जय श्री राम देव डीजे साउन्ड ढन्ढेडा

ĽÓƘÉŚḤ
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2 घंटे पहले
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संकट मोचन नाम तिहारो, सुन ले दास की अरज पुकारो। जो भी तेरा नाम जपावे, भय उसका जग से मिट जावे।। ... ... #Bajrangbali #Hanumaan #Kashtbhanjan #JayShreeRam #Pavanputra #viral #trending #instagram #Photo #Reels #Status #Video #Storyjai ShreeRam #bajrangbali#ytshorts#shortvideo#subscribe#trending#explore #viralshorts 💖🙏🚩 #जय श्री राम
ĽÓƘÉŚḤ
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5 घंटे पहले
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Feel the power of the mighty Gada! Watch this epic Al cinematic sequence as we build up from the divine golden weapon to the majestic, thunderous flight of Lord Hanuman. No one can match the supreme power of Bajrangbali! Did this cinematic entry give you goosebumps? Comment 'Jai Bajrangbali' below! Share this divine energy with every Hanuman Bhakt! hanuman flying status, bajrangbali mass entry, hanuman cinematic ai video, golden gada, hanuman with gada, lord hanuman attitude status, telugu devotional status, ai visual storytelling, sandeep visuals 03, epic mythology ai, hanuman jayanti status, thunder strike VFXjai ShreeRam #bajrangbali#ytshorts#shortvideo#subscribe#trending#explore #viralshorts 💖🙏🚩 #जय श्री राम
sn vyas
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8 दिन पहले
#जय श्री राम प्रभु राम-सीता माता हनुमान जी से बोले --- वृक्ष की शोभा को देखकर भगवान् श्रीराम हनुमानजी से बोले – ‘देखो हनुमान ! यह लता कितनी सुन्दर है | वृक्ष के चारों ओर कैसी छायी हुई है | यह लता अपने सुन्दर-सुन्दर फल, सुगन्धित फूल और हरी-हरी पतियों से इस वृक्ष की कैसी शोभा बढा रही है इससे जंगल के अन्य सब वृक्षों से यह वृक्ष कितना सुन्दर दीख रहा है | इतना ही नहीं, इस वृक्ष के कारण ही सारे जंगल की शोभा हो रही है | इस लता के कारण ही पशु-पक्षी इस वृक्ष का आश्रय लेते हैं | धन्य है यह लता !’ भगवान् श्रीराम के मुख से लता की प्रशंसा सुनकर सीता जी हनुमानजी से बोलीं – ‘देखो बेटा हनुमान ! तुमने ख्याल किया कि नहीं ? देखो, इस लता का ऊपर चढ़ जाना, फूल पतों से छा जाना, तन्तुओं का फ़ैल जाना – ये सब वृक्ष के आश्रित हैं, वृक्ष के कारण ही हैं | इस लता की शोभा भी वृक्ष के ही कारण है | इस वास्ते मूल में महिमा तो वृक्ष की ही है | आधार तो वृक्ष ही है | वृक्ष के सहारे बिना लता स्वयं क्या कर सकती है ? कैसे छा सकती है ? अब बोलो हनुमान ! तुम्हीं बताओ, महिमा वृक्ष की ही हुई न ?’ रामजी ने कहा – ‘क्यों हनुमान ! यह महिमा तो लता की ही हुई न ?’ हनुमानजी बोले – ‘हमें तो तीसरी बात ही सूझती है |’ सीताजी ने पूछा – ‘वह क्या है बेटा ?’ हनुमानजी ने कहा –‘माँ ! वृक्ष और लता की छाया बड़ी सुन्दर है | इस वास्ते हमें तो इन दोनों की छाया में रहना ही अच्छा लगता है, अर्थात हमें तो आप दोनों की छाया (चरणों का आश्रय) – में रहना ही अच्छा लगता है |’ सेवक सुत पति मातु भरोसें | रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें || (मानस. ४/३/२)