दोहा

Manvir Madhhur Official
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1 months ago
हे पार्थ : मनवीर मधुर नमस्कार मित्रो, कई दिनों से मन में ये विचार आ रहा है कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे सामयिक संदर्भों से जुड़ी रचना, जैसे : दोहा, मुक्तक एवं घनाक्षरी आदि पोस्ट की जाए । और ये रचना “हे पार्थ…” शीर्षक से पोस्ट होगी । आपकी प्रतिक्रियायें हमें ऊर्जा प्रदान करेंगी । यदि कोई सुझाव हो तो वो भी आमंत्रित है । आज पहली रचना, दोहा आपके लिए : “कहने का शुभ भाव है, या मन में है खोट । कभी-कभी एक शब्द भी, देता गहरी चोट ॥” - मनवीर मधुर #heparth #PostViral #post #poetrylovers #viralpost #poetry #manvirmadhhur #दोहा