bacchon Ka sansar

Akshara Upadhyay
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2 months ago
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर रवि मलिक के अनुसार, बच्चों के लिए एक सामान्य एडल्ट टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए एक बात का खास ध्यान रखना जरूरी है। टूथपेस्ट में मौजूद फ्लोराइड की मात्रा 1,000 पीपीएम से कम होनी चाहिए। एक्‍सपर्ट बताते हैं कि अगर बच्चा छह महीने से तीन साल की उम्र के बीच है, तो उसके लिए टूथपेस्ट की मात्रा बहुत कम रखनी चाहिए। इस उम्र में बच्चे को चावल के दाने के बराबर ही टूथपेस्ट देना सही माना जाता है। #👧 बच्चों का संसार
Akshara Upadhyay
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2 months ago
पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रोहित भारद्वाज के अनुसार, बच्चों के सामने कपड़े बदलने के सवाल को एक आसान उदाहरण से समझा जा सकता है। जैसे- हमारे घर में मेहमानों का ल‍िव‍िंग रूम तक आना सामान्य बात है, लेकिन बिना अनुमति कोई भी हमारे बेडरूम में नहीं जा सकता, क्योंकि वह हमारा प्राइवेट स्‍पेस होता है। इसी तरह, बच्चों को भी शुरू से यह समझाना जरूरी है कि हर किसी की बॉडी उसकी प्राइवेट स्पेस होती है। साथ ही, यह भी ध्‍यान रख‍िए क‍ि तीन साल तक के बच्चे मासूम होते हैं, वे शरीर के फर्क या प्राइवेसी को नहीं समझ पाते। लेकिन चार से पांच साल की उम्र में बच्चे धीरे-धीरे यह सब समझने लगते हैं। इसलिए जब माता-पिता दरवाजा बंद करके कपड़े बदलते हैं, तो वे बच्चों को इनडायरेक्‍टली रूप से यह मैसेज देते हैं कि उनकी बॉडी उनकी प्राइवेट स्‍पेस है और यहां कोई अलाउड नहीं है। यह आदत बच्चों को अपनी सेफ्टी के लिए स्टैंड लेना और गुड और बैड टच की पहचान करना भी सिखाती है। #👧 बच्चों का संसार