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अंतरिक्ष में मिला पृथ्वी से भी पुराना 'शहर', 29 साल के भारतीय वैज्ञानिक ने की खोज; मणिपुर की झील से है गहरा कनेक्शन!
Oldest Galaxy City Discovered in Space: अंतरिक्ष से जुड़ी एक बहुत ही दिलचस्प खोज ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. मणिपुर के 29 साल के वैज्ञानिक डॉ. रोनाल्डो लैशराम ने एक ऐसी विशाल गैलेक्सी सिटी की खोज की है, जो पृथ्वी के बनने से भी अरबों साल पुरानी बताई जा रही है. इस गैलेक्सी सिटी का अनोखा कनेक्शन मणिपुर के लोकतल झील से है.
अंतरिक्ष में मिला पृथ्वी से भी पुराना 'शहर', 29 साल के भारतीय वैज्ञानिक ने की खोज; मणिपुर
Science News: अंतरिक्ष की दुनिया से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर आई है, जिसने वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. मणिपुर के रहने वाले 29 साल के एक भारतीय वैज्ञानिक डॉ. रोनाल्डो लैशराम ने अंतरिक्ष में तारों और आकाशगंगाओं के बीच एक बहुत बड़ा 'शहर' खोज निकाला है. यह शहर तब का है जब हमारी पृथ्वी भी नहीं बनी थी. सबसे खास बात यह है कि अंतरिक्ष के इस अनोखे हिस्से का एक खास कनेक्शन मणिपुर की फेमस झील लोकतक से है.
डॉ. रोनाल्डो लैशराम ने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में एक बड़ी गैलेक्सी सिटी यानी गैलेक्सी का एक बहुत बड़ा शहर खोजा है. इस प्राचीन मेगासिटी का नाम मणिपुर की झील के नाम पर लोकतक प्रोटोक्लस्टर रखा गया है.
यह खोज इसलिए भी खास है, क्योंकि यह ब्रह्मांड के जन्म के मात्र 1.2 अरब साल बाद की है. आज से लगभग 12.6 अरब साल पहले, जब हमारा ब्रह्मांड बिल्कुल नया था, तब अंतरिक्ष के उस गहरे अंधेरे में यह आकाशगंगाओं का शहर खुद को तैयार कर रहा था. इस खोज ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शुरुआती अंतरिक्ष का भीड़भाड़ वाला माहौल, पहली आकाशगंगाओं के आकार को हमारी सोच से कहीं ज्यादा तेजी से बदल रहा था.
जापान और नासा के टेलिस्कोप से खुला राज
जापान के नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी में तैनात डॉ. रोनाल्डो लैशराम और उनकी इंटरनेशनल टीम ने इस खोज के लिए जापान के सुबारू टेलिस्कोप और नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप की ताकतों को एक साथ मिलाया.
जब जेम्स वेब टेलिस्कोप ने कॉस्मिक रेडशिफ्ट यानी ब्रह्मांड के फैलने के कारण प्रकाश की तरंगों का खिंच जाना की मदद से इस प्रोटोक्लस्टर को देखा, तो एक हैरान करने वाली बात सामने आई. यहां अकेले रहने वाली सामान्य गैलेक्सीज की तुलना में 40% ज्यादा बड़ी थीं. ये गैलेक्सीज अपने आस-पास से ठंडी गैस को खींचकर बहुत तेजी से नए तारों को जन्म दे रही हैं.
क्या है प्रोटोक्लस्टर?
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर प्रोटोक्लस्टर क्या है? प्रोटोक्लस्टर कई गैलेक्सियों का ऐसा ग्रुप होता है, जो भविष्य में मिलकर एक बड़ा गैलेक्सी क्लस्टर बन सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले अरबों सालों में यह संरचना और बड़ी होकर एक विशाल कॉस्मिक शहर का रूप ले लेग
लोकतक झील से क्यों जुड़ा नाम?
जिस तरह मणिपुर की लोकतक झील पर तैरते हुई फुमदी के द्वीप आपस में जुड़े रहते हैं, ठीक इसी तरह स्पेस के इस हिस्से में चार बड़ी गैलेक्सी ग्रुप
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समूह गुरुत्वाकर्षण के कारण एक कॉस्मिक जाल की तरह आपस में मजबूती से बंधे हैं. इसीलिए इसका नाम लोकतक रखा गया है.