sn vyas
#भगवान #भ भक्ति भावनाएं #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
‼️*"||ॐ श्री परमात्मने नमः||"*‼️
🙏🏻"भगवान मेरे हैं"-🙏--
❣️यह प्रेम का जनक है! प्रेम होता हैं अपनापन से! हमारे को अब पता लग गया कि "हम भगवान के हैं,भगवान हमारे हैं"!अब हमारा दूसरा जन्म क्यों होगा?अब हमारा जनम - मरण कट गया*।।❣️
*🏵️ ✓✓म्हारा पना है - ये प्रेम का जनक है! प्रेम तपस्या से नहीं होता! त्याग से नहीं होता! प्रेम--👇---*"अपनापन से " होता है! ये मार्मिक बात है! मेरे को भी बहुत बाद में ये बात मालूम हुई! पीछे मालूम हुआ, संतो की कृपा से मालूम हुआ, कि "भगवान का प्रेम" कैसे हो? अपनापन से!✓✓**🏵️ ✓
🧘*""भगवान "हमारे हैं! प्रेम करने का कोई साधन नहीं होता है। प्रेम तो अपनापन से होता है! भगवान के समान अपना कोई नहीं है। भगवान के समान कोई नहीं है,भगवान म्हारा है, मैं भगवान का हूं,खास भगवान का लड़का हूं मैं। भगवान का होने से सब काम ठीक हो जाएगा।🏵️*
*🌻तुलसी दास जी महाराज कहते हैं कि ""बिगड़ी जनम अनेक की सुधरे अब ही आज,होई राम को नाम" । भगवान के हैं हम ,भूल गए,अब पता लग गया । *🌻
🛐*✓✓"हम भगवान के हैं"! ये मामूली बात नहीं है! ये बहुत बड़ा भजन है! नाम जप करना, याद करना, कीर्तन करना भजन है,परंतु ""मैं भगवान का हूं"" यह भजन के बराबर ही है!*🛐
🤹*भगवान हमारे हैं! हरेक हालत में भगवान हमारे हैं!* *ये भजन मामूली नहीं है! भगवान हमारे हैं ये बहुत ऊंचा भजन है! हमारा जनम - मरण कट गया सारा! ""हम भगवान के हैं,भगवान के हैं!✓✓""*🌻
*🌺 हमारा जनम क्यों होगा?*
✓✓अब पता लग गया कि "हम भगवान के हैं""! ""भगवान हमारे हैं""! ये बात बैठ जानी चाहिए भीतर में! हमारे भगवान है,मेरे भगवान हैं! भगवान का सम्बन्ध हो गया! और कितनी बाते सुनो, साधन करो, सब गौण है! मूल में बात यह है कि हम भगवान के हैं!🌺*✓✓
*🏵️ आप कैसे ही हो ,पापी हो पुण्यात्मा हो। कितने ही पापी हो जाय, दुष्ट हो जाय, "भगवान के हैं" इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता! आप कितने ही पापी हो जाओ पर भगवान के नहीं हो, ये कैसे हो जाएगा! ईश्वर के अंश तो है ही! हैं तो भगवान के ही! जैसे भी हैं भगवान के हैं। बहुत बढ़िया बात है,सीधी बात है!**🏵️
👩❤️👩जो पापात्मा होगा, वो ये थोड़े ही मानेगा कि मैं भगवान का हूं!भगवान तो मान लेंगे कि पापात्मां भी मेरा है!*👩❤️👩
🕉️*भगवान कहते हैं कि "मेरा है!" इसको कौन रद्दी कर सकता है, किसकी ताकत है!* *""सब मम प्रिय सब मम उपजाए",! मेरे पैदा किए हुवे है! मेरे प्यारे हैं सब! "ममे वांसो जीव लोके" ,इसको कैसे हटाओगे आप? "ईश्वर अंश जीव अविनाशी, चेतन अमल सहज सुख रासी"-- कैसे हटाओगे? सो माया वस भयउ गुसाई, बंधयो कीट मरकट की नाई"!*🕉️
🙏 नारायण!नारायण!🙏