#जागो हिंदूओं जागो

🕉️❅🔱एकांत वासी बैरागी भोलेबाबा का भक्त🪘❅═━┈
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3 महीने पहले
आज बांग्लादेश का कोई हिंदू टैक्स के लिए..... परेशान नहीं है, अपनी जाति की श्रेष्ठता के लिए....परेशान नहीं है महंगाई के लिए......परेशान नहीं है, बेरोजगारी के लिए.....परेशान नहीं है, फ्री बिजली पानी के लिए....परेशान नहीं है, गटर और सड़क के लिए....परेशान नहीं है, जात-पात के लिए.....परेशान नहीं है, ऊंच-नीच के लिए......परेशान नहीं है, आज वो परेशान है तो सिर्फ अपनी:- जान बचाने के लिए!! आज वो परेशान है तो सिर्फ अपने:- बच्चों की जान बचाने के लिए!! आज वो परेशान है तो सिर्फ अपने:- घर की महिलाओं की इज्जत बचाने के लिए !! आज उसकी परेशानी सिर्फ अस्तित्व बचाना है उसका आज..... आपका कल न बने इसलिए उसके लिए आप आज आवाज उठाइये!! कुछ दिन बाकी सब भूल कर...... सिर्फ हिन्दू बन जाइये! जागो हिन्दुओं जागो 🙏🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #👉 लोगों के लिए सीख👈 ##जागो हिंदूओं जागो ##धर्मो रक्षित रक्षित: #🆕 ताजा अपडेट
🕉️❅🔱एकांत वासी बैरागी भोलेबाबा का भक्त🪘❅═━┈
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3 महीने पहले
#🌸 सत्य वचन #🕉️सनातन धर्म🚩 #👉 लोगों के लिए सीख👈 ##धर्मो रक्षित रक्षित: ##जागो हिंदूओं जागो साल 1914 में यूएन मुखर्जी ने एक छोटी सी पुस्तक लिखी, नाम था... #हिन्दू - एक मरती हुई नस्ल'!! सोचिए 108 साल पहले, उन्हें पता था!! 1911 की जनगणना को देखकर ही 1914 में मुखर्जी ने पाकिस्तान बनने की भविष्यवाणी कर दी। उस समय संघ नहीं था, सावरकर नहीं थे,हिन्दू महासभा नहीं थी। ** तब भी मुखर्जी ने वो देख लिया जो पिछले 100 सालों में एक दर्जन नरसंहार और एक तिहाई भूमि से हिन्दू विलुप्त करा देने के बाद भी राजनैतिक विचारधारा वाले सेक्युलर हिन्दू नहीं देख पा रहे। ** इस किताब के छपते ही सुप्तावस्था से कुछ हिन्दू जगे। अगले साल 1915 में पं मदन मोहन मालवीय जी के नेतृत्व में हिन्दू महासभा का गठन हुआ। आर्य समाज ने शुद्धि आंदोलन शुरू किया जो..... एक मुस्लिम द्वारा स्वामी श्रद्धानंद की हत्या के साथ समाप्त हो गया। ** 1925 में हिन्दुओं को संगठित करने के उद्देश्य से संघ बना। ** लेकिन ये सारे मिलकर भी वो नहीं रोक पाए जो यूएन मुखर्जी 1915 में ही देख लिया था। ** गांधीवादी अहिंसा ने इस्लामिक कट्टरवाद के साथ मिलकर मानव इतिहास के सबसे बड़े नरसंहार को जन्म दिया और काबुल से लेकर ढाका तक हिन्दू शरीयत के राज में समाप्त हो गए। ** जो बची भूमि हिन्दुओं को मिली वो हिन्दुओं के लिए मॉडर्न संविधान के आधार पर थी और मुसलमानों के लिए..... शरीयत की छूट, धर्मांतरण की छूट, चार शादी की छूट, अलग पर्सनल लॉ की छूट, हिन्दू तीर्थों पर कब्जे की छूट, सब कुछ स्टैंड बाय में है। ** हिन्दू एक बच्चे पर आ गए हैं, वहां आज भी आबादी बढ़ाना शरीयत है। ** जो लोग इसे केवल राजनीति समझते हैं उन्हें एक बार इस स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाना चाहिए 2022 में 1915 से क्या बदला है? ** आज भी साल के अंत में वो अपना नफा गिनते हैं, हम अपना नुकसान। ** हमें आज भी अपने भविष्य के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है। ** आज भी संयुक्त इस्लामिक जगत हम पर दबाव बनाए हुए हैं कि हम अपने तीर्थों पर कब्जा सहन करें, लेकिन उपहास और अपमान की स्थिति में उसी भाषा में पलटकर जवाब भी न दें। ** मराठों ने बीच में आकर 100-200 साल के लिए स्थिति को रोक दिया जिससे हमें थोड़ा और समय मिल गया है लेकिन ये संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। ** अपने बच्चों को देखिए आप उन्हें कैसा भविष्य देना चाहते हैं। मरती हुई हिन्दू नस्ल जैसा कि 1915 में यूएन मुखर्जी लिख गए थे। ** अपने समय का एक समय, अपनी कमाई का एक हिस्सा, बिना किसी स्वार्थ के हिन्दू जनजागरण में लगाइये, अगर ये कोई भी दूसरा नहीं कर रहा तो खुद करिए। नहीं तो.... आपके बच्चे अरबी मानसिकता के गुलाम, चौथी बीवी या फिदायन हमलावर बनेंगे और इसके लिए सिर्फ आप जिम्मेदार होंगे। #Hindu dying race नहीं है, हम सनातन हैं। और ये आखिरी सदी है, जब हम लड़ सकते हैं। इसके बाद हमारे पास भागने के लिए कोई जगह नहीं है। बेशर्मी और निर्लज्जता की हद देखिए..... एक हिन्दू महिला ( नुपुर शर्मा ) के विरुद्ध लगातार आग उगल रहे हैं, जान से मारने के फतवे दे रहे हैं, बलात्कार की धमकी दे रहे हैं और ये हाल तब है जब ये मात्र 25% है। गम्भीरता से सोचिए...... आपके सामने आपकी महिला को कट्टरपंथी खुलेआम गर्दन काटने, बलात्कार की धमकी दे रहे हैं, पोस्टर चिपका रहे हैं, जहां आप बाहुल्य समाज हैं। उनका दुस्साहस देखिए आपके इलाके में जाकर आपकी महिला के विरुद्ध प्रदर्शन में आपकी दुकानें बंद करवाने पहुंच गए. नही माने तो पत्थरबाज़ी कर दंगा कर दिया। ये हाल तब है जब वे 20 दिनों से लगातार फव्वारा चिल्ला रहे हैं। यहां मसला केवल एक महिला का नही बल्कि गर्दन काटने को उतारू उस कट्टरपंथ मानसिकता का है, जिसका प्रतिकार बहुत आवश्यक है। समय रहते इसे बढ़ने से रोकना बहुत आवश्यक है, वरना देश जंगलराज हो जाएगा। इसे यही रोकिये, हल्के में मत लीजिए। मानवता वाली भूमि को रेगिस्तान बनने से रोक लीजिए.... आप घिर चुके हैं...... ठीक उसी प्रकार जैसे.... शतरंज मे राजा को प्यादे, जंगल मे शेर को भेड़िए, और चक्रव्यूह में अभिमन्यु....... शरजील इमाम ने "#चिकेन_नेक" की बात की, आप जानते हैं हर शहर का एक चिकन नेक होता है! हर बाजार का एक चिकेन नेक होता है, और सभी चिकन नेक पर उनका कब्जा है। आप अपने शहर के मार्केट निकल जाइए अपना लैपटाप बनवाने मोबाईल बनवाने या कपड़े सिलवाने आप को अंदाजा नही है कि चुपचाप "#बिजनेस_जिहाद" कितना हावी हो चुका है। गुजरात का जामनगर हो, लखनऊ का हजरतगंज, मुम्बई का हाजी अली, गोरखपुर का हिंदी बाजार या दिल्ली का करोलबाग "चेक मेट" हो चुके हैं, अब हर जगह इनका कब्जा हो चुका है! उतने जमीन पर आप के मंदिर नही हैं जितनी जमीनें उनके पास "कब्रिस्तान" के नाम पर रसूल की हो चुकी हैं! एक दर्जी की दुकान पर सिलाई करने वाले सभी उनके हम-मजहब है, चैन से लगायत बटन तक के सप्लायर नमाजी हैं! ढाबे उनके, होटल उनके, ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार हो या ओला उबर का ड्राइवर सब जुमा वाले हैं। आप शहर में चंदन जनेऊ ढूढते रहिए नहीं पाएंगे, वहीं हर चौराहे पर एक कसाई बैठा है। घिर चुके हैं आप ! उपाय इसका इतना आसान नही है, गहराई से काम करना होगा, अपनी दुकानें बनानी होंगी, अपना भाई हर जगह बैठाना होगा। वरना #गजवा_ए_हिंद चुपचाप पसार चुका है अपना पांव, बस घोषणा होनी बाकी है। शेर दहाड़ते ही रह गया, भेड़िए जंगल पर कब्ज़ा बना कर बैठ चुके हैं। आँखे बंद करिए और ध्यान दीजिए हर जगह आप को नारा ए तकबील "अल्लाहु अकबर"!! सुनाई देगा...... ** और अगर नहीं सुनाई दे रहा है तो मुगालते मे हैं आप। बस एक जवाब लिख दीजिए... और बता दीजिए कि "कब जागेंगे आप"?? कब तक सेकुलर का चोला ओढ़े रहेंगे..? हिंदू एक मरती नस्ल सभी हिन्दू अपने मित्रो को अधिक से अधिक यथाशीघ्र शेयर कीजिए।।
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3 महीने पहले
बांग्लादेश में हिन्दू दीपू चंद्र दास को पवन कल्याण ने दी श्रद्धांजली और उधर बॉलीवुड़ के सारे खान चुप्पी मारकर बैठे है पवन कल्याण का हर हिन्दू को समर्थन करना चाहिए #🕉️सनातन धर्म🚩 ##जागो हिंदूओं जागो ##धर्मो रक्षित रक्षित: #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈