*let us understand our religion

ડો અબ્દુલ ગની મહેસાણીયા
592 views
5 days ago
*📡 “A Timeless Message in the Age of Science”* *📡 “विज्ञान के युग में एक कालातीत #Qur'an and We #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #points to ponder संदेश”* 10/5/26
ડો અબ્દુલ ગની મહેસાણીયા
595 views
5 days ago
*📡 “A Timeless Message in the Age of Science”* *📡 “विज्ञान के युग में एक कालातीत संदेश”* 10/5/26 #points to ponder #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #Qur'an and We
ડો અબ્દુલ ગની મહેસાણીયા
587 views
6 days ago
*“Sometimes what we think is not what really is—and that’s where misunderstandings begin. So, understand carefully before you conclude.”* *“कभी-कभी हम समझते क्या हैं और होता क्या है।” और यहां से ही गैर समज की शुरुआत होती है, इसलिए बराबर सोच समझ कर बात समझे।* 9/5/26 *हज़रत आयशा से रिवायत है कि पैगंबर (सल्ललाहु अलयही वसल्लम)की पत्नियों ने उनसे पूछा, "हममें से सबसे पहले आपकी मृत्यु के बाद आपसे कौन मिलेगा?" उन्होंने कहा, *"वह, जिसके हाथ सबसे लंबे हैं।"* *पत्नियों ने लकड़ी से अपने हाथ नापने शुरू किए और सौदा का हाथ सबसे लंबा निकला। लेकिन जब ज़ैनब का इंतकाल सबसे पहले हुआ, तब हमें समझ आया कि "लंबे हाथ" का मतलब *दान-पुण्य (Charity) करना'*था।* *ज़ैनब दान करने में सबसे आगे थीं।* *(संदर्भ: सहीह बुखारी 1420)* **व्याख्या (Short Note)** *यह हदीस सिखाती है कि हर बात का मतलब शारीरिक या बाहरी नहीं होता।* * **गलतफहमी:** पत्नियों ने इसे शरीर की बनावट (Physical length) समझा। * **सच्चाई:"लंबे हाथ" एक मुहावरा था, जिसका अर्थ *'उदारता और दान'** था।* **सबक:* *किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले गहराई से सोचना ज़रूरी है, क्योंकि सच्चाई अक्सर हमारी सोच से अलग होती है।* ९/५/२६(२) #*let us understand our religion #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #ऐसा भी होता है #सोचने वाली बात #points to ponder
ડો અબ્દુલ ગની મહેસાણીયા
552 views
6 days ago
*“Sometimes what we think is not what really is—and that’s where misunderstandings begin. So, understand carefully before you conclude.”* *“कभी-कभी हम समझते क्या हैं और होता क्या है।” और यहां से ही गैर समज की शुरुआत होती है, इसलिए बराबर सोच समझ कर बात समझे।* 9/5/26 *हज़रत आयशा से रिवायत है कि पैगंबर (सल्ललाहु अलयही वसल्लम)की पत्नियों ने उनसे पूछा, "हममें से सबसे पहले आपकी मृत्यु के बाद आपसे कौन मिलेगा?" उन्होंने कहा, *"वह, जिसके हाथ सबसे लंबे हैं।"* *पत्नियों ने लकड़ी से अपने हाथ नापने शुरू किए और सौदा का हाथ सबसे लंबा निकला। लेकिन जब ज़ैनब का इंतकाल सबसे पहले हुआ, तब हमें समझ आया कि "लंबे हाथ" का मतलब *दान-पुण्य (Charity) करना'*था।* *ज़ैनब दान करने में सबसे आगे थीं।* *(संदर्भ: सहीह बुखारी 1420)* **व्याख्या (Short Note)** *यह हदीस सिखाती है कि हर बात का मतलब शारीरिक या बाहरी नहीं होता।* * **गलतफहमी:** पत्नियों ने इसे शरीर की बनावट (Physical length) समझा। * **सच्चाई:"लंबे हाथ" एक मुहावरा था, जिसका अर्थ *'उदारता और दान'** था।* **सबक:* *किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले गहराई से सोचना ज़रूरी है, क्योंकि सच्चाई अक्सर हमारी सोच से अलग होती है।* ९/५/२६(१) #points to ponder #सोचने वाली बात #ऐसा भी होता है #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #*let us understand our religion
ડો અબ્દુલ ગની મહેસાણીયા
683 views
13 days ago
આ દુઆ ખરેખર બહુ જ ઉત્તમ દુઆ છે અને તેના સુંદર પરિણામો જોવા મળે છે. #*let us understand our religion #points to ponder #सोचने वाली बात #islam guide us in every field of life #Islamic prayer