jaisitaram

Vikas Lohia
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17 घंटे पहले
सीता नवमी (जानकी नवमी) 2026 में 25 अप्रैल, शनिवार को मनाई जा रही है | यह त्यौहार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, जब माता सीता राजा जनक को भूमि से प्राप्त हुई थीं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और सीता-राम की पूजा की जाती है | #hindu #sitanavami #sitaram #reels
sn vyas
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17 घंटे पहले
#🪔सीता नवमी 🦚 #सीताराम आप समस्त धर्मप्राण सदस्यों को सीता नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🥰🌷♥️ तहँ बस नगर जनकपुर परम उजागर । सीय लच्छि जहँ प्रगटी सब सुख सागर ॥ ५ ॥ [ गोस्वामी तुलसीदास विरचित- जानकी मंगल दोहा ~५ ] भावार्थ 👉🏻 वहाँ ( तिरहुत देशमें ) जनकपुर नामक एक प्रसिद्ध नगर बसा हुआ था, जिसमें सुखोंकी समुद्र लक्ष्मीस्वरूपा श्रीजानकीजी प्रकट हुई थीं ॥ ५ ॥ 🚩।। माता सीता का प्राकट्य दिवस ।।🚩 माता सीता का प्राकट्य दिवस हमें भक्ति स्वरूपा की उस परम उदाहरण की याद दिलाता है, जिसमें पूर्ण समर्पण, अटल विश्वास और निष्काम प्रेम का अद्भुत संगम है। जब जनकपुर में राजा जनक ने यज्ञ भूमि जोतते समय भूमि से प्राकट्य हुआ, तब श्रीमाता सीता जी ने जन्म से ही यह संदेश दिया कि जीव का उद्धार भक्ति में ही निहित है, न कि स्वयं के प्रयासों या बुद्धि के बल पर। वे स्वयं भक्ति की मूर्तिमान स्वरूपा हैं। रामावतार में श्रीराम के साथ उनका जीवन देखें तो हर परिस्थिति में वे श्रीराम को ही अपना एकमात्र आश्रय मानती रहीं। वनवास की कठिनाइयाँ हों, अशोक वाटिका की यातनाएँ हों, या अग्नि परीक्षा का समय हो — माता सीता ने कभी भी स्वयं पर भरोसा नहीं किया, बल्कि पूर्ण रूप से श्रीराम (परमात्मा) पर विश्वास रखा। उन्होंने कभी शंका नहीं की, कभी चिन्ता नहीं की, और न ही भय को अपने मन में स्थान दिया। माता सीता जी का चरित्र सिखाता है कि सच्ची भक्ति वह है जिसमें जीव पूर्णतः आत्मसमर्पण कर दे। जब भक्ति स्वरूपा सीता जी ने श्रीराम को ही अपना सर्वस्व मान लिया, तब उन्हें किसी भी दुःख ने छुआ तक नहीं। अशोक वाटिका में रावण की यातनाएँ भी उन्हें श्रीराम से अलग नहीं कर सकीं, क्योंकि उनका मन निरन्तर राम-चरणों में लगा रहता था। इसलिए आज माता सीता के प्राकट्य उत्सव पर हमें प्रण करना चाहिए कि हम भी अपनी शंकाओं, चिन्ताओं और भय को त्यागकर, माता सीता की तरह भक्ति स्वरूपा बनें। हर परिस्थिति को “राम प्रसाद” मानकर ग्रहण करें, स्वयं के उपायों को छोड़कर पूर्ण रूप से भगवान के विधान पर विश्वास रखें। जब जीव भक्ति में लीन हो जाता है, तब वह दुःख के सागर से ऊपर उठकर आनन्द के सागर में गोता लगाता है। माता सीता जी का प्राकट्य हमें यही शिक्षा देता है — भक्ति ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है। जगतजननी माँ वैदेही के पावन प्राकट्योत्सव सीता नवमी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। माँ जानकी की कृपा सभी के ऊपर बनी रहे।
RaysVeda
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1 दिन पहले
सीता नवमी इस दिन व्रत और पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है भक्ति और श्रद्धा से किया गया हर कार्य फलदायी होता है 💫 इस पावन दिन माता सीता का आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें 🙏 कमेंट में लिखें – 🙏 जय माता सीता 🙏 ❤️ वीडियो को Like & Share करें 🌿 और ऐसे ही आध्यात्मिक ज्ञान के लिए @raysveda को फ़ॉलो ज़रूर. ##sitanavmi #sitaram #Bhaktireels #SanatanDharma #🙏जय श्री रामसीता🙏
Pranav Sharma
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14 दिन पहले
“Ram Saware Nav Meri” 🚣‍♂️ Dil se bolo — Jai Shri Ram 🚩 Follow karo aur bhakti se jude raho ✨ #ram #hanuman #jaishriram #bajrangbali #sitaram