथम सागर से कालकूट नामक विष निकला था जिसकी गर्मी से सर्वत्र त्राहि-त्राहि मच गई थी। इस विष को देवता या दानव कोई भी नहीं लेना चाहता था। कालकूट की त्रासदी से धरा को बचाने के लिये भगवान शिव ने इसका पान किया। विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में ही धारण कर लिया ताकि वह उदर तक ना पहुँच जाये। कंठ में विष धारण करने से उनका कंठ नीला पड़ गया। कंठ नीला होने के कारण ही वे नीलकण्ठ कहलाये। कालकूट को शिव द्वारा कंठ में धारण करने से बाहर की गर्मी तो शांत हो गयी किन्तु शिव का कंठ जलने लगा। कंठ की गर्मी को शांत करने और शिव के कष्ट को कम करने के लिये तब सभी देवताओं ने मिलकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आज भी भगवान शिव के कष्ट को कम करने हेतु उनका जलाभिषेक किया जाता है। श्रावण शिवरात्रि में इसका विशेष महत्व है, कहते हैं इसी दिन शिव ने विषपान किया था। =======>>> #HarHarMahadev #ShivBhakti #SanatanDharma #Bholenath #SpiritualIndia MahadevStatus Shivratri DevotionalVibes ViralBhakti HinduCulture 🙏 जिसने पूरी सृष्टि को बचाने के लिए विष पिया… वही आज भी हर भक्त के दुख हरता है। 🔱 महादेव की ये लीला हमें सिखाती है कि सच्चा त्याग कैसा होता है। 👉 जिसने अपने अंदर जहर रखा… ताकि दुनिया सुरक्षित रहे, क्या आप ऐसा कर सकते हैं? ❓ अगर आपको मौका मिले तो क्या आप दूसरों के लिए इतना बड़ा त्याग करेंगे? 📊 Poll 👉 क्या आप दूसरों के लिए खुद कष्ट सह सकते हैं? 🔱 हाँ, यही सच्ची भक्ति है 🤔 कोशिश करूंगा 😢 बहुत कठिन है 💭 सोचने वाली बात है #hindu #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️