बिहार मे बाढ़

Naman News
1.7K views
13 hours ago
#🆕 ताजा अपडेट #📰 बिहार अपडेट #पप्पू यादव #बिहार मे बाढ़ #बिहार में भयानक बाढ़ 'आफत की बाढ़ में मसीहा बने पप्पू यादव':बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सांसद पप्पू यादव! पटना के एलसीटी और दीघा घाट पर बांटे 500-500 रुपये 💥 बिहार में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ का कहर लगातार जारी है। राजधानी पटना के कई दियारा और निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। इस बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे और पटना के एलसीटी घाट और दीघा घाट के आसपास बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। ​सांसद पप्पू यादव ने पानी में उतरकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं और दर्द सुना तथा तुरंत राहत सामग्री पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद और बेसहारा पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत के तौर पर अपनी जेब से 500-500 रुपये की नकद आर्थिक मदद भी बांटी। पप्पू यादव के इस आत्मीय अंदाज और त्वरित मदद की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की, वहीं उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़े पैमाने पर राहत शिविर और सूखा राशन उपलब्ध कराने की मांग की।
Parmod Jain
52.8K views
15 days ago
6 करोड़ में बिक रहा है अंडकोष! रील देखते ही शख्स ने काट डाला लड़के का प्राइवेट पार्ट, नहीं मिला कोई भी खरीददार सोशल मीडिया पर फैल रही गलत और सनसनीखेज जानकारी ने एक बार फिर अपनी खतरनाक सीमा दिखा दी है। मध्य प्रदेश के भोपाल में एक किशोर की हत्या का मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर वायरल रील के फेक दावे के आधार पर यह जघन्य अपराध किया। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक ने रील में देखा कि मानव अंडकोष विदेशों में करोड़ों रुपये में बिकते हैं। इस झूठे दावे से प्रेरित होकर उसने और उसके साथियों ने एक किशोर को निशाना बनाया। हत्या के बाद वे अंग बेचने की कोशिश में जुट गए लेकिन उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। पूरा मामला महज सोशल मीडिया के एक झूठ पर आधारित था। दंग रह गई पुलिस भोपाल पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तारियां की हैं। मुख्य आरोपी बीबीए का छात्र बताया जा रहा है जिसने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर साथियों को यकीन दिलाया था। रील में फैलाई गई अफवाह के अनुसार किशोर के अंग से भारी रकम मिलने का लालच दिया गया था. पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। किसी अंग तस्करी नेटवर्क या खरीददार का कोई सबूत नहीं मिला। यह घटना सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और यूजर्स की सावधानी दोनों पर सवाल उठाती है। हर दिन सैकड़ों रील और पोस्ट वायरल होते हैं जिनमें अतिरंजित, झूठे या खतरनाक दावे होते हैं। कुछ लोग इन्हें बिना सोचे-समझे सच मान लेते हैं और वास्तविक जीवन में अंजाम तक पहुंचा देते हैं। इस मामले में एक निर्दोष किशोर की जान चली गई सिर्फ इसलिए क्योंकि कुछ लोगों ने फेक रील पर भरोसा कर लिया था। चली गई मासूम की जान मृत किशोर पेन और चाभी के छल्ले बेचकर अपनी मां का सहारा बनता था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। आरोपियों ने उसे छोटी रकम के लालच में एकांत जगह ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अंग को कुछ दिनों तक रखा और खरीददार न मिलने पर उसे भी फेंक दिया। यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि डिजिटल युग की एक बड़ी समस्या को सामने लाता है। गलत सूचना कितनी तेजी से फैलती है और कैसे वास्तविक नुकसान पहुंचा सकती है। पुलिस और विशेषज्ञ बार-बार आगाह करते हैं कि वायरल दावों पर अंधविश्वास ना करें खासकर जब बात शरीर के अंगों या अवैध गतिविधियों की हो। अंग तस्करी जैसी अफवाहें समय-समय पर सोशल मीडिया पर घूमती रहती हैं। इनमें अक्सर विदेशी बाजारों और भारी रकम का जिक्र होता है ताकि लोग आकर्षित हों। सच्चाई यह है कि मानव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त गंभीर अपराध है और ऐसे दावे ज्यादातर फर्जी होते हैं। #भोपाल