इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी

Adv Navneet mishra
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9 days ago
दुष्कर्म व POCSO एक्ट जैसे गंभीर मामले में भी माननीय हाईकोर्ट ने तथ्यों और कानूनी पहलुओं को देखते हुए आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान की। 👉 कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयु निर्धारण में केवल आधिकारिक प्रमाण पत्र को प्राथमिकता दी जानी चाहिए — जो कि एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु है। ✅ यह निर्णय दर्शाता है कि सही पैरवी और मजबूत दलीलों से न्याय मिल सकता है। 📌 अगर आपके या आपके किसी परिचित के खिलाफ कोई क्रिमिनल / सिविल / रेवेन्यू मामला चल रहा है — तो सही सलाह लेना बहुत जरूरी है। 📞 निःसंकोच संपर्क करें: 9120868870 Navneet Mishra Advocate, High Court Allahabad #इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी
Adv Navneet mishra
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3 months ago
⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला | कमाने वाली पत्नी को गुज़ारा भत्ता नहीं 📌 Case: Ankit Saha vs State of U.P. & Another 📜 धारा: Section 125 CrPC इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी स्वयं कमाने में सक्षम है और अपना खर्च उठा सकती है, तो वह पति से गुज़ारा भत्ता (Maintenance) की मांग नहीं कर सकती। इस मामले में पत्नी की नियमित आय सामने आई थी, इसके बावजूद Family Court ने पति को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। 👉 हाईकोर्ट ने उस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि — ✔ CrPC की धारा 125 का उद्देश्य केवल वास्तव में जरूरतमंद पत्नी की सहायता करना है ✔ कानून का इस्तेमाल दबाव या गलत लाभ के लिए नहीं किया जा सकता ✔ आत्मनिर्भर महिला को Maintenance का स्वतः अधिकार नहीं है 🔍 यह फैसला क्यों ज़रूरी है? यह निर्णय उन मामलों में संतुलन स्थापित करता है जहाँ कानून का दुरुपयोग कर झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए जाते हैं। साथ ही यह स्पष्ट संदेश देता है कि न्याय सहानुभूति के साथ-साथ निष्पक्षता पर आधारित होता है। ✍️ Adv Navneet Mishra #AllahabadHighCourt #Section125CrPC #MaintenanceLaw #Alimony #DivorceLaw #IndianJudiciary #LegalAwareness #CourtDecision #Allahabad Highcourt
Adv Navneet mishra
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4 months ago
High court Allahabad Uttar Pradesh किसी भी कानूनी सहायता, जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं..... मो न 9120868870 #Allahabad Highcourt #वंदे मातरम #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान