#🪔सोमवती अमावस्या🙏📿 #शुभ सोमवार #शिव पार्वती #🙏शिव पार्वती
`वागर्थाविव सम्पृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये ।`
`जगतः पितरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ ॥`
[ `रघुवंशम् , १.१` ]
`अर्थात 👉🏻 वाणी एवं अर्थ की सिद्धि के निमित्त वाक् तथा अर्थके समान सम्मिलित सामरस्यमय स्वरूप धारण करनेवाले जगत् के माता-पिता परमेश्वरी-पार्वती औऱ परमेश्वर शिव को प्रणाम करता हूँ ।`
`भगवान् भुवनेश्वर शिव जगत्पिता हैं ,`
`यह श्रुतिसिद्ध तथ्य है । –`
`जगतः पितरं रुद्रं`
[ `( ऋक्०आश्व०सं० ६।४९।१० ) एवं ( ऋक्०शा०सं० ६।४९।१० ) ]`
`"भुवनस्य भूतजातस्य पितरं पालयितारं रुद्रम् ।"`
[ `श्रीमत्सायणाचार्यकृतभाष्य` ]
`☝🏻समस्त भुवनके अर्थात् समस्त भूतसमुदायके ( स्थावर-जङ्गम-प्राणियों , पञ्चभूतों एवं पदार्थों आदि– समस्त उत्पन्न = जायमान-समूहके ) पिता एवं पालक , सर्वेश्वर रुद्र [रुत्=दुःखम् । तत् द्रावयितारमीश्वरम् अर्थात् दुःखोंके-निवारक ईश्वर] ( शिव ) हैं ।`
`चित्र का भाव – नीलकण्ठ भगवान् शिव वाक्-स्वरूप , शब्द-ब्रह्म हैं ।`
`जगदम्बा पार्वती अर्थ-स्वरूपा , करुणा-शक्ति हैं ।`
`दोनों मिलकर दिव्य-लिंग का अभिषेक कर रहे हैं – यही "जगतः पितरौ" का प्रत्यक्ष स्वरूप है ।`
`अभिषेक-जलधारा अर्थात समस्त भूतजात का पालन-पोषण ।`
`माता-पिता को प्रणाम🙇🏻♂️🌼`
`जो समस्त ब्रह्माण्ड के पिता हैं, जो समस्त दुःखों के हर्ता हैं ,जो वाक् तथा अर्थ के समान अभिन्न हैं ,`
`उन करुणामयी माता पार्वती औऱ पितामह महादेव को बारम्बार प्रणाम🙇🏻♂️🌼`
`ॐ पार्वतीपतये नमः`
`ॐ जगतः पित्रे नमः`
`ॐ रुद्राय नमः🚩`
`🌄🌄 प्रभात वन्दन 🌄🌄©®`