Rajinder Talwar
3K views • 5 days ago •
🙏 जय जय सीताराम जी। 🌺
जब सीता माता को वापस लाने के लिए श्रीराम की सेना समुद्र तट पर पहुँची, तब सबसे बड़ा प्रश्न था—इस अथाह समुद्र को कैसे पार किया जाए?
समाधान निकला कि समुद्र पर सेतु बनाया जाए। नल और नील ने सेतु निर्माण का कार्य संभाला। वानर और भालू सेना बड़े उत्साह से पर्वतों की चट्टानें और विशाल वृक्ष लाकर सेतु निर्माण में सहयोग करने लगी।
इसी बीच भगवान श्रीराम ने भी एक पत्थर उठाकर समुद्र में फेंका। स्वाभाविक रूप से वह पत्थर डूब गया।
भगवान श्रीराम ने मुस्कुराते हुए हनुमान जी को अपने पास बुलाया और पूछा—
“पवनपुत्र! लोग कहते हैं कि जिसके सिर पर आपका हाथ हो, वह हर संकट से पार हो जाता है। फिर यह पत्थर क्यों डूब गया?”
हनुमान जी ने अत्यंत विनम्रता से उत्तर दिया—
“प्रभु! जिसे आप अपना सहारा देते हैं, वह अवश्य पार हो जाता है। लेकिन जिसे आप छोड़ दें, उसका डूबना तो निश्चित है। इस पत्थर का भी यही हुआ।”
यह सुनकर सभी मौन हो गए।
🌼 इस कथा की सीख
जीवन में हमारी बुद्धि, शक्ति, धन और सफलता तभी तक सार्थक हैं, जब तक उन पर प्रभु की कृपा और उनका साथ बना रहता है।
मनुष्य अपने बल पर बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों से पार वही होता है जो अपने अहंकार को छोड़कर ईश्वर पर विश्वास रखता है।
जब हम स्वयं को प्रभु के चरणों में समर्पित कर देते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले मार्ग भी सरल होने लगते हैं।
इसलिए कठिन समय में घबराइए नहीं, बल्कि अपने विश्वास को और मजबूत कीजिए। भगवान का साथ मिल जाए तो डूबती हुई नैया भी किनारे लग जाती है।
#जय श्री राम सीता माता
• 29 shares