अरावली बचाओ

Divakar Kumar Thakur
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4 महीने पहले
#अरावली की चोटियां⛰️ #अरावली बचाओ #अरावली को बचाओ #अरावली पर्वत बचाओ #अरावली🌲🌳 आप लोगों से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट है कि इस अरावली पहाड़ को बचाने के लिए आप लोग आवाज उठाई
jay
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4 महीने पहले
अरावली में एक जेसीबी चलाने वाला युवक था— हाथ में मशीन, सामने अडिग पहाड़। उसने बिना हिचक कहा, “मैं अरावली को नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा।” न उसने भाषण दिए, न कोई नारे लगाए— बस अपनी अंतरात्मा की आवाज़ मानी। उसके इस एक कदम ने कई और मनों को झकझोर दिया। उसे देखकर दूसरे ड्राइवर भी आगे आए और सबने मिलकर खुदाई करने से मना कर दिया। वह न कोई नेता था, न कोई बड़ा अधिकारी— वे साधारण मेहनतकश लोग थे, जिन्होंने साबित कर दिया कि देश सिर्फ़ सत्ता से नहीं, ज़मीर से चलता है। आज के समय में, जब पहाड़ों को तोड़ा जा रहा है, जंगल उजाड़े जा रहे हैं और नदियाँ सूखती जा रही हैं, ऐसे लोग हमें उम्मीद की राह दिखाते हैं। शायद यही सच्ची देशभक्ति है— जब इंसान कहता है: “कमाई से पहले धरती।” 🙏 ऐसे लोगों को मेरा नमन। अगर आपको भी लगता है कि अरावली को बचाना ज़रूरी है, तो इस संदेश को आगे बढ़ाइए, ताकि यह आवाज़ और लोगों तक पहुँच सके। भारत बचाओ आंदोलन #अरावली बचाओ
jay
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4 महीने पहले
जब धरती ने पहली बार साँस ली थी, जब इंसान का नामो-निशान तक नहीं था, तब #अरावली पर्वत खड़ा हुआ कहा जाता है, आज से लगभग 200 करोड़ वर्ष पहले, धरती की कोख फटी, और अरावली जन्मा। यह कोई साधारण #पहाड़ नहीं था, यह धरती की ढाल था, राजस्थान का रक्षक था। समय बदला, राजे आए, साम्राज्य मिटे, रेगिस्तान फैलने को आतुर हुआ #रेगिस्तान फैलने को आतुर हुआ लेकिन अरावली चट्टान बनकर खड़ा रहा। इसने आँधियों को रोका, बाढ़ को थामा, ज़मीन के नीचे पानी को ज़िंदा रखा। आज वही अरावली खामोश होकर सवाल पूछ रहा है। अगर मेरी ऊँचाई 100 मीटर से कम है, तो क्या मेरी ज़रूरत भी कम हो गई? आज कहा जा रहा है, छोटे पहाड़ काटे जा सकते हैं। लेकिन कोई ये नहीं पूछता कि ये छोटे पहाड़ ही हमें बचाते हैं। ये पहाड़ न हों तो रेगिस्तान शहरों को निगल जाएगा, पानी सूख जाएगा, हवाएँ ज़हर बन जाएँगी। अरावली कहता है, मैं ऊँचा नहीं, लेकिन अमर हूँ। मैं बूढ़ा हूँ, पर कमजोर नहीं। जो पहाड़ करोड़ों सालों से खड़ा है, वो आज मशीनों से डर रहा है। अगर आज हमने अरावली को खो दिया तो आने वाली #पीढ़ियाँ पूछेंगी तुम्हें बचाने वाला था, फिर तुमने उसे क्यों नहीं बचाया? अगर आज हमने अरावली को खो दिया तो आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी तुम्हें बचाने वाला था, फिर तुमने उसे क्यों नहीं बचाया? आज वही अरावली खामोश होकर सवाल पूछ रहा है। अगर मेरी ऊँचाई 100 मीटर से कम है, तो क्या मेरी ज़रूरत भी कम हो गई? अरावली कहता है, मैं ऊँचा नहीं, लेकिन अमर हूँ। मैं बूढ़ा हूँ, पर कमजोर नहीं। जो पहाड़ करोड़ों सालों से खड़ा है, वो आज मशीनों से डर रहा है। #अरावली #पर्वतमाला #रेगिस्तान #राजस्थानगौरव #hilights #follower #friends #MerryChristmas #happyholidays #holidayspirit #अरावली बचाओ