jai Singh Dass
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#सत_भक्ति_संदेश
जहां संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।।
सतलोक में केवल एक रस परम शांति व सुख है। सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें।
Visit: www. jagatgururampalji.org
#सत_भक्ति_संदेश
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