भगवान दत्तात्रेय

sn vyas
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1 months ago
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻🌷जय भगवान दत्तात्रेय जी 🙏🏻👍 #श्री गुर दत्तात्रेय #श्री दत्तात्रेय🌻 `ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः 🌅🔱` `॥ श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं श्रीदत्तात्रेयाष्टकम् ॥` *आदौ ब्रह्ममुनीश्वरं हरिहरं सत्त्वं-रजस्तामसं ब्रह्माण्डं च त्रिलोकपावनकरं त्रैमूर्तिरक्षाकरम् ।* *भक्तानामभयार्थरूपसहितं सोऽहं स्वयं भावयन् सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥१॥* `अर्थात 👉🏻 जो सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा , विष्णु , शिव स्वरूप हैं । जो सत्त्व-रज-तम तीनों गुणों के ईश्वर एवं सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को पवित्र करने वाले हैं । ऐसे अभय देने वाले दिगम्बर दत्त मेरे सुन्दर चित्त में विराजमान हों ।` *विश्वं विष्णुमयं स्वयं शिवमयं ब्रह्मामुनीन्द्रोमयं ब्रह्मेन्द्रादिसुरागणार्चितमयं सत्यं समुद्रोमयम् ।* *सप्तं लोकमयं स्वयं जनमयं मध्यादिवृक्षोमयं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥२॥* `अर्थात 👉🏻 जो स्वयं विष्णुमय , शिवमय , ब्रह्ममय हैं । जिनकी ब्रह्मा-इन्द्र आदि देवगण पूजा करते हैं । जो सातों लोकों , प्रत्येक जीव तथा कल्पवृक्ष में व्याप्त हैं । ऐसे सर्वव्यापी दत्त मेरे हृदय में बसें ।` *आदित्यादिग्रहा स्वधाऋषिगणं वेदोक्तमार्गे स्वयं वेदंशास्त्र-पुराणपुण्यकथितं ज्योतिस्वरूपं शिवम् ।* *एवं शास्त्रस्वरूपया त्रयगुणैस्त्रैलोक्यरक्षाकरं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥३॥* `अर्थात 👉🏻 जो सूर्य-चन्द्र-ग्रह , ऋषिगण , वेद , शास्त्र , पुराण के स्वरूप हैं । जो ज्योतिर्मय औऱ तीनों गुणों से तीनों लोकों की रक्षा करते हैं । ऐसे शास्त्ररूप दत्त मेरे चित्त में निवास करें ।` *उत्पत्ति-स्थिति-नाशकारणकरं कैवल्यमोक्षप्रदं कैलासादिनिवासिनं शशिधरं रुद्राक्षमालागलम् ।* *हस्ते चाप-धनुःशराश्च मुसलं खट्वाङ्गचर्माधरं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥४॥* `अर्थात 👉🏻 जो सृष्टि की उत्पत्ति , स्थिति एवं लय के कारण हैं । जो कैवल्य मोक्ष देने वाले , कैलाशवासी , मस्तक पर चन्द्रमा तथा गले में रुद्राक्ष धारण करने वाले शिवरूप हैं ।` *शुद्धं चित्तमयं सुवर्णमयदं बुद्धिं प्रकाशोमयं भोग्यं भोगमयं निराहतमयं मुक्तिप्रसन्नोमयम् ।* *दत्तं दत्तमयं दिगम्बरमयं ब्रह्माण्डसाक्षात्करं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥५॥* `अर्थात 👉🏻 जो शुद्ध चित्त , सुवर्ण जैसी कांति औऱ बुद्धि के प्रकाश हैं । जो भोग व मोक्ष दोनों देने वाले , सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के साक्षी एवं दत्तमय दिगम्बर स्वरूप हैं ।` *सोऽहंरूपमयं परात्परमयं निःसङ्गनिर्लिप्तकं नित्यं शुद्धनिरञ्जनं निजगुरुं नित्योत्सवं मङ्गलम् ।* *सत्यं ज्ञानमनन्तब्रह्महृदयं व्याप्तं परोदैवतं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥६॥* `अर्थात 👉🏻 जो 'सोऽहं' स्वरूप , परात्पर , निसंग , नित्य , शुद्ध , मङ्गलमय हैं । जो स्वयं गुरु तथा अनंत ब्रह्म हैं । ऐसे परदेवता दत्त मेरे हृदय में हों ।` *काषायं करदण्डधारपुरुषं रुद्राक्षमालागलं भस्मोद्धूलितलोचनं कमलजं कोल्हापुरीभिक्षणम् ।* *काशीस्नानजपादिकं यतिगुरुं तन्माहुरीवासितं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥७॥* `अर्थात 👉🏻 जो काषाय वस्त्र , दंड , रुद्राक्षमाला , भस्मधारी यति हैं । जो कोल्हापुर में भिक्षा , काशी में जप-स्नान औऱ माहुर में निवास करते हैं ।` *कृष्णातीरनिवासिनं निजपदं भक्तार्थसिद्धिप्रदं मुक्तिं दत्तदिगम्बरं यतिगुरुं नास्तीति लोकाञ्जनम् ।* *सत्यं सत्यमसत्यलोकमहिमा प्राप्तव्यभाग्योदयं सोऽहं दत्तदिगम्बरं वसतु मे चित्ते महत्सुन्दरम् ॥८॥* `अर्थात 👉🏻 जो कृष्णा नदी के तट पर निवास करते हैं । जो भक्तों को सिद्धि एवं मुक्ति देने वाले यतिगुरु हैं । ऐसे सत्यस्वरूप दत्त मेरे चित्त में विराजें ।` *इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं श्रीदत्ताष्टकं सम्पूर्णम् ।* `श्रीगुरुदत्तात्रेयार्पणमस्तु💦🌼` *॥ गुरुवार का महत्व ॥* `आज गुरुवार है – दत्तात्रेय भगवान का प्रिय वार । इस दिन इस स्तोत्र के ८ बार पाठ करने से गुरु कृपा की प्राप्ति , बुद्धि प्रखर तथा संकट से रक्षा होती है ।` *अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्त🙏🏻🌼* *दिगम्बरा दिगम्बरा श्रीपाद वल्लभ दिगम्बरा🙏🏻🌼* `#सर्वज्ञशङ्कर` `#गुरुवार` `#श्रीदत्तात्रेयाष्टकम्` `#गुरुदेवदत्त` `#अवधूत` `#सोऽहम्` `#दिगम्बर` `#आदिअनादिअनंतशिवहर` `जय जय शङ्कर🚩` `हर हर शङ्कर🚩` `~ सर्वज्ञ शङ्कर🚩` `© सर्वाधिकार सुरक्षित । सर्वज्ञ शङ्कर🚩 चैनल` `🌄🌅 प्रभात वन्दन 🌅🌄`
sn vyas
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1 months ago
#🙏🏻🌷जय भगवान दत्तात्रेय जी 🙏🏻👍 #श्री दत्तात्रेय🌻 भगवान श्री दत्तात्रेय जी की जन्म कथा 🕉️🌺 🙏✨ ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः ✨🙏 🌿 सनातन धर्म में भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—का संयुक्त स्वरूप माना जाता है। उनके जन्म की कथा माता अनसूया और महर्षि अत्रि की महान तपस्या और पतिव्रता धर्म से जुड़ी हुई है। 🙏🪔 📖✨ पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी माता अनसूया अत्यंत धर्मपरायण और तपस्विनी थे। माता अनसूया की पतिव्रता शक्ति और तपस्या की ख्याति तीनों लोकों में प्रसिद्ध थी। एक बार माता अनसूया की परीक्षा लेने के लिए ब्रह्मा जी, भगवान विष्णु और भगवान शिव साधु का वेश धारण करके उनके आश्रम में पहुँचे। उन्होंने माता अनसूया से ऐसी भिक्षा माँगी, जिसे देना उनके लिए अत्यंत कठिन था। माता अनसूया ने अपनी तपस्या और पतिव्रता शक्ति के प्रभाव से उन तीनों देवों को बाल स्वरूप प्रदान कर दिया और उन्हें अपनी संतान की तरह प्रेम से पालने लगीं। 👶🌺 जब तीनों देवों की पत्नियों—माता सरस्वती, माता लक्ष्मी और माता पार्वती—को यह ज्ञात हुआ, तो उन्होंने माता अनसूया से अपने पतियों को उनके वास्तविक स्वरूप में लौटाने का आग्रह किया। माता अनसूया की पवित्रता और भक्ति से प्रसन्न होकर त्रिदेवों ने उन्हें वरदान दिया कि वे उनके पुत्र रूप में जन्म लेंगे। इसी दिव्य वरदान से भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्य हुआ। 🙏✨ 🌟 भगवान दत्तात्रेय को ज्ञान, योग, वैराग्य और आध्यात्मिक साधना का महान प्रतीक माना जाता है। उनके 24 गुरु होने की कथा भी अत्यंत प्रसिद्ध है, जिसमें उन्होंने प्रकृति और संसार की विभिन्न वस्तुओं एवं जीवों से जीवन के गहरे ज्ञान की शिक्षा प्राप्त की। 🕉️ भगवान दत्तात्रेय हमें सिखाते हैं कि सच्चा ज्ञान केवल पुस्तकों में नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि में छिपा हुआ है। 🌿✨ 🙏❤️ हे प्रभु दत्तात्रेय! हमारे जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करें और हमें सत्य, ज्ञान, भक्ति एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें। ❤️🙏 🌺 श्री गुरुदेव दत्त! 🌺 🕉️ अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्त! 🕉️ 🙏 जय भगवान दत्तात्रेय! 🙏