तुलसी दास जंयती

sn vyas
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4 hours ago
_*।। गोस्वामी तुलसीदास जयंती ।।*_ _सर्वप्रथम आपसभी को प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, महान संत एवं श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर कोटिशः नमन 🙏।_ अपनी कालजयी रचनाओं से उन्होंने रामभक्ति, धर्म, मर्यादा और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। उनका साहित्य हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसकी प्रेरणा अनंत काल तक समाज को लोकमंगल, सदाचार और सत्य के पथ पर अग्रसर करती रहेगी। हर साल श्रावण मास की सप्तमी तिथि को तुलसीदास जयंती मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन पवित्र और शुभ माना जाता है। यह महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने रामचरितमानस जैसी अमर और कालजयी कृति की रचना की। रामचरितमानस ने धार्मिक भावनाओं को सरल भाषा में जनमानस तक पहुँचाया और भक्ति मार्ग को आम लोगों के लिए सुलभ बना दिया। तुलसी बाबा पर लिखने के लिए किसी भी व्यक्ति के पास इतना कुछ हो सकता है कि जीवन भर लिखता रहे। उनकी रचनाएँ, उनका जीवन और उनकी शिक्षाएँ अथाह हैं। *तुलसी बाबा का जन्म और प्रारंभिक जीवन।* तुलसीदास जी का जन्म उत्तर प्रदेश के राजापुर गाँव में आत्माराम और माता हुलासी देवी के घर वर्ष 1532 के आसपास हुआ था। हालाँकि जन्म का वर्ष और स्थान पूरी तरह सटीक नहीं माना जाता। किंवदंतियों के अनुसार वे ऋषि वाल्मीकि के अवतार थे। वे अपने मुँह में 32 दाँतों के साथ पैदा हुए थे और रोने के बजाय उन्होंने अपना पहला शब्द “राम” कहा था। इसी कारण उन्हें रामबोला कहा जाता था।माता-पिता ने उन्हें छोड़ दिया था। एक दासी ने उन्हें गोद लिया, लेकिन जब तुलसीदास पाँच वर्ष के हुए तो दासी की मृत्यु हो गई। इसके बाद नरहरिदास ने उन्हें गोद लिया और वराह क्षेत्र ले गए, जहाँ उन्होंने पहली बार रामकथा सुनी। यहीं से उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। नरहरिदास ने ही उन्हें तुलसीदास नाम दिया। *वैराग्य और भक्ति का मार्ग* एक प्रसिद्ध कहानी के अनुसार तुलसीदास अपनी पत्नी से अत्यधिक स्नेह रखते थे। एक बार जब वे उनसे मिलने दौड़े तो पत्नी ने कहा कि यदि यही स्नेह उन्होंने भगवान राम के प्रति दिखाया होता तो उन्हें मोक्ष मिल जाता। यह बात उनके हृदय को गहराई से छू गई। उन्होंने सब कुछ त्याग दिया और प्रयाग में तपस्वी जीवन व्यतीत करने लगे। _*तुलसी बाबा का जन्मदिन याद करने का सच्चा मतलब यही है कि बाबा की जयंती पर हम उनके बताए रामचरितमानस के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लें।*_ 🍀 आध्यात्मिक ज्ञान 🍀 #🪔तुलसी दास जयंती 📿