Sanjana Ahirwar
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📜 माघ शुक्ल एकादशी, वि.सं. 1575 (सन् 1518) को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर (वर्तमान कबीर नगर) से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए।
📖 ऋग्वेद (मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2) प्रमाण देता है कि #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #💑वेडिंग वीडियो #💑शादियों के मजेदार मीम्स😂 परमात्मा सशरीर आते हैं और सशरीर ही लौटते हैं।
🌺 जब चादर उठाई गई तो शरीर नहीं मिला, केवल सुगंधित पुष्प पाए गए।
🔊 आकाशवाणी हुई — “उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा”।
🤍 इससे सिद्ध हुआ कि कबीर साहेब अजरो-अमर हैं।
🕌🛕 आज भी मगहर में मज़ार और समाधि पास-पास हैं, जो धार्मिक एकता का प्रतीक है। #🤗जया किशोरी जी🕉️
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