सुशील मेहता
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विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस को मनाने की शुरुआत 20 मार्च 2013 को एफडीआई वर्ल्ड डेंटल फेडरेशन ने की थी। तब से लेकर आजतक हर साल यह दिन मनाया जाता है। इसके बाद अगले ही साल से इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ डेंटल स्टूडेंट्स के सहयोग से एफडीआई एक वार्षिक विश्वव्यापी प्रतियोगिता भी आयोजित करवाई जा रही है। कोरोना के कारण इस तरह की प्रतियोगिता ऑनलाइन ही हो रही हैं। मौखिक स्वास्थ्य यदि ठीक नहीं है तो इससे कई सारी बीमारियां हो सकती है। दांतों में सड़न, कीड़े लगना जैसी समस्या मुंह में मौजूद एसिड के कारण होती है। इस वजह से दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं और यही कारण है कि कैविटी का निर्माण होता है। इसके अलावा मुंह में मौजूद बैक्टीरिया दांतों को खराब करने लगते हैं। समय पर ध्यान न देने पर मुंह का कैंसर भी हो सकता है। मुख कैंसर तंबाकू ,धूम्रपान, गुटखा ,खैनी ,जैसे हानिकारक खाद्य पदार्थ खाने से हो सकता है व मुख स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से दातों में सड़न,मसूड़ों में सूजन व खून आना, असमय दातों का गिरना, मुख से दुर्गंध, मुंह का कम खुलना, गर्म और मसालेदार खाने में परेशानी जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है .‘’लंबे समय तक मुंह में छाले रहना, मसूड़ों और ज़बान में सफेद या लाल चकत्ते या धब्बे होना, मुंह का कम खुलना या फिर ना खुलना ( 3 उंगली से कम का मुंह का खुलना), खाने में स्वाद का ना आना, आवाज में भारीपन महसूस होना, मसूड़ों, जबड़े की हड्डी और जीभ में सूजन , गले में सूजन, लंबी अवधि तक मुंह में घाव. अगर इसमें से कोई भी लक्षण हों अंतरराष्ट्रीय खुशी का दिन हर साल 20 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है। इस क्रम में आज अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस है। इसे पहली बार 2013 में मनाया गया था। जब संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पेश कर अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सेहतमंद रहने के लिए हैप्पीनेस यानी खुशी के प्रति जागरूक करना है। इस साल अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस का थीम 'हैप्पीनेस फॉर ऑल, फॉरएवर' है यानी सदा सभी के लिए खुशी है।भूटान में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है, ताकि लोग अपने परिवार के साथ रहकर खुशियों भर पल बिता सकें। जानकारों का कहना है कि भूटान में लोग आय से अधिक खुशी को महत्व देने की कोशिश करते हैं। आजकल लोग तनाव भरी जिंदगी जीने को आदी हो गए हैं। लोगों के चेहरे की मुस्कराहट तनाव और अवसाद के चलते गायब होने लगी है। इससे शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। तनाव एक मानसिक विकार है। इस स्थिति में व्यक्ति काल्पनिक दुनिया में जीने लगता है। इस विकार को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस का विशेष महत्व है। यह दिन लोगों को खुश रहने के लिए जागरूक करता है। आज लोगों को भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ वक्त अपने परिवार के साथ कुछ वक्त गुजारना चाहिए। तो तुरंत अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं प्रारंभिक अवस्था में समुचित उपचार मिलने पर कैंसर जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है. #जागरूकता दिवस
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