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Jan-Kranti hindi news bulletin
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हुनर से संवरेगा भविष्य: जूट हस्तशिल्प प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगी समस्तीपुर की महिलाएं जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट नाबार्ड प्रायोजित 20 दिवसीय एलईडीपी प्रशिक्षण का शुभारंभ, 90 महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 1 सितम्बर, 2026)। जिले के स्वयं सहायता समूह भवन, परतापुर में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के तहत अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन (औसेफा) के तत्वावधान में महिलाओं के लिए 20 दिवसीय जूट के रेशे से हस्तशिल्प निर्माण एवं स्वरोजगार कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मानवाधिकार समिति के माननीय अध्यक्ष सह बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. तरुण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डॉ. तरुण कुमार ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जूट के रेशे से बने गुलदस्ते, आकर्षक बैग, टोकरियां, मैट एवं विभिन्न सजावटी सामानों की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में हुनर आने से उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा, “एक महिला जब पढ़ती है तो एक परिवार शिक्षित और सशक्त होता है, लेकिन जब एक महिला हुनरमंद बनकर कमाने लगती है तो पूरा समाज और देश आगे बढ़ता है।” उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जूट केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि उनकी तरक्की की डोर है। आज सीखा गया छोटा-सा हुनर भविष्य में बड़े व्यवसाय का आधार बन सकता है। यदि हाथों में हुनर और आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो महिलाएं अपनी अलग पहचान बनाते हुए ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकती हैं। नाबार्ड के डीडीएम अभिनव कृष्ण ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि 20 दिनों तक चलने वाला यह प्रशिक्षण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रज्वलित हुई इस प्रशिक्षण की ज्योति केवल समस्तीपुर या बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए जूट उत्पादों को अन्य राज्यों तक भी पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नाबार्ड के राष्ट्रीय स्तर के मेलों में भी महिलाओं द्वारा निर्मित जूट उत्पादों के विपणन की संभावनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जीविका के डीपीएम विक्रांत शंकर सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को इस हुनर को अपनाकर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं, एलडीएम कार्यालय के प्रबंधक उदय शंकर मल ने बैंकिंग एवं विभिन्न आर्थिक योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर कार्य और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने वाले लोगों को बैंक हरसंभव आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है। कार्यक्रम का संचालन औसेफा के सचिव ललित कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा कुल 90 महिलाओं को तीन अलग-अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और उनके सतत आर्थिक विकास के लिए संस्था हरसंभव सहयोग करेगी। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्था की परियोजना निदेशक प्रेरणा कुमारी ने किया। मौके पर प्रशिक्षक धर्मेंद्र राम, शिवनाथ महतो, मो. शमीम, वंदना कुमारी, मिंटू कुमारी सहित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं। प्रशिक्षण से निखरेगी नारी शक्ति की तकदीर, हुनर और मेहनत से बदलेगी हाथों की लकीर। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #samastipur ##Samastipur news #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️
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न्यायालय कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गरजे एस. एम. असगर इमाम, अधिवक्ताओं की बैठक 3 सितंबर को जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट जिला वकील संघ में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से लेकर न्यायिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोपों तक उठाए सवाल, अधिवक्ताओं के लिए 20 लाख बीमा, मेडिक्लेम और पेंशन की मांग समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 1 सितंबर, 2026)।व्यवहार न्यायालय कार्यों एवं अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जिला वकील संघ के संयुक्त सचिव एस. एम. असगर इमाम ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जिला वकील संघ में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले सहित जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। प्रेस वार्ता के दौरान एस. एम. असगर इमाम ने बार काउंसिल से जुड़े मामलों पर भी सवाल खड़े करते हुए उसके अध्यक्ष मनन मिश्रा पर लगभग 150 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अधिवक्ताओं के लिए मेडिक्लेम सुविधा, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर जिले के अधिवक्ताओं को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। संयुक्त सचिव ने मांग की कि जिले के सभी अधिवक्ताओं को 20 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाए तथा उनके लिए पेंशन व्यवस्था भी लागू की जाए। उनका कहना था कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण के लिए ठोस कदम उठाया जाना आवश्यक है। इन्हीं तमाम मुद्दों को लेकर आगामी 3 सितंबर को न्यायालय परिसर में जिला वकील संघ के अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में अधिवक्ताओं के हितों, कल्याणकारी योजनाओं और उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किए जाने की संभावना है। बैठक को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्सुकता बनी हुई है और माना जा रहा है कि इसमें आगे की रणनीति एवं आंदोलन की रूपरेखा पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के आरोपों और दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #samastipur #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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देवका गाँव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की तैयारी जोर-शोर से, आयोजन को दिया जा रहा अंतिम रूप जनक्रांति कार्यालय से राजीव झा की रिपोर्ट चौथम प्रखंड के देवका स्थित राम-जानकी मंदिर परिसर में 4 से 7 सितंबर तक धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, नाटक और ऑर्केस्ट्रा से होगा दर्शकों का मनोरंजन खगड़िया,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 1 सितम्बर, 2026)। खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत देवका गाँव स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन समिति द्वारा मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि पहले देवका गाँव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर केवल भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती थी और बाद में प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता था। उस समय यहां मेले का आयोजन नहीं होता था। बाद में गाँव के युवाओं और समाजसेवियों ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को एक भव्य मेले का स्वरूप दिया। इस पहल में राजीव झा (पत्रकार), गौरी झा, राजीव भगत, दिलीप साह, स्वर्गीय खलठू बाबा, प्रमोद सिंह, कैलू सरपंच, बिलयन साह एवं गरीब मुंशी सहित कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके संयुक्त प्रयास से देवका में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की शुरुआत हुई और तभी से यहां प्रतिवर्ष भव्य आयोजन किया जाता रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, 4 सितंबर 2026 की रात्रि में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 5 और 6 सितंबर की रात्रि में नाट्य कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा, जिसमें ‘घुंघरू’ और ‘समर्पण’ जैसे नाटकों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन होगा। वहीं, 7 सितंबर को दर्शकों के भरपूर मनोरंजन के लिए नाट्य कला परिषद की ओर से ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक देवका पहुँचकर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेंगे। राजीव झा ने बताया कि आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इस बार का श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #samastipur #🆕 ताजा अपडेट
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2 days ago
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भाकपा माले प्रखंड कमिटी की बैठक में लिया गया आंदोलनात्मक निर्णय जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट फतेहपुर मुसहरी पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ 3 सितंबर को अनुमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा भाकपा माले ताजपुर/समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 31 अगस्त 2026)। भाकपा माले ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक सोमवार को गांधी चौक स्थित एक निजी विद्यालय में प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता तथा जिला कमिटी सदस्य ललन कुमार के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। बैठक में पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी आंदोलनात्मक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में फतेहपुर मुसहरी में प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में दलित-गरीब परिवारों को रैयती बासगीत पर्चा, भूमिहीनों को वासभूमि एवं आवास, पहुंच पथ सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 3 सितंबर को समस्तीपुर शहर के सरकारी बस स्टैंड से जुलूस निकालकर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 6 सितंबर को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित “जेनजी राइजिंग” छात्र-युवा संसद में ताजपुर क्षेत्र से 100 छात्र-युवा एवं महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया। बैठक में खेग्रामस की सदस्यता 5 हजार तथा किसान महासभा की सदस्यता 1 हजार तक पहुंचाने, छात्र-युवा एवं महिला संगठनों को मजबूत करने तथा पार्टी के मुखपत्र ‘लोकयुद्ध’ की वार्षिक सदस्यता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि गरीबों, दलितों, भूमिहीनों और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा तथा जनसमस्याओं को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। बैठक में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, आसिफ होदा, मो. क्यूम, मो. शाद तौहीदी, संजीव राय, मनोज कुमार सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, मुकेश कुमार गुप्ता, रंजू कुमारी, जीतेंद्र सहनी, मो. अबूबकर, ललन दास समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #samastipur #🆕 ताजा अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news
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फतेहपुर मुसहरी का भाकपा माले जांच दल ने किया दौरा, उजाड़े गए परिवारों को न्याय दिलाने की मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट पर्चा, वासभूमि-आवास, पहुंचपथ की मांग को ले 3 सितंबर को SDO के समक्ष होगा माले का धरना-प्रदर्शन ताजपुर/समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 30 अगस्त, 26)। ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर पंचायत स्थित वार्ड संख्या-3 मुसहरी में हाल में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद भाकपा माले, खेग्रामस और किसान महासभा के जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल ने रविवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। जांच दल ने उजाड़े गए परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा प्रशासन से पुस्तैनी बसे रैयतों को भूमि पर्चा, भूमिहीन परिवारों को वासभूमि एवं आवास तथा आवागमन के लिए पहुंचपथ उपलब्ध कराने की मांग की। दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों ने जांच दल को बताया कि अंचल प्रशासन ने भूमाफियाओं के इशारे पर उनके घरों पर बुलडोजर चलाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा जानबूझकर डूबाऊ गड्ढा खोदा गया है तथा करीब दो सौ एकड़ खेती की भूमि से वर्षा जल निकासी के लिए बने बाहा (नाला) को भी भर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में जलजमाव और अन्य समस्याओं की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी आरती कुमारी पर कार्रवाई में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उजाड़ने के दौरान पुलिस द्वारा दलित सूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा धौंस-धमकी देने की घटनाएं भी हुईं। जांच दल ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। जांच दल में शामिल खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिलाध्यक्ष उपेंद्र राय, किसान महासभा जिला सचिव कॉमरेड ललन कुमार, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, चंद्रशेखर कुमार तथा भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा खोदे गए गड्ढे में यदि किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति की डूबकर मौत होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रखंड प्रशासन की होगी। नेताओं ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षतिपूर्ति और भूमि संबंधी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने घोषणा की कि 3 सितंबर को समस्तीपुर सरकारी बस स्टैंड से जुलूस निकालकर अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया जाएगा तथा वहां धरना-प्रदर्शन कर मांगों को उठाया जाएगा। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news #samastipur
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जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन (बेव) द्वारा दलसिंह सराय अनुमंडल चीफ ब्यूरो अनीश कुमार के साथ "युवाओं से संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं। 31/08/2026 समय 06 बजे शाम को विद्यापति धाम मंदिर प्रांगण में अत: आप सभी युवा सैकडो की संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर "युवा से संवाद" कार्यक्रम को सफल बनाऐ.. जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन (बेव) समस्तीपुर, बिहार (848101) ##Samastipur news #samastipur #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️
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मुसहरी पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में माले का प्रतिरोध मार्च, पर्चा - वासभूमि -आवास, मुआवजा, पहुंचपथ की मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट भूमाफिया के इशारे पर बुलडोजर चलाने, डूबाऊ गड्ढ़ा खोदने, सरकारी बाहा को भरने की घटना की जांच कर दोषी अंचलाधिकारी पर कारवाई हो- माले ताजपुर/समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 29 अगस्त 2026)। ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित मुसहरी में अंचल प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में शनिवार को भाकपा माले एवं खेग्रामस के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया तथा सभा आयोजित की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों को रैयती पर्चा, वासभूमि, आवास, पहुंचपथ उपलब्ध कराने तथा उजाड़ने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकान, बर्तन एवं खाद्य सामग्री का उचित मुआवजा देने की मांग की। सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से बसे गरीब मुसहर परिवारों को बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था किए उजाड़ना अमानवीय कदम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा खोदे गये गड्ढे में डूबने से अगर किसी बच्चे-व्यक्ति की मौत होती है तो इसका जिम्मेवार प्रशासन होगा। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं उनकी क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की। सभा को अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार, खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिला अध्यक्ष उपेन्द्र राय, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, चंद्रशेखर कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अनील कुमार सिंह, डॉ. गुलाब, सोनिया देवी, अनीता देवी एवं शिवकुमारी देवी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि गरीब एवं भूमिहीन परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आगामी 3 सितंबर को समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय पर प्रस्तावित प्रदर्शन को बड़ी भागीदारी के साथ सफल बनाने की अपील की। सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेग्रामस कार्यकर्ता एवं भाकपा माले समेत अन्य दलों के कार्यकर्ताओं ने संबोधित करते हुए उक्त कारवाई को भूमाफिया के इशारे पर की गई कार्रवाई करार देते हुए संपूर्ण मामले की जांच कर दोषी अंचलाधिकारी आरती कुमारी एवं अन्य अधिकारियों, राजस्वकर्मियों पर कारवाई की मांग की। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #samastipur #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news
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समस्तीपुर में वक्फ की जमीन पर बड़ा सवाल: अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का आरोप जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट खाता-खेसरा संख्या 618-619 को लेकर विवाद, मामला न्यायालय में लंबित होने की बात; वक्फ संपत्ति की स्थिति पर प्रशासन और बोर्ड से जवाब की मांग समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 29 अगस्त, 2026)। समस्तीपुर में वक्फ संपत्ति से जुड़े एक पुराने और गंभीर विवाद ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब्दुल गफ्फार मुसाफिर खाना से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां स्थानीय स्तर पर वक्फ संपत्ति के रिकॉर्ड में कथित तौर पर रद्दोबदल किए जाने और भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संपत्ति से संबंधित कुछ भूमि का खाता-खेसरा संख्या 618-619 बताया जा रहा है। हालांकि इन खाता-खेसरा नंबरों तथा संपत्ति की वास्तविक वक्फ स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित राजस्व एवं वक्फ अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है। वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठ रहे सवाल सबसे गंभीर आरोप यह है कि अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना से संबंधित भूमि के रिकॉर्ड में कथित रद्दोबदल वक्फ बोर्ड की मिलीभगत से हुआ। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यदि जांच में रिकॉर्ड में किसी प्रकार का अवैध परिवर्तन या वक्फ संपत्ति के स्वरूप में अनधिकृत बदलाव प्रमाणित होता है, तो यह बेहद गंभीर मामला हो सकता है। सवाल यह भी है कि यदि संपत्ति वास्तव में वक्फ के रूप में दर्ज है, तो उसकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले संबंधित अधिकारियों ने भूमि की वर्तमान स्थिति की निगरानी क्यों नहीं की..? न्यायालय में मामला लंबित होने की सूचना स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि उक्त भूमि से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसी स्थिति में न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि मुकदमा लंबित है और विवादित भूमि पर निर्माण, कब्जा, खरीद-बिक्री अथवा रिकॉर्ड में परिवर्तन जैसे आरोप हैं, तो संबंधित प्रशासनिक एवं वक्फ अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे न्यायालयीन स्थिति और राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। 618-619 की जमीन आखिर किसकी..? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खाता-खेसरा संख्या 618-619 की भूमि का वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड क्या कहता है..? क्या यह भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है..? यदि हां, तो वक्फ रजिस्टर में इसका विवरण क्या है..? क्या अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना इसी भूमि से संबंधित है..? क्या जमीन के जमाबंदी और अन्य राजस्व अभिलेखों में कोई परिवर्तन किया गया..? और यदि परिवर्तन हुआ तो वह किस आदेश और किस प्रक्रिया के तहत हुआ..? इन सवालों का जवाब राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित वक्फ बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकता है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि प्रशासन पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए। जांच के दौरान पुराने वक्फ रिकॉर्ड, रजिस्टर, खाता-खेसरा, जमाबंदी, नक्शा, भूमि की वर्तमान स्थिति तथा न्यायालय में चल रहे मुकदमे से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या अवैध कब्जा प्रमाणित होता है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि लगाए जा रहे आरोप गलत पाए जाते हैं तो प्रशासन और वक्फ बोर्ड को भी आधिकारिक दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बड़ा सवाल—मौन क्यों..? वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद यदि वर्षों से चल रहा है और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, तो फिर संबंधित विभागों की ओर से इसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही..? क्या अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना की भूमि का रिकॉर्ड सही है..? क्या खाता-खेसरा 618-619 वास्तव में वक्फ संपत्ति से संबंधित है..? क्या रिकॉर्ड में कोई रद्दोबदल हुआ है..? यदि हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है..? और सबसे महत्वपूर्ण— अगर वक्फ की संपत्ति पर कब्जे या रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप सही है, तो कार्रवाई कब होगी..? जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन इस पूरे मामले में संबंधित वक्फ बोर्ड, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। यह रिपोर्ट उपलब्ध स्थानीय सूचनाओं और लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि तथा न्यायालय के अंतिम निर्णय को ही अंतिम तथ्य माना जाएगा। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##Samastipur news #🔴 क्राइम अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #samastipur
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समस्तीपुर में वक्फ की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन मौन क्यों..? जनक्रांति कार्यालय विशेष रिपोर्ट वक्फ संपत्ति की सुरक्षा के दावों के बीच जमीन पर कथित कब्जे से बढ़ा विवाद, शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग की समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 29 अगस्त, 2026)। जिले में वक्फ बोर्ड की भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वक्फ संपत्ति की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी से जुड़े तंत्र की कथित लापरवाही के कारण कीमती भूमि पर कब्जे की स्थिति पैदा हुई है। इस पूरे मामले में शिया एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित भूमि वास्तव में वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज है और उस पर अवैध कब्जे की शिकायत सामने आई है, तो अब तक इसकी निष्पक्ष जांच और अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई.? बिहार में वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप से सामने आ चुका है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार राज्य में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड से जुड़ी सैकड़ों संपत्तियों पर अतिक्रमण का मामला राज्यसभा में भी उठाया गया है। ऐसे में समस्तीपुर की कथित वक्फ भूमि पर अतिक्रमण का मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, रिकॉर्ड की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा व्यापक सवाल बन सकता है। आखिर जिम्मेदार कौन..? यदि भूमि वक्फ संपत्ति है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित वक्फ बोर्ड और स्थानीय स्तर पर संबंधित पदाधिकारियों की है। वहीं अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर राजस्व एवं जिला प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। समस्तीपुर जिला प्रशासन की ओर से हाल के जन संवाद और जनता दरबार कार्यक्रमों में भूमि विवाद एवं अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और नियमानुसार निष्पादन का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद यदि किसी वक्फ भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण का आरोप है, तो यह जांच का विषय है कि संबंधित शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और जमीन की वर्तमान स्थिति क्या है। रिकॉर्ड सार्वजनिक हो, हो निष्पक्ष जांच इस पूरे मामले में सबसे जरूरी है कि संबंधित वक्फ संपत्ति के मूल दस्तावेज, खाता-खेसरा, जमाबंदी, वक्फ रजिस्टर तथा वर्तमान भूमि की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं तो प्रशासन को इसकी स्थिति भी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि किसी व्यक्ति या संस्था पर बिना आधार आरोप न लगे। सरकार और प्रशासन से उठे सवाल क्या समस्तीपुर में वक्फ बोर्ड की सभी संपत्तियों का अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध है..? क्या संबंधित भूमि का स्थल निरीक्षण और सीमांकन कराया गया है..? अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की.? क्या वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कोई लिखित शिकायत या कानूनी कार्रवाई की..? और सबसे अहम—अगर वक्फ की जमीन पर कब्जा हुआ है तो उसे हटाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है..? बिहार सरकार ने पूर्व में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उन पर अतिक्रमण रोकने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसलिए समस्तीपुर से उठ रहे इन सवालों का जवाब देना संबंधित विभागों और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए और यदि अतिक्रमण प्रमाणित होता है तो कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #samastipur #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news #🔴 क्राइम अपडेट